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अब ग्रामीणों की सलाह पर चमकेेंगे गांव
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
Updated Tue, 20 Sep 2016 12:34 AM IST
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- फोटो : demo pic
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पंचायती राज चुनाव में युवा और पढ़ी लिखी पंचायत गठित होने के बाद गांवों में विकास का तरीका भी बदल रहा है। अब ग्रामीण विकास का खाका गांव में जाकर ग्रामीणों की सहमति से ही खींचा जाएगा। उनकी सहमति के बिना गांव में एक नई ईंट भी नहीं लगाई जा सकेगी।
अधिकारी भी ग्रामीणों से मंजूर योजना और कार्यों को प्राथमिकता देंगे। इसके लिए पंचायत विभाग के प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारी गांव में जाएंगे। सभी ग्रामीणों से वहां के विकास के बारे में बात करेंगे और योजना तैयार करेंगे। जिला विकास एवं पंचायत विभाग ने इसके लिए कार्यक्रम बना लिया है।
पूरे प्रदेश के पंचायत विभाग अधिकारी गांव में पहुंचेंगे। यहीं नहीं दो अक्तूबर को गांवों में ग्राम सचिवालय दिवस भी मनाया जाएगा। पंचायती राज संस्थाओं में युवा पंचायत अब विकास पर ध्यान देने लगी है। सरकार की हिदायत पर जिला विकास एवं पंचायत विभाग भी गांवों में विकास कराने के लिए नए तरीके अपनाने के लिए आगे आया है।
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विकास एवं पंचायत विभाग के उच्च अधिकारियों ने इसके लिए क्लास वन और टू अधिकारियों की गांवों में ड्यूटी लगा दी है। ये अधिकारी ग्रामीणों के बीच जाएंगे और उनकी सहमति से ही विकास कराएंगे।
26 सितंबर से होंगी ग्राम सभा शुरू
पंचायत विभाग द्वारा 29 सितंबर से ग्राम सभा शुरू की जाएंगी। अधिकारी ग्रामीण विकास से संबंधित कार्यों पर ग्रामीणों के बीच जाकर चर्चा करेंगे। गांवों में ही विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। अधिकारी विकास कार्यों में अपनी मनमर्जी नहीं चला सकेंगे। उनको ग्रामीणों से मंजूर कार्य को ही प्राथमिकता देनी होगी।
दो अक्तूबर को पंचायत सचिवालय के साथ संपन्न होगा अभियान
पंचायत विभाग का ग्रामीण विकास का दौरा दो अक्तूबर को पंचायत सचिवालय के साथ पूर्ण होगा। विभागीय अधिकारी जिले में बनाए गए सभी 30 पंचायत सचिवालयों में कार्यक्रम करेंगे। यहां पर ग्रामीणों की सभा की जाएगी और उनसे गांव के विकास को लेकर विचार भी किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को इससे पहले अन्य गांवों में ग्राम सभाएं करनी पड़ेंगी।
पहली बार अफसर निकलेंगे दफ्तर से बाहर
पंचायत विभाग के क्लास वन और टू अधिकारी गांवों में जाकर विकास का खाका खींचेंगे। प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है, जबकि ग्रामीण विकास का खाका खींचने के लिए अधिकारी गांव में पहुंचेंगे। इसमें बीडीपीओ, एसडीओ और अन्य अधिकारी शामिल हैं। अधिकारी भी इसके लिए तैयारी कर चुके हैं। हालांकि, कुछ अधिकारी बेचैन भी हैं। लेकिन, सभी अधिकारियों को गांव में जाकर विकास की रिपोर्ट बनानी होगी।
पंचायत विभाग ने गांवों में 27 सितंबर से दो अक्तूबर तक ग्राम सभा आयोजित करने का निर्णय लिया है। वहीं पर अधिकारी ग्रामीणों की सलाह पर विकास की रूपरेखा तैयार करेंगे। ग्रामीणों से मंजूर योजना और विकास को ही अधिकारी प्राथमिकता देंगे। दो अक्तूबर को पंचायत सचिवालय में बैठक कर सभा का समापन किया जाएगा। इस बारे में अधिकारियों को बता दिया गया है।
रूपेंद्र मलिक, डीडीपीओ, पानीपत।
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अधिकारी भी ग्रामीणों से मंजूर योजना और कार्यों को प्राथमिकता देंगे। इसके लिए पंचायत विभाग के प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारी गांव में जाएंगे। सभी ग्रामीणों से वहां के विकास के बारे में बात करेंगे और योजना तैयार करेंगे। जिला विकास एवं पंचायत विभाग ने इसके लिए कार्यक्रम बना लिया है।
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पूरे प्रदेश के पंचायत विभाग अधिकारी गांव में पहुंचेंगे। यहीं नहीं दो अक्तूबर को गांवों में ग्राम सचिवालय दिवस भी मनाया जाएगा। पंचायती राज संस्थाओं में युवा पंचायत अब विकास पर ध्यान देने लगी है। सरकार की हिदायत पर जिला विकास एवं पंचायत विभाग भी गांवों में विकास कराने के लिए नए तरीके अपनाने के लिए आगे आया है।
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विकास एवं पंचायत विभाग के उच्च अधिकारियों ने इसके लिए क्लास वन और टू अधिकारियों की गांवों में ड्यूटी लगा दी है। ये अधिकारी ग्रामीणों के बीच जाएंगे और उनकी सहमति से ही विकास कराएंगे।
26 सितंबर से होंगी ग्राम सभा शुरू
पंचायत विभाग द्वारा 29 सितंबर से ग्राम सभा शुरू की जाएंगी। अधिकारी ग्रामीण विकास से संबंधित कार्यों पर ग्रामीणों के बीच जाकर चर्चा करेंगे। गांवों में ही विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। अधिकारी विकास कार्यों में अपनी मनमर्जी नहीं चला सकेंगे। उनको ग्रामीणों से मंजूर कार्य को ही प्राथमिकता देनी होगी।
दो अक्तूबर को पंचायत सचिवालय के साथ संपन्न होगा अभियान
पंचायत विभाग का ग्रामीण विकास का दौरा दो अक्तूबर को पंचायत सचिवालय के साथ पूर्ण होगा। विभागीय अधिकारी जिले में बनाए गए सभी 30 पंचायत सचिवालयों में कार्यक्रम करेंगे। यहां पर ग्रामीणों की सभा की जाएगी और उनसे गांव के विकास को लेकर विचार भी किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को इससे पहले अन्य गांवों में ग्राम सभाएं करनी पड़ेंगी।
पहली बार अफसर निकलेंगे दफ्तर से बाहर
पंचायत विभाग के क्लास वन और टू अधिकारी गांवों में जाकर विकास का खाका खींचेंगे। प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है, जबकि ग्रामीण विकास का खाका खींचने के लिए अधिकारी गांव में पहुंचेंगे। इसमें बीडीपीओ, एसडीओ और अन्य अधिकारी शामिल हैं। अधिकारी भी इसके लिए तैयारी कर चुके हैं। हालांकि, कुछ अधिकारी बेचैन भी हैं। लेकिन, सभी अधिकारियों को गांव में जाकर विकास की रिपोर्ट बनानी होगी।
पंचायत विभाग ने गांवों में 27 सितंबर से दो अक्तूबर तक ग्राम सभा आयोजित करने का निर्णय लिया है। वहीं पर अधिकारी ग्रामीणों की सलाह पर विकास की रूपरेखा तैयार करेंगे। ग्रामीणों से मंजूर योजना और विकास को ही अधिकारी प्राथमिकता देंगे। दो अक्तूबर को पंचायत सचिवालय में बैठक कर सभा का समापन किया जाएगा। इस बारे में अधिकारियों को बता दिया गया है।
रूपेंद्र मलिक, डीडीपीओ, पानीपत।