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लोकायुक्त में था शॉपिंग माल का मामला, नगर निगम अधिकारियों ने सील हटाई
पानीपत/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Mar 2017 12:48 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मॉडल टाउन स्थित एक शॉपिंग मॉल का मामला लोकायुक्त में विचाराधीन है। इसके बाद भी नगर निगम अधिकारियों ने उसे हरी झंडी दे दी। उन्होंने इस पर लगी अपनी सील हटा दी है। पहले निगम ने शॉपिंग मॉल को अवैध मानते हुए सील किया था।
इस मामले में एक अधिकारी भी नप गए थे। आरटीआई कार्यकर्ता ने इस मामले को उच्च अधिकारियों तक लेकर जाने की चेतावनी दी है। आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने ने बताया कि मॉडल टाउन लाल टंकी के नजदीक एक शॉपिंग माल को दो साल पहले सील किया गया था।
निगम अधिकारियों ने गत दिनों इसकी सील खोल दी। जबकि प्रदेश सरकार ने 12 जनवरी 2016 को लोकायुक्त हरियाणा को दी लिखित रिपोर्ट में सूचित किया था कि दोषी भवन मालिक ने बिल्डिंग के अवैध निर्माण को खुद गिराने के संबंध में शपथ पत्र दिया है।
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उसने इसके बावजूद बिल्डिंग नहीं गिराई। आयुक्त नगर निगम पानीपत को दोबारा सील न खोलने के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि सरकार के इन लिखित आदेशों को अनदेखा करते हुए एक दलाल के माध्यम से निगम अधिकारियों ने शापिंग मॉल की सील हटा दी है।
कपूर ने बताया कि वर्ष 2013 में तत्कालीन डीसी एवं निगम आयुक्त ने इस बिल्डिंग को सील किया था। जनवरी 2014 में इस बिल्डिंग की सील खोलने के स्वयं आदेश जारी कर दिए। भवन मालिकों ने शपथ-पत्र दिया था कि वे निर्माण को खुद ही गिरा देंगे।
इस मामले में मॉडल टाउन थाना पुलिस में 26 अक्तूबर 2014 को केस दर्ज कराया गया था। छह फरवरी 2015 को दोबारा भवन पर सील लगा दी। इस मामले की लोकायुक्त कोर्ट में सुनवाई चल रही है। उन्होंने इन दोनों उच्च अधिकारियों
और भवन मालिकों का नार्को टेस्ट कराने के लिए 25 हजार का बैंक ड्राफ्ट भी जमा करा गया है। मामला लोकायुक्त जस्टिस एनके अग्रवाल के समक्ष विचाराधीन है। लेकिन, निर्णय आने से पहले ही अधिकारियों ने शापिंग मॉल की सील खोल दी।
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इस मामले में एक अधिकारी भी नप गए थे। आरटीआई कार्यकर्ता ने इस मामले को उच्च अधिकारियों तक लेकर जाने की चेतावनी दी है। आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने ने बताया कि मॉडल टाउन लाल टंकी के नजदीक एक शॉपिंग माल को दो साल पहले सील किया गया था।
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निगम अधिकारियों ने गत दिनों इसकी सील खोल दी। जबकि प्रदेश सरकार ने 12 जनवरी 2016 को लोकायुक्त हरियाणा को दी लिखित रिपोर्ट में सूचित किया था कि दोषी भवन मालिक ने बिल्डिंग के अवैध निर्माण को खुद गिराने के संबंध में शपथ पत्र दिया है।
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उसने इसके बावजूद बिल्डिंग नहीं गिराई। आयुक्त नगर निगम पानीपत को दोबारा सील न खोलने के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि सरकार के इन लिखित आदेशों को अनदेखा करते हुए एक दलाल के माध्यम से निगम अधिकारियों ने शापिंग मॉल की सील हटा दी है।
कपूर ने बताया कि वर्ष 2013 में तत्कालीन डीसी एवं निगम आयुक्त ने इस बिल्डिंग को सील किया था। जनवरी 2014 में इस बिल्डिंग की सील खोलने के स्वयं आदेश जारी कर दिए। भवन मालिकों ने शपथ-पत्र दिया था कि वे निर्माण को खुद ही गिरा देंगे।
इस मामले में मॉडल टाउन थाना पुलिस में 26 अक्तूबर 2014 को केस दर्ज कराया गया था। छह फरवरी 2015 को दोबारा भवन पर सील लगा दी। इस मामले की लोकायुक्त कोर्ट में सुनवाई चल रही है। उन्होंने इन दोनों उच्च अधिकारियों
और भवन मालिकों का नार्को टेस्ट कराने के लिए 25 हजार का बैंक ड्राफ्ट भी जमा करा गया है। मामला लोकायुक्त जस्टिस एनके अग्रवाल के समक्ष विचाराधीन है। लेकिन, निर्णय आने से पहले ही अधिकारियों ने शापिंग मॉल की सील खोल दी।