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पावर हाउस पर जड़ा ताला
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Tue, 27 May 2014 12:01 AM IST
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समालखा के गांव आट्टा में लगे 33 केवीए पावर हाउस से साल भर बाद भी सीधे तौर पर गांव की बिजली सप्लाई न जोड़े जाने से नाराज ग्रामीणों ने सभी फीडरों की बिजली सप्लाई बंद करते कर्मचारी को बाहर निकालते पावर हाउस पर ताला लगा दिया।
इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों व सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। बाद में बिहौली सब डिवीजन एसडीओ अमरदीप दहिया ने ग्रामीणों को एस्टीमेट बनने का आश्वासन देकर समझाते ताला खुलवाया।
ग्रामीण बलबीर, नवीन, जगबीर, जोगिंद्र, राजा, पवन, रोहताश, बिजेंद्र, इंद्र और भीम ने बताया कि उनके गांव में दो साल पहले 33केवीए पावर हाउस का निर्माण किया गया था। इसके लिए ग्राम पंचायत ने बिजली सुविधा को देखते फ्री में जमीन दी।
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पावर हाउस के शिलान्यास के दौरान ही ग्रामीणों ने बिजली मंत्री कैप्टन अजय यादव और विभागीय अधिकारियों के सामने गांव की सप्लाई सीधे तौर पर जोड़ने की मांग की थी।
इस पर उन्होंने हमारी मांग को मान लिया था, लेकिन पावर हाउस चालू होने के साल भर बाद भी गांव की सप्लाई को सीधे जोड़ने की बजाय साथ के गांव खोजकीपुर से सप्लाई लाइन को लाया गया है। जिस कारण चौबीस घंटे में से सिर्फ सात से आठ घंटे ही बिजली मिल पाती है।
उन्होंने बताया कि पिछले काफी समय से वे पावर हाउस से गांव की सप्लाई सीधे तौर पर जोड़ने को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार आश्वासन देकर चलता कर दिया जाता है।
इसलिए मजबूरन आज उन्हें ताला लगाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि अब नहीं होता है तो आने वाले धान के सीजन में उनको काफी परेशानी उठानी पड़ेगी।
वहीं, मौके पर पहुंचे बिहौली सब डिवीजन के एसडीओ अमरदीप दहिया ने ग्रामीणों को बताया कि गांव की सप्लाई को सीधे जोड़ने को लेकर एस्टीमेट बनाया गया है। इसे अधिकारियों को पास करवाने के लिए भेजा जाएगा। एस्टीमेट पास होते ही सामान लाकर गांव की सप्लाई पावर हाउस से सीधे जोड़ दी जाएगी।
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इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों व सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। बाद में बिहौली सब डिवीजन एसडीओ अमरदीप दहिया ने ग्रामीणों को एस्टीमेट बनने का आश्वासन देकर समझाते ताला खुलवाया।
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ग्रामीण बलबीर, नवीन, जगबीर, जोगिंद्र, राजा, पवन, रोहताश, बिजेंद्र, इंद्र और भीम ने बताया कि उनके गांव में दो साल पहले 33केवीए पावर हाउस का निर्माण किया गया था। इसके लिए ग्राम पंचायत ने बिजली सुविधा को देखते फ्री में जमीन दी।
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पावर हाउस के शिलान्यास के दौरान ही ग्रामीणों ने बिजली मंत्री कैप्टन अजय यादव और विभागीय अधिकारियों के सामने गांव की सप्लाई सीधे तौर पर जोड़ने की मांग की थी।
इस पर उन्होंने हमारी मांग को मान लिया था, लेकिन पावर हाउस चालू होने के साल भर बाद भी गांव की सप्लाई को सीधे जोड़ने की बजाय साथ के गांव खोजकीपुर से सप्लाई लाइन को लाया गया है। जिस कारण चौबीस घंटे में से सिर्फ सात से आठ घंटे ही बिजली मिल पाती है।
उन्होंने बताया कि पिछले काफी समय से वे पावर हाउस से गांव की सप्लाई सीधे तौर पर जोड़ने को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार आश्वासन देकर चलता कर दिया जाता है।
इसलिए मजबूरन आज उन्हें ताला लगाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि अब नहीं होता है तो आने वाले धान के सीजन में उनको काफी परेशानी उठानी पड़ेगी।
वहीं, मौके पर पहुंचे बिहौली सब डिवीजन के एसडीओ अमरदीप दहिया ने ग्रामीणों को बताया कि गांव की सप्लाई को सीधे जोड़ने को लेकर एस्टीमेट बनाया गया है। इसे अधिकारियों को पास करवाने के लिए भेजा जाएगा। एस्टीमेट पास होते ही सामान लाकर गांव की सप्लाई पावर हाउस से सीधे जोड़ दी जाएगी।