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समालखा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों ने जुर्माने के विरोध में जड़ा ताला
ब्यूरो/अमर उजाला समालखा।
Updated Thu, 14 Apr 2016 12:18 AM IST
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पानीपत
- फोटो : अमर उजाला
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समालखा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों ने कॉलेज के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ रोष व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने प्रबंधन पर हजारों रुपये का जुर्माना वसूलने और कॉलेज में बेहतर सुविधा न देने का आरोप लगाया। विद्यार्थियों का आरोप है कि प्रबंधन ने दाखिलों से पहले बेहतर सुविधाओं का दावा किया था। इस दौरान आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर भी विद्यार्थियों के बीच में पहुंचे।
हथवाला स्थित एसजीआई कॉलेज के सैकड़ों विद्यार्थियों ने बुधवार को हजारों रुपये का जुर्माना लगाने के विरोध में कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया और कॉलेज के मेन गेट पर ताला जड़ दिया। विद्यार्थियों ने हाथों में बैनर लेकर प्रबंधन के विरोध में जमकर नारेबाजी की और न्याय की मांग की। वहीं प्रदर्शन की सूचना लगते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि हाजिरी कम होने का बहाना बनाकर संस्थान द्वारा उन पर दस हजार से चालीस हजार रुपये तक का जुर्माना लगा दिया गया है और जुर्माना जमा कराने दबाव बनाया जा रहा है। उनको जुर्माना जमा न कराने पर रोल नंबर न देने की धमकी दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त यूनिवर्सिटी फीस से भी अधिक फीस उनसे ली जा रही है। जबकि बांड भरते समय उन्हें बताया गया था कि हर वर्ष फीस कम होती जाएगी। यहीं नहीं दाखिलों के समय उन्हें बताया था कि अच्छी कंपनियों में प्लेसमेंट करवाई जाती है, जबकि यहां की प्लेसमेंट शून्य है। कई महीनों से वाई-फाई की सुविधा भी बंद पड़ी है, जबकि उसके शुल्क लिया जाता है। इस बारे में शिकायत या विरोध करने पर उन्हें पुलिस की धमकी दी जाती है। समाचार लिखे जाने तक विद्यार्थियों का प्रदर्शन जारी रहा।
हॉस्टल में सुविधाओं की कमी
विद्यार्थियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि हास्टल में भी सुविधाएं नहीं दी जा रही। कई बार तो खाना भी खराब दिया जाता है और इस बारे में शिकायत करने पर उन्हें बाहर जाकर खाने के लिए कहा जाता है।
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अभिभावक भी चिंतित
वहीं, एक छात्र के पिता ने नोएडा से फोन कर पत्रकारों को बताया कि बच्चों से काफी ज्यादा जुर्माना वसूला जा रहा है। संस्थान में सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं दिया जा रहा और वे चिंतित हैं कि कहीं बच्चों का भविष्य ना खराब हो जाए। वहीं इस बारे में पत्रकारों से बात करते हुए एक महिला एक्जिक्यूटिव ने सभी आरोपों को नकार दिया और उन्होंने नाम पूछने पर अपना नाम बताने से इंकार कर दिया।
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हथवाला स्थित एसजीआई कॉलेज के सैकड़ों विद्यार्थियों ने बुधवार को हजारों रुपये का जुर्माना लगाने के विरोध में कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया और कॉलेज के मेन गेट पर ताला जड़ दिया। विद्यार्थियों ने हाथों में बैनर लेकर प्रबंधन के विरोध में जमकर नारेबाजी की और न्याय की मांग की। वहीं प्रदर्शन की सूचना लगते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि हाजिरी कम होने का बहाना बनाकर संस्थान द्वारा उन पर दस हजार से चालीस हजार रुपये तक का जुर्माना लगा दिया गया है और जुर्माना जमा कराने दबाव बनाया जा रहा है। उनको जुर्माना जमा न कराने पर रोल नंबर न देने की धमकी दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त यूनिवर्सिटी फीस से भी अधिक फीस उनसे ली जा रही है। जबकि बांड भरते समय उन्हें बताया गया था कि हर वर्ष फीस कम होती जाएगी। यहीं नहीं दाखिलों के समय उन्हें बताया था कि अच्छी कंपनियों में प्लेसमेंट करवाई जाती है, जबकि यहां की प्लेसमेंट शून्य है। कई महीनों से वाई-फाई की सुविधा भी बंद पड़ी है, जबकि उसके शुल्क लिया जाता है। इस बारे में शिकायत या विरोध करने पर उन्हें पुलिस की धमकी दी जाती है। समाचार लिखे जाने तक विद्यार्थियों का प्रदर्शन जारी रहा।
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हॉस्टल में सुविधाओं की कमी
विद्यार्थियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि हास्टल में भी सुविधाएं नहीं दी जा रही। कई बार तो खाना भी खराब दिया जाता है और इस बारे में शिकायत करने पर उन्हें बाहर जाकर खाने के लिए कहा जाता है।
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अभिभावक भी चिंतित
वहीं, एक छात्र के पिता ने नोएडा से फोन कर पत्रकारों को बताया कि बच्चों से काफी ज्यादा जुर्माना वसूला जा रहा है। संस्थान में सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं दिया जा रहा और वे चिंतित हैं कि कहीं बच्चों का भविष्य ना खराब हो जाए। वहीं इस बारे में पत्रकारों से बात करते हुए एक महिला एक्जिक्यूटिव ने सभी आरोपों को नकार दिया और उन्होंने नाम पूछने पर अपना नाम बताने से इंकार कर दिया।