{"_id":"612937958ebc3e13753386a7","slug":"players-doubled-lights-only-one-could-not-practice-in-the-evening-panipat-news-knl81325433","type":"story","status":"publish","title_hn":"खिलाड़ी दोगुने हुए, लाइट सिर्फ एक, शाम को नहीं कर पाते अभ्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खिलाड़ी दोगुने हुए, लाइट सिर्फ एक, शाम को नहीं कर पाते अभ्यास
विज्ञापन
पानीपत। पानीपत शिवाजी स्टेडियम में ग्राउंड में नही है लाइट, जिससे खिलाड़ियों को शाम के समय अभ्या?
- फोटो : Panipat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा के ओलंपिक में स्वर्ण पदक लाने के बाद शिवाजी स्टेडियम में खिलाड़ियों की संख्या पहले के मुकाबले दोगुनी हो गई। खिलाड़ियों के साथ-साथ आसपास के लोग भी शाम को यहां सैर सपाटा करने आते हैं। परेशानी की बात यह है कि शिवाजी स्टेडियम में लाइट की व्यवस्था नहीं है। इसी कारण खिलाड़ी शाम सात बजे के बाद यहां अभ्यास नहीं कर पाते। अभी दिन में ज्यादा मौसम गर्म रहता है, इसलिए खिलाड़ी शाम को अभ्यास करते हैं। लेकिन स्टेडियम में सिर्फ एक ही लाइट है, जोकि स्टेडियम के कार्यालय के सामने है। जिस कारण स्टेडियम में शाम के सात बजे के बाद अंधेरा छा जाता है।
स्टेडियम के मैदान में लाइट न होने के कारण खिलाड़ी केवल दो घंटे ही अभ्यास कर पाते हैं। कुश्ती के खिलाड़ी अभिषेक व सतबीर ने बताया कि वह शाम को 5 बजे अभ्यास करने के लिए स्टेडियम आ जाते हैं और शाम को 7 बजे तक ही सही से अभ्यास कर पाते हैं। उसके बाद स्टेडियम में अंधेरा होने लगता है। वहीं खिलाड़ी सुनील का कहना है कि जब कभी उनको प्रतियोगिता की तैयारी करनी होती है तो वह दोपहर 2 या 3 बजे स्टेडियम में आकर अभ्यास करने लग जाते हैं, क्योंकि रात को शाम 7 बजे के बाद अभ्यास नहीं कर पाते हैं।
नए खिलाड़ी को ही करना पड़ा रहा दिक्कतों का सामना
शिवाजी स्टेडियम के कोच सुनील और सतपाल का कहना है कि अब रोजाना चार से पांच नए खिलाड़ी आ रहे हैं। यदि नए खिलाड़ी को ही परेशानी का सामना करना पड़ जाए तो बहुत कम खिलाड़ी ही अपना खेल आगे जारी रख पाएंगे। आधे से ज्यादा खिलाड़ी तो खेल को छोड़ देते हैं।
विज्ञापन
स्टेडियम में टहलने वाले लोग भी परेशान
मॉडल टाउन वासी शाम को स्टेडियम में टहलने के लिए आते हैं। उनका कहना हैं कि रात को स्टेडियम में लाइट न होने के कारण उन्हें अपने फोन की लाइट जलाकर टहलना पड़ता है।
विज्ञापन
स्टेडियम के मैदान में लाइट न होने के कारण खिलाड़ी केवल दो घंटे ही अभ्यास कर पाते हैं। कुश्ती के खिलाड़ी अभिषेक व सतबीर ने बताया कि वह शाम को 5 बजे अभ्यास करने के लिए स्टेडियम आ जाते हैं और शाम को 7 बजे तक ही सही से अभ्यास कर पाते हैं। उसके बाद स्टेडियम में अंधेरा होने लगता है। वहीं खिलाड़ी सुनील का कहना है कि जब कभी उनको प्रतियोगिता की तैयारी करनी होती है तो वह दोपहर 2 या 3 बजे स्टेडियम में आकर अभ्यास करने लग जाते हैं, क्योंकि रात को शाम 7 बजे के बाद अभ्यास नहीं कर पाते हैं।
विज्ञापन
नए खिलाड़ी को ही करना पड़ा रहा दिक्कतों का सामना
शिवाजी स्टेडियम के कोच सुनील और सतपाल का कहना है कि अब रोजाना चार से पांच नए खिलाड़ी आ रहे हैं। यदि नए खिलाड़ी को ही परेशानी का सामना करना पड़ जाए तो बहुत कम खिलाड़ी ही अपना खेल आगे जारी रख पाएंगे। आधे से ज्यादा खिलाड़ी तो खेल को छोड़ देते हैं।
विज्ञापन
स्टेडियम में टहलने वाले लोग भी परेशान
मॉडल टाउन वासी शाम को स्टेडियम में टहलने के लिए आते हैं। उनका कहना हैं कि रात को स्टेडियम में लाइट न होने के कारण उन्हें अपने फोन की लाइट जलाकर टहलना पड़ता है।

पानीपत। पानीपत शिवाजी स्टेडियम में ग्राउंड में नही है लाइट, जिससे खिलाड़ियों को शाम के समय अभ्या?- फोटो : Panipat