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सड़क हादसे : 10 माह में 304 लोगों की गई जान, 337 घायल
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। सकार ने सड़क सुरक्षा के लिए हादसों में 20 प्रतिशत तक की कमी लाने का लक्ष्य रखा था लेकिन जिले में सड़कों पर होने वाली मौत का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है।
तीन साल में सड़कों पर होने वालों हादसों में साल-दर-साल वृद्धि हुई है। 10 माह में ही जिले में हादसों में 304 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 2024 में यह आंकड़ा पूरे साल में 308 था।
औद्योगिक नगर पानीपत के बीच से जीटी रोड हाईवे गुजरता है। इसके साथ ही जिले में रोहतक बाइपास हाईवे व सड़कों का जाल बिछा है। हाईवे पर दिन-रात वाहन फर्राटा भरते हैं। जिस कारण जिले में सड़क हादसों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।
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जिला क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों की मानें तो जिले में 1 जनवरी से 31 अक्तूबर तक 496 हादसे हो चुके हैं। इनमें मृतकों की संख्या 304 तक पहुंच गई और 337 लोग घायल हुए हैं। अभी दो माह का समय शेष है। जिले में औसतन प्रतिदिन सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत होती है। जिससे यह संख्या बढ़ सकती है।
इनमें भी आधे व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वर्ष 2024 में जिले में 570 सड़क हादसों में 308 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2023 में 516 हादसों में 282 लोगों की मौत हुई थी।
वाहन चालक भी लापरवाह : सड़क हादसों के लिए वाहन चालकों की लापरवाही भी बड़ा कारण है। हाईवे पर तेज गति से वाहन दौड़ाने से हादसे होते हैं। इसके बावजूद जिले में ओवर स्पीड के मामले कम नहीं हैं। पुलिस 10 माह में करीब 78 हजार चालान कर चुकी है। वहीं शराब पीकर वाहन चलाने के मामले भी बढ़े हैं। पुलिस ने अभियान चलाकर 1492 लोगों को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा था। इनमें से कुछ ऐसे मिले थे जिनके वाहनों को जब्त कर लिया गया था।
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पानीपत। सकार ने सड़क सुरक्षा के लिए हादसों में 20 प्रतिशत तक की कमी लाने का लक्ष्य रखा था लेकिन जिले में सड़कों पर होने वाली मौत का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है।
तीन साल में सड़कों पर होने वालों हादसों में साल-दर-साल वृद्धि हुई है। 10 माह में ही जिले में हादसों में 304 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 2024 में यह आंकड़ा पूरे साल में 308 था।
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औद्योगिक नगर पानीपत के बीच से जीटी रोड हाईवे गुजरता है। इसके साथ ही जिले में रोहतक बाइपास हाईवे व सड़कों का जाल बिछा है। हाईवे पर दिन-रात वाहन फर्राटा भरते हैं। जिस कारण जिले में सड़क हादसों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।
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जिला क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों की मानें तो जिले में 1 जनवरी से 31 अक्तूबर तक 496 हादसे हो चुके हैं। इनमें मृतकों की संख्या 304 तक पहुंच गई और 337 लोग घायल हुए हैं। अभी दो माह का समय शेष है। जिले में औसतन प्रतिदिन सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत होती है। जिससे यह संख्या बढ़ सकती है।
इनमें भी आधे व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वर्ष 2024 में जिले में 570 सड़क हादसों में 308 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 2023 में 516 हादसों में 282 लोगों की मौत हुई थी।
वाहन चालक भी लापरवाह : सड़क हादसों के लिए वाहन चालकों की लापरवाही भी बड़ा कारण है। हाईवे पर तेज गति से वाहन दौड़ाने से हादसे होते हैं। इसके बावजूद जिले में ओवर स्पीड के मामले कम नहीं हैं। पुलिस 10 माह में करीब 78 हजार चालान कर चुकी है। वहीं शराब पीकर वाहन चलाने के मामले भी बढ़े हैं। पुलिस ने अभियान चलाकर 1492 लोगों को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा था। इनमें से कुछ ऐसे मिले थे जिनके वाहनों को जब्त कर लिया गया था।