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रावण का सिर कहीं, धड़ कहीं था, सड़क पर लेटाकर किया दहन
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शहर में रावण दहन के दौरान शुक्रवार को अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई। प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं देने और आयोजन समिति की ओर से झांकियां निकालने के कारण निर्धारित समय पर दहन नहीं हो सका। ऐसे में रावण का धड़ चुलकाना रोड पर पड़ा रहा जबकि सिर एवं हाथ रेलवे रोड पर रखे रहे। झांकियां निकालने की वजह से जाम लग गया और फिर रात पौने आठ बजे लोगों के घर जाने के बाद रावण का पुतला लेटाकर दहन करना पड़ा।
हर बार नई अनाज मंडी में रावण दहन के मेले का आयोजन होता था, लेकिन धान का सीजन होने के कारण प्रशासन द्वारा स्वीकृति नहीं दी गई, जिसके बाद आयोजन समिति ने रेलवे पार्क पर रावण दहन के लिए मुनादी भी करा दी थी, लेकिन जीआरपी ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए मना कर दिया। इसके बाद चुलकाना मोड़ के पास रावण दहन की बात कही, लेकिन कुछ दुकानदारों ने विरोध कर दिया। पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा का हवाला देते हुए अनुमति देने से मना कर दिया। नतीजा रावण का धड़ चुलकाना रोड और सिर रेलवे रोड पर पड़ा रहा। देर शाम तक आयोजन समिति प्रशासन से रेलवे रोड पर पुतला जलाने की अनुमति मांगते रही, लेकिन नहीं मिली। फिर रात पौने आठ बजे पुलिस प्रशासन ने अपनी देख रेख में पुतले को सड़क पर लेटाकर दहन कराया।
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हर बार नई अनाज मंडी में रावण दहन के मेले का आयोजन होता था, लेकिन धान का सीजन होने के कारण प्रशासन द्वारा स्वीकृति नहीं दी गई, जिसके बाद आयोजन समिति ने रेलवे पार्क पर रावण दहन के लिए मुनादी भी करा दी थी, लेकिन जीआरपी ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए मना कर दिया। इसके बाद चुलकाना मोड़ के पास रावण दहन की बात कही, लेकिन कुछ दुकानदारों ने विरोध कर दिया। पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा का हवाला देते हुए अनुमति देने से मना कर दिया। नतीजा रावण का धड़ चुलकाना रोड और सिर रेलवे रोड पर पड़ा रहा। देर शाम तक आयोजन समिति प्रशासन से रेलवे रोड पर पुतला जलाने की अनुमति मांगते रही, लेकिन नहीं मिली। फिर रात पौने आठ बजे पुलिस प्रशासन ने अपनी देख रेख में पुतले को सड़क पर लेटाकर दहन कराया।
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