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Panipat News: सेवादल के लिए विशेष दिन सेवादल रैली

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Nov 2024 03:37 AM IST
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Special day for Seva Dal, Seva Dal rally
समालखा। संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर 77वां निरंकारी समागम शनिवार को शुरू हो गया है। यहां पर व्यवस्था बनाए रखने का काम सेवादल के हाथ में है। जिसमें महिलाएं व पुरुष शामिल हैं। इस सेवादल के समर्पण भाव के कारण समागम में एक दिन इनके लिए विशेष आयोजन किया जाता है। जिसे सेवादल की रैली के नाम से जाना जाता है। रविवार को सेवादल की रैली होगी। जिसमें सेवादल के सदस्य विभिन्न आयोजनों में भाग लेंगे। सतगुरु माता भी सेवादल की वर्दी पहनकर इसमें शामिल होंगी।
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समागम में व्यवस्था बनाए रखने को लेकर बाबा अवतार सिंह ने वर्ष 1959 में इसकी शुरूआत की। शुरूआत में इसकी छह यूनिट बनाई गई थी। जो वर्तमान 2118 यूनिट हैं। यह निरंकारी मंडल की रीढ़ मानी जाती है। पूरे देश को 162 क्षेत्र बांटा गया है और इनमें 146 क्षेत्रीय संचालक हैं। वर्तमान में समागम स्थल पर एक लाख सेवादल अपनी ड्यूटी संभाले हुए हैं जबकि मंडल के पास डेढ़ लाख सेवादल हैं।
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इसमें 80 हजार भाई व 70 हजार बहनें हैं। समागम स्थल पर सेवादल के चार कैंप चारों ब्लॉक में लगाए गए हैं। ये सेवादल यातायात व्यवस्था, लंगर, वाशिंग, स्वच्छता, पार्किंग आदि संभालते हुए हैं। समागम के सफल आयोजन में इनकी अहम भूमिका होती। यही कारण है कि समागम में एक दिन सेवादल रैली के नाम से इनके लिए विशेष रूप से होता है और समागम के उपरांत भी विशेष आयोजन इन सेवादल के लिए होता है।
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क्यों सेवादल को मिलती है वर्दी
निरंकारी मिशन के सेवादल की वर्दी और बैच केवल एक कपड़ा मात्र नहीं है अपितु इसके पीछे एक सेवादार का बड़ा सेवाभाव और आध्यात्मक प्रेम छिपा हुआ है। जिस पर चलकर वह हर समय सेवा करते हुए परमात्मा के मिलन के सुकून को प्राप्त करता है।

इसके लिए सेवादार लगातार निष्काम भाव से सेवा तो करते हैं साथ ही उसका चरित्र, व्यवहार भी उसे इस वर्दी के लायक बनाते हैं। वर्दी लेने के लिए सेवादार को पहले समागम से इसके लिए एक फाॅर्म मिलता है। जिसे भरकर और अपने क्षेत्र के संचालक के हस्ताक्षर करवाने के बाद वापिस काउंटर पर देता है। उसके बाद उक्त सेवादार के रिकार्ड को निरंकारी मंडल की ओर से जांचा जाता है और फिर उसे वर्दी और जैकेट का कपड़ा दिया जाता है।
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