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-फर्जी पेंशनधारकों के सामने समाज कल्याण विभाग लाचार

Fri, 29 Jul 2016 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 29 Jul 2016 12:32 AM IST
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एमबीए की परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा - फोटो : demo pic
जिले में फर्जी पेंशन धारकों के सामने जिला समाज कल्याण विभाग बेबस है। इसका अंदाजा विभाग द्वारा फर्जी पेंशनधारकों से पिछले पांच साल में की गई रिकवरी के प्रतिशत से लगाया जा सकता है। हाईकोर्ट के सर्वे में करीब 361 पेंशन फर्जी मिली थीं। इसके बाद हाईकोर्ट ने संबंधित विभाग को फर्जी पेंशनधारकों से रिकवरी के आदेश दिए थे। जिला समाज कल्याण विभाग मात्र ढाई प्रतिशत से ही रिकवरी कर पाया है।
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हाईकोर्ट ने 2011में सर्वे कराया गया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने तुरंत प्रभाव से फर्जी पेंशन पर रोक लगाने और इन्हें लेने वालोें से रिकवरी करने के आदेश दिए थे। यह रिकवरी 12 प्रतिशत की दर से ब्याज सहित होनी थी। लेकिन, विभाग केवल आठ आठ फर्जी पेंशनधारकों से रिकवरी कर पाया है।
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जिले में 353 फर्जी पेंशनधारकों से की जानी है रिकवरी
जिला समाज कल्याण विभाग को अभी जिले में 353 फर्जी पेंशनधारकों से रिकवरी करनी है। इन सभी पेंशनधारकों से पेंशन के रूप में ली गई राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज भी वसूल की जानी है। जो पेंशनधारक राशि जमा नहीं करवाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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अब दोबारा भेजे जाएंगे नोटिस
जिला समाज कल्याण विभाग अधिकारी ने बताया कि कोर्ट की तरफ से फर्जी पेंशनधारकों को दोबारा नोटिस भेजने की तैयारी है। नोटिस में एक महीने के अंदर राशि जमा कराने के लिए कहा जाएगा। साथ ही चेतावनी दी जाएगी कि यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पहले ऐसे बनाते थे पेंशन, अब ऑनलाइन किया
जिला समाज कल्याण विभाग पहले डॉक्टर, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों की मीटिंग के दौरान बुजुर्ग को आना पड़ता था। इसके बाद अधिकारी बुजुर्ग की शरीरिक स्थिति देखकर पेंशन बना देेते थे। उसके बाद विभाग ने वोटर कार्ड मान्य कर दिए। इसके तहत वोटर कार्ड धारकों की ही पेंशन बनाई जाने लगी। कुछ समय बाद वोटर कार्ड को पेंशन के लिए रद्द कर दिया गया और जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर पेंशन बनाई जाने लगी। लेकिन, पेंशन लेने वाले बुजुर्गों के पास अपना जन्म-प्रमाण न होने के कारण चंडीगढ़ जिला समाज कल्याण विभाग ने सभी जिलों में 2005 से पहले के वोटर कार्ड को मान्यता प्रदान कर दी। इसमें एक शर्त लागू की गई कि वोटर कार्ड का रिकॉर्ड ऑनलाइन होना अनिवार्य है। अब ऑनलाइन पेंशन योजना शुरू की गई है। इसका उद्देश्य फर्जीवाड़े को रोकना है।  


वर्जन
कोर्ट की ओर से फर्जी पेंशनधारक को नोटिस भेजा जाएगा। अगर लोग एक महीने के अंदर राशि जमा नहीं कराते हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक 361 फर्जी पेंशन धारकों में से आठ से रिकवरी हो पाई है।
अश्वनी मदान, जिला समाज कल्याण
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