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खुले में रात बिता रहे लोग अलाव की व्यवस्था नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 12:57 AM IST
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People spending the night in the open, no arrangement for bonfire
पानीपत। लाल बत्ती चौक पर पुल के निचे बने रैन बसेरा में लाइट ना होने के कारण छाया अंधेरा बताता हुआ क - फोटो : Panipat
पानीपत। शहर के बेघरों और जरूरतमंदों को नगर निगम के रैन बसेरे रास नहीं आ रहे। अभी भी सैकड़ों लोग शहर की सड़कों पर ही सोते दिखते हैं। हालांकि नगर निगम ने ऐसे जरूरतमंद लोगों के लिए शहर में पांच जगह पर रैन बसेरे बनाए हैं ताकि हाड़ कंपा देने वाली इस सर्दी में लोग इनमें अपनी रात बिता सकें। इनमें कंबल व गद्दे तक रखवाए गए हैं लेकिन ज्यादातर लोग बाहर सड़कों पर अपनी रात काटते दिखते हैं।
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शुक्रवार रात को ‘अमर उजाला’ टीम ने शहर के इन रैन बसेरों के हालातों का जायजा लिया लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इनमें ठहरने की बजाए लोग सड़कों पर सोते मिले। उनसे जब वजह पूछी तो जवाब मिला कि उन्हें नहीं पता कि रैन बसेरे कहां हैं।
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रात 10:15 बजे
किला सामुदायिक केंद्र में आज तक नहीं आया कोई
नगर निगम के किला सामुदायिक केंद्र में बनाया गया रैन बसेरा रात भर खुला रहता है। इसमें एक साथ करीब 50 लोगों के रुकने की व्यवस्था तक है। तैनात कर्मचारी ने बताया कि रैन बसेरा जब से चालू किया गया है, तब से यहां एक भी आदमी रात बिताने नहीं आया। हो सकता है कि ज्यादातर लोगों को इसके बारे में जानकारी न हो लेकिन वे भी सड़क पर सोने वालों से जब यहां रुकने की बात कहते हैं तो पता नहीं क्यों वे साफ मना कर देते हैं।
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रात 11:45 बजे
लाल बत्ती चौक वाले बसेरे में मिला एक आदमी
लाल बत्ती चौक पर बने रैन बसेरे में महज एक युवक ठहरा मिला जबकि इसमें करीब 10 लोगों के रुकने की व्यवस्था है। हैरानी की बात यह कि इससे महज 100 मीटर दूर सड़कों पर कई लोग बैठे मिले। कुछ लोग पुल के नीचे सोते भी दिखाई दिए। जब इन लोगों से रैन बसेरे में जाने के लिए कहा तो उन्होंने साफ मना कर दिया। ये लोग सड़क पर ही अलाव जलाकर हाथ सेंक रहे थे और आने जाने वाले लोगों से रोटी-कपड़ा मांग रहे थे।
पहले हो चुकी हैं चोरियां
बता दें कि इन रैन बसेरों को जब चालू किया गया था तो कुछ असामाजिक तत्व यहां से कंबल और गद्दे तक चोरी कर ले गए थे। इसके बाद निगम अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण करते हुए यहां पर सिक्योरिटी गार्ड तक लगाए लेकिन अब भी हालात खराब हैं। लोग यहां आने की बजाए सड़कों पर ही रहना पसंद कर रहे हैं।

लोगों को किया जाएगा जागरूक
शहर की सड़कों पर रात बिताने वाले लोगों को जागरूक करने का काम किया जाएगा ताकि असल बेघर और जरूरतमंद लोग इन बसेेरों में रह सकें। ये इनकी सुविधा के लिए बनाए गए हैं, जो निशुल्क हैं। आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।

पानीपत। रेलवे रोड के सामने खुले में सौते हुए 10 से भी ज्यादा लोग।

पानीपत। रेलवे रोड के सामने खुले में सौते हुए 10 से भी ज्यादा लोग।- फोटो : Panipat

पानीपत।  किले पर बनाए अस्थाई रैन बसेरा में नही आता कोई भी व्यक्ति खाली पड़े रैन बसेरा को दिखाते हु?

पानीपत। किले पर बनाए अस्थाई रैन बसेरा में नही आता कोई भी व्यक्ति खाली पड़े रैन बसेरा को दिखाते हु?- फोटो : Panipat

पानीपत। लाल बत्ती चौक पर पुल के निचे बने रैन बसेरा से मात्र 20 मिटर की दुरी पर खुले में जमीन पर सौता ?

पानीपत। लाल बत्ती चौक पर पुल के निचे बने रैन बसेरा से मात्र 20 मिटर की दुरी पर खुले में जमीन पर सौता ?- फोटो : Panipat

पानीपत। लाल बत्ती चौक पर पुल के निचे बने रैन बसेरा में नही है लाइट, मात्र एक ही आदमी सौता हुआ मिला।

पानीपत। लाल बत्ती चौक पर पुल के निचे बने रैन बसेरा में नही है लाइट, मात्र एक ही आदमी सौता हुआ मिला।- फोटो : Panipat

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