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पानीपत की बेटी बनेगी कमर्शियल पायलट
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पानीपत। कहते हैं कि सपनों को पूरा करने के लिए जी जान लगाना पड़ता है। इसी फलसफे पर काम करते हुए जिले के गांजबड़ गांव की बेेटी अंजलि राठी ने आसमान में उड़ान भरने के लिए दमखम दिखाया। इसके चलते उन्हें हरियाणा सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग में व्यावसायिक पायलट के दो वर्षीय प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। उनका प्रशिक्षण करनाल में होगा।
अंजलि राठी ने बताया कि उसका बचपन से ही आसमान में उड़ने का सपना रहा है। इसी सपने को पूरा करने के लिए उसने जी जान से मेहनत की। उसने बताया कि पायलट बनने के लिए फिजिक्स, गणित बहुत जरूरी विषय हैं। उसने 12वीं में नॉन मेडिकल लेते हुए इस स्तर पर पंहुचने के लिए पूरी पढ़ाई की।
अंजलि ने बताया कि स्कॉलरशिप के आधार पर उसका दाखिला हरियाणा सरकार के अधीन फ्लाइंग क्लब में हुआ है। इसके लिए उन्होंने जून में आवेदन किया था और साक्षात्कार के आधार पर चयन हुआ। इस प्रशिक्षण में कुल छह पेपर होते हैं। ट्रेनिंग में उन्हें कैसना-172 आर एयरक्राफ्ट उड़ाने का मौका मिलेगा। प्रशिक्षित व्यक्ति उसे ट्रेनिंग देंगे। उन्होंने बताया कि उनका पूरा परिवार इस उपलब्धि पर उन पर गर्व महसूस कर रहा है।
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अंजलि के पिता ओमपाल राठी ने बताया कि उनकी बेटी अंजलि ने बचपन से ही पायलट बनने की ठानी थी। हम सभी ने उसके सपने को साकार करने के लिए उसे बेहतर शिक्षा और संस्कार दिए। इस उपलब्धि पर उसकी मां सविता का बड़ा हाथ है। उन्होंने कहा कि दो साल के प्रशिक्षण के बाद अंजलि को कॉमर्शियल पायलट ट्रेनिंग का लाइसेंस मिलेगा। उन्हें इस बात की खुशी है कि उनकी बेटी का चयन स्कॉलरशिप के आधार पर सरकारी प्रशिक्षण केंद्र में हुआ है।
अंजलि की इस उपलब्धि पर करनाल लोकसभा सांसद संजय भाटिया और उपायुक्त सुशील सारवान ने बधाई देते हुए कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में हम सब के लिए यह गर्व की बात है कि अंजलि ने जो मुकाम हासिल किया है, वह दूसरी लड़कियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
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अंजलि राठी ने बताया कि उसका बचपन से ही आसमान में उड़ने का सपना रहा है। इसी सपने को पूरा करने के लिए उसने जी जान से मेहनत की। उसने बताया कि पायलट बनने के लिए फिजिक्स, गणित बहुत जरूरी विषय हैं। उसने 12वीं में नॉन मेडिकल लेते हुए इस स्तर पर पंहुचने के लिए पूरी पढ़ाई की।
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अंजलि ने बताया कि स्कॉलरशिप के आधार पर उसका दाखिला हरियाणा सरकार के अधीन फ्लाइंग क्लब में हुआ है। इसके लिए उन्होंने जून में आवेदन किया था और साक्षात्कार के आधार पर चयन हुआ। इस प्रशिक्षण में कुल छह पेपर होते हैं। ट्रेनिंग में उन्हें कैसना-172 आर एयरक्राफ्ट उड़ाने का मौका मिलेगा। प्रशिक्षित व्यक्ति उसे ट्रेनिंग देंगे। उन्होंने बताया कि उनका पूरा परिवार इस उपलब्धि पर उन पर गर्व महसूस कर रहा है।
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अंजलि के पिता ओमपाल राठी ने बताया कि उनकी बेटी अंजलि ने बचपन से ही पायलट बनने की ठानी थी। हम सभी ने उसके सपने को साकार करने के लिए उसे बेहतर शिक्षा और संस्कार दिए। इस उपलब्धि पर उसकी मां सविता का बड़ा हाथ है। उन्होंने कहा कि दो साल के प्रशिक्षण के बाद अंजलि को कॉमर्शियल पायलट ट्रेनिंग का लाइसेंस मिलेगा। उन्हें इस बात की खुशी है कि उनकी बेटी का चयन स्कॉलरशिप के आधार पर सरकारी प्रशिक्षण केंद्र में हुआ है।
अंजलि की इस उपलब्धि पर करनाल लोकसभा सांसद संजय भाटिया और उपायुक्त सुशील सारवान ने बधाई देते हुए कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव में हम सब के लिए यह गर्व की बात है कि अंजलि ने जो मुकाम हासिल किया है, वह दूसरी लड़कियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।