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Panipat News: टेक्सटाइल नगरी में नाग की सात प्रजातियां
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिले में नागों की करीब सात प्रजातियां हैं। इनमें कॉमन क्रेट और रसेल वाइपर ज्यादा खतरनाक हैं।
कॉमन क्रेट कोबरा से भी ज्यादा जहरीला माना जाता है और यह रात में सोते हुए व्यक्ति को काटता है। रसेल वाइपर भी बहुत जहरीला होता है और इसके काटने से जान भी जा सकती है। प्रदेश में सांपों की करीब 13 प्रजातियां पाई जाती हैं जिनमें कोबरा भी शामिल है।
वन क्षेत्र घटने के साथ नागों की प्रजाति भी कम हो रही हैं। पानीपत में मुख्य रूप से कोबरा, कॉमन क्रेट, रसेल वाइपर, रॉयल एडिड व रेट स्नैक प्रजाति के सांप मुख्य रूप से पाए जाते हैं। इनमें रेट स्नैक चूहों को खाता है।
सामान्य रूप से सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पंचमी पर नाग को दूध पिलाने की परंपरा है। इस पर तरह-तरह की मान्यताएं हैं। वन्य एवं प्राणी विभाग की मानें तो नाग को पालना या रखना कानूनन अपराध है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है। विभाग इनसे नाग लेकर जंगल में छोड़ देता है।
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पानीपत। जिले में नागों की करीब सात प्रजातियां हैं। इनमें कॉमन क्रेट और रसेल वाइपर ज्यादा खतरनाक हैं।
कॉमन क्रेट कोबरा से भी ज्यादा जहरीला माना जाता है और यह रात में सोते हुए व्यक्ति को काटता है। रसेल वाइपर भी बहुत जहरीला होता है और इसके काटने से जान भी जा सकती है। प्रदेश में सांपों की करीब 13 प्रजातियां पाई जाती हैं जिनमें कोबरा भी शामिल है।
वन क्षेत्र घटने के साथ नागों की प्रजाति भी कम हो रही हैं। पानीपत में मुख्य रूप से कोबरा, कॉमन क्रेट, रसेल वाइपर, रॉयल एडिड व रेट स्नैक प्रजाति के सांप मुख्य रूप से पाए जाते हैं। इनमें रेट स्नैक चूहों को खाता है।
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सामान्य रूप से सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पंचमी पर नाग को दूध पिलाने की परंपरा है। इस पर तरह-तरह की मान्यताएं हैं। वन्य एवं प्राणी विभाग की मानें तो नाग को पालना या रखना कानूनन अपराध है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है। विभाग इनसे नाग लेकर जंगल में छोड़ देता है।
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