फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Smoking and trauma are linked to schizophrenia

Panipat News: धूम्रपान और सदमा से सिजोफ्रेनिया के शिकार हो रहे लोग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2026 02:36 AM IST
विज्ञापन
Smoking and trauma are linked to schizophrenia
पानीपत। तंबाकू या ज्यादा धूम्रपान और सदमे से लोग सिजोफ्रेनिया से ग्रस्त हाे रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में इसके हर महीने करीब 10 नए मरीज सामने आ रहे हैं। सदमे के कारण सिजोफ्रेनिया में युवा अधिक हैं। सिजोफ्रेनिया के हाल में 1541 मरीजों का इलाज चल रहा है, इसमें व्यक्ति को अपने आसपास किसी के होने का भ्रम होने लगता है या वह स्वयं ही कुछ गलत अनुमान लगाने लगता है। परिजन चिकित्सक इलाज न लेकर झाड़फूंक कराने में लगे हैं। मनोरोग विशेषज्ञ लोगों को चिकित्सक इलाज लेने की सलाह दे रहे हैं।
विज्ञापन

जिला नागरिक अस्पताल में मनोरोग काउंसलर विनोद कुमार ने बताया कि सिजोफ्रेनिया 25 से 40 वर्ष तक के लोगों में ज्यादा हो रही है। इसका मुख्य कारण युवाओं को तंबाकू, अल्कोहल का ज्यादा सेवन, प्रेम-प्रसंग या किसी भी प्रकार से अचानक गहरा सदमा लगना और सिर पर लगी चोट है, ऐसे में व्यक्ति स्वयं ही कुछ भी महसूस करने लग जाता है जबकि वास्तविकता में होता नहीं है। वह इन सब चीजों को भी महसूस करने लगता है। यदि शुरुआती लक्षणों में ही इसका इलाज न कराया जाए तो फिर इसका इलाज जीवनभर चलता है और कई बार तो मरीज को बचाना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन


केस एक
जिला नागरिक काउंसलिंग के लिए आई एक युवती के पिता ने बताया कि एक समय उनकी बेटी कॉलेज में अपनी कक्षा टॉप रही है। वह अचानक सदमे में चली गई। अब उनको कुछ भी सुध-बुध नहीं है। उन्होंने पहले उसे झाड़-फूंक से ठीक करने की कोशिश की लेकिन वहां से कोई आराम नहीं मिला। अब उसे जिला नागरिक अस्पताल लेकर आए। उनकी बेटी ने काउंसलर को बताया कि वह एक लड़के से प्रेम करती थी। वह उस लड़के को एक साल में करीब 80 हजार रुपये दे चुकी हैं। लड़के ने बाद में उनसे शादी करने से मना कर दिया। वह यह धोखा सहन नहीं कर पाई। अब वह सन्न रहने लगी है। अस्पताल से इलाज शुरू किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है सिजोफ्रेनिया
सिज़ोफ्रेनिया एक गंभीर और दीर्घकालिक मानसिक विकार है, जो किसी व्यक्ति के सोचने, महसूस करने, निर्णय लेने और व्यवहार करने के तरीके को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को वास्तविकता (सच्चाई) और अपनी कल्पना या भ्रम के बीच अंतर समझने में बहुत कठिनाई होती है, जिसे सामान्य भाषा में लोग वास्तविकता से संपर्क टूटना भी कहते हैं।


वर्जन
सिजोफ्रेनिया एक गंभीर बीमारी है इसमें व्यक्ति को कोई भी वहम हो सकता है इसलिए झाड़-फूंक में समय व्यर्थ न करके समय रहते चिकित्सक इलाज कराए। ताकि उनके जीवन को बचाया जा सके।
- डॉ. मोना नागपाल, मनोरोग विशेषज्ञ जिला नागरिक अस्पताल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed