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विकास कार्यों में कोताही पर एडीसी की फटकार
अमर उजाला, पानीपत
Updated Wed, 08 Jan 2014 12:07 AM IST
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मतलौडा। एडीसी आरएस वर्मा ने मंगलवार को छुट्टी के दिन ब्लॉक के सरपंचाें, ग्राम सचिवाें और कनिष्ठ अभियंताओं की बैैठक में विकास कार्यों की समीक्षा की। कामकाज ढीले पाए जाने पर उन्होंने जमकर फटकार लगाई।
बैठक के दौरान एडीसी ने बारी-बारी से जैसे ही कई सरपंचों और ग्राम सचिवों से उनके विकास कार्यों के पूरा न होने बारे पूछा तो वे इधर उधर बंगले झांकने लगें। बैठक में न तो कोई सही ढंग से प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार करके लाया और न ही किसी के पास विकास कार्यों के वाजिब आंकड़े पाए।
जब कोई भी उचित जवाब नहीं दे पाया तो एडीसी ने उन्हाेंने जमकर फटकार लगाई और शनिवार तक उनके विकास कार्यों की रिपोर्ट उनके कार्यालय में पहुंचाने के सख्त आदेश दिए।
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उन्हाेंने साफ कहा कि अगर कोई भी सरपंच व कर्मचारी सरकार की योजनाओं को समय रहते ठीक से लागू नही करेगा तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
एडीसी ने बैठक लेने की सूचना पहले ही सभी सरपंचों व कार्यालय के कर्मचारियों को दे दी गई थी। लेकिन कई सरपंच काम पूरा न होने के कारण बैठक में ही नहीं आए।
वर्मा ने पूछा कि करीब एक साल पहले डी प्लान के तहत क्षेत्र में 86 विकास कार्य करवाने के लिए दो करोड़ रुपये की ग्रांट भेजी थी।
एडीसी ने बताया कि खंड कार्यालय में छह माह पूर्व एक करोड़ रुपये की ग्रांट भेजी थी। लेकिन इसमें से अब भी 67 लाख की ग्रांट राशि बकाया है।
उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरपंचों और संबधित कर्मचारियों की ढीली कार्यशैली के कारण केंद्र सरकार ने डी प्लान के 16 करोड़ रुपये के बजट को घटा कर मात्र चार करोड़ कर दिया है।
सरपंचों व ग्राम सचिवों की कार्यशैली से नाराज एडीसी ने उन्हें जमकर फटकार लगाते हुए बीडीपीओ सुमित चौधरी को कहा कि अगर कोई भी कर्मचारी और सरपंच काम करवाने में रुचि न लें तो उसके खिलाफ लिखकर उनके पास भेजे। उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
एडीसी ने सरपंचों को कहा कि निर्माण सामग्री के नए रेट अगले दो-तीन दिन मेें जारी करवा दिए जाएंगे। इस दौरान बैठक में मतलौडा, ऊंटला और डुमियाना गांवों का ही काम संतोषजनक पाया।
बैठक में सरपंचों की ओर से गोचरांद की खाली जमीनों पर अवैध कब्जे होने की बात कही तो एडीसी ने कहा कि गोचरांद की जमीनें खाली ही रखी जाएगी। अगर उस जमीन पर कोई अवैध कब्जा करने का दुस्साहस करता है तो तुरंत उसकी सूचना उन्हें दें। उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक के दौरान एडीसी ने बारी-बारी से जैसे ही कई सरपंचों और ग्राम सचिवों से उनके विकास कार्यों के पूरा न होने बारे पूछा तो वे इधर उधर बंगले झांकने लगें। बैठक में न तो कोई सही ढंग से प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार करके लाया और न ही किसी के पास विकास कार्यों के वाजिब आंकड़े पाए।
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जब कोई भी उचित जवाब नहीं दे पाया तो एडीसी ने उन्हाेंने जमकर फटकार लगाई और शनिवार तक उनके विकास कार्यों की रिपोर्ट उनके कार्यालय में पहुंचाने के सख्त आदेश दिए।
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उन्हाेंने साफ कहा कि अगर कोई भी सरपंच व कर्मचारी सरकार की योजनाओं को समय रहते ठीक से लागू नही करेगा तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
एडीसी ने बैठक लेने की सूचना पहले ही सभी सरपंचों व कार्यालय के कर्मचारियों को दे दी गई थी। लेकिन कई सरपंच काम पूरा न होने के कारण बैठक में ही नहीं आए।
वर्मा ने पूछा कि करीब एक साल पहले डी प्लान के तहत क्षेत्र में 86 विकास कार्य करवाने के लिए दो करोड़ रुपये की ग्रांट भेजी थी।
एडीसी ने बताया कि खंड कार्यालय में छह माह पूर्व एक करोड़ रुपये की ग्रांट भेजी थी। लेकिन इसमें से अब भी 67 लाख की ग्रांट राशि बकाया है।
उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरपंचों और संबधित कर्मचारियों की ढीली कार्यशैली के कारण केंद्र सरकार ने डी प्लान के 16 करोड़ रुपये के बजट को घटा कर मात्र चार करोड़ कर दिया है।
सरपंचों व ग्राम सचिवों की कार्यशैली से नाराज एडीसी ने उन्हें जमकर फटकार लगाते हुए बीडीपीओ सुमित चौधरी को कहा कि अगर कोई भी कर्मचारी और सरपंच काम करवाने में रुचि न लें तो उसके खिलाफ लिखकर उनके पास भेजे। उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
एडीसी ने सरपंचों को कहा कि निर्माण सामग्री के नए रेट अगले दो-तीन दिन मेें जारी करवा दिए जाएंगे। इस दौरान बैठक में मतलौडा, ऊंटला और डुमियाना गांवों का ही काम संतोषजनक पाया।
बैठक में सरपंचों की ओर से गोचरांद की खाली जमीनों पर अवैध कब्जे होने की बात कही तो एडीसी ने कहा कि गोचरांद की जमीनें खाली ही रखी जाएगी। अगर उस जमीन पर कोई अवैध कब्जा करने का दुस्साहस करता है तो तुरंत उसकी सूचना उन्हें दें। उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।