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चलते-चलते थम रहा दिल, हर साल बढ़ रहे मामले
amar ujala beuro panipat
Updated Wed, 28 Sep 2016 12:21 AM IST
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- फोटो : amar uajala beuro
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बदलते समय के साथ जीवन के तरीके भी बदल रहे हैं। खान पान से लेकर रहन-सहन तक बदल गया है। इससे सीधे हमारी धड़कन प्रभावित हो रही है। जीवन की भाग दौड़ तेज हो रही है तो इंसान का दिल चलते चलते थम रहा है। धड़कनेें थमने के चलते हर साल जिले में 100 से अधिक, जबकि देश में दो लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। मरीजों में युवा भी बड़ी संख्या मेें हैं।
आज विश्व हार्ट डे है। अमर उजाला माई सिटी ने शहर में बढ़ रहे दिल के मरीजों के बारे में चिकित्सकों से बात की। विशेषज्ञों के अनुसार हृदयाघात का मुख्य कारण खान-पान और रहन सहन है। भाग दौड़ भरे जीवन में लोगों के पास स्वयं के लिए समय नहीं है। यहीं कारण है कि वर्तमान में चलते-चलते लोगों के दिल धम रहे हैं। पिछले 10 सालों में हृदय के मरीजों में 15 प्रतिशत इजाफा हुआ है।
क्या होता है हार्ट अटैक
सिविल अस्पताल की एमओ डॉ. सुखदीप कौर ने बताया कि असंतुलित खान-पान और व्यायाम न करने का असर धीरे-धीरे दिल पर पपड़ी जमने लगती हैं। पपड़िया धीरे-धीरे मोटी होती जाती हैं। कुछ समय बाद यह दिल की नाड़ियों को ब्लॉक कर देती है। इस कारण दिल में ब्लड की सप्लाई बंद हो जाती है और वह काम करना बंद कर देता है। यही हार्ट अटैक होता है।
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लोग अब इसको अपनाएं
डॉक्टर अनंत मदान के अनुसार व्यक्ति हार्ट अटैक के लिए खुद भी जिम्मेदार है। लोग एक्सरसाइज नहीं करते और अपने काम में व्यस्त रहते हैं। उनका खान-पान भी ठीक नहीं रहता। डॉ. अनंत मदान के अनुसार
खाने में तेल की मात्रा कम से कम होनी चाहिए।
चार लोगों के परिवार के लिए प्रतिदिन एक चम्मच तेल इस्तेमाल करना चाहिए।
व्यक्ति को हर रोज 40 से 60 मिनट तक एक्सरसाइज करनी चाहिए।
रेविक्स, बैडमिनंटन, टेनिस, जॉगिंग और जिम जरूर करना चाहिए।
नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरी
डॉ. मदान ने बताया कि लिपिड प्रोफाइल का टेस्ट बेहद जरूरी है। इससे व्यक्ति की चर्बी की किस्म का पता चल जाता है। यही चर्बी व्यक्ति के हृदय की नस को ब्लॉक कर देती हैं। व्यक्ति का ब्लड प्रेशर भी 120 से 80 के बीच ही रहना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर भी हार्ट अटैक का बड़ा कारण होता है। शुगर की भी नियमित जांच करवाएं।
इनसे बढ़ता हार्ट अटैक के कारण
हार्ट अटैक के मुख्य कारण खान-पान और रहन सहन ही है। तैलीय भोजन खाने से, चिकन खाने और शराब के सेवन से हृदयाघात की आशंका बढ़ जाती है। ऐसा भोजन मोटापा बढ़ता है। धूम्रपान भी सीधे दिल को प्रभावित करता है। डॉ. मदान ने बताया कि हार्ट अटैक के मरीज को प्राथमिक उपचार के तौर पर एस्प्रेन टैबलेट देनी चाहिए। यह हार्ट अटैक के मरीज के लिए लाइफ सेविंग मेडिसन है।
हार्ट अटैक से बचने के उपाय
डॉ. सुखदीप कौर ने बताया कि हार्ट अटैक से बचने के लिए लोगों को घर में सादा खाना खाना चाहिए। तैलीय भोजन, मांस और अंडे से परहेज करें। शराब और सिगरेट का सेवन न करें। नियमित रूप से व्यायाम करने से हार्ट अटैक का मरीज भी स्वस्थ्य हो सकता है।
सिगरेट व शराब के कारण युवाओं में बढ़ी दिल की बीमारी
वर्तमान में दिल के मरीजों में 30 प्रतिशत युवा है। युवाओं में तेजी से शराब और सिगरेट का प्रचलन बढ़ा है। इसके साथ ही वे तेजी से हृदयाघात का शिकार हो रहे हैं। देश भर में 60 प्रतिशत से अधिक युवा शराब और सिगरेट की तरफ बढ़ रहे है।
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आज विश्व हार्ट डे है। अमर उजाला माई सिटी ने शहर में बढ़ रहे दिल के मरीजों के बारे में चिकित्सकों से बात की। विशेषज्ञों के अनुसार हृदयाघात का मुख्य कारण खान-पान और रहन सहन है। भाग दौड़ भरे जीवन में लोगों के पास स्वयं के लिए समय नहीं है। यहीं कारण है कि वर्तमान में चलते-चलते लोगों के दिल धम रहे हैं। पिछले 10 सालों में हृदय के मरीजों में 15 प्रतिशत इजाफा हुआ है।
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क्या होता है हार्ट अटैक
सिविल अस्पताल की एमओ डॉ. सुखदीप कौर ने बताया कि असंतुलित खान-पान और व्यायाम न करने का असर धीरे-धीरे दिल पर पपड़ी जमने लगती हैं। पपड़िया धीरे-धीरे मोटी होती जाती हैं। कुछ समय बाद यह दिल की नाड़ियों को ब्लॉक कर देती है। इस कारण दिल में ब्लड की सप्लाई बंद हो जाती है और वह काम करना बंद कर देता है। यही हार्ट अटैक होता है।
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लोग अब इसको अपनाएं
डॉक्टर अनंत मदान के अनुसार व्यक्ति हार्ट अटैक के लिए खुद भी जिम्मेदार है। लोग एक्सरसाइज नहीं करते और अपने काम में व्यस्त रहते हैं। उनका खान-पान भी ठीक नहीं रहता। डॉ. अनंत मदान के अनुसार
खाने में तेल की मात्रा कम से कम होनी चाहिए।
चार लोगों के परिवार के लिए प्रतिदिन एक चम्मच तेल इस्तेमाल करना चाहिए।
व्यक्ति को हर रोज 40 से 60 मिनट तक एक्सरसाइज करनी चाहिए।
रेविक्स, बैडमिनंटन, टेनिस, जॉगिंग और जिम जरूर करना चाहिए।
नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरी
डॉ. मदान ने बताया कि लिपिड प्रोफाइल का टेस्ट बेहद जरूरी है। इससे व्यक्ति की चर्बी की किस्म का पता चल जाता है। यही चर्बी व्यक्ति के हृदय की नस को ब्लॉक कर देती हैं। व्यक्ति का ब्लड प्रेशर भी 120 से 80 के बीच ही रहना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर भी हार्ट अटैक का बड़ा कारण होता है। शुगर की भी नियमित जांच करवाएं।
इनसे बढ़ता हार्ट अटैक के कारण
हार्ट अटैक के मुख्य कारण खान-पान और रहन सहन ही है। तैलीय भोजन खाने से, चिकन खाने और शराब के सेवन से हृदयाघात की आशंका बढ़ जाती है। ऐसा भोजन मोटापा बढ़ता है। धूम्रपान भी सीधे दिल को प्रभावित करता है। डॉ. मदान ने बताया कि हार्ट अटैक के मरीज को प्राथमिक उपचार के तौर पर एस्प्रेन टैबलेट देनी चाहिए। यह हार्ट अटैक के मरीज के लिए लाइफ सेविंग मेडिसन है।
हार्ट अटैक से बचने के उपाय
डॉ. सुखदीप कौर ने बताया कि हार्ट अटैक से बचने के लिए लोगों को घर में सादा खाना खाना चाहिए। तैलीय भोजन, मांस और अंडे से परहेज करें। शराब और सिगरेट का सेवन न करें। नियमित रूप से व्यायाम करने से हार्ट अटैक का मरीज भी स्वस्थ्य हो सकता है।
सिगरेट व शराब के कारण युवाओं में बढ़ी दिल की बीमारी
वर्तमान में दिल के मरीजों में 30 प्रतिशत युवा है। युवाओं में तेजी से शराब और सिगरेट का प्रचलन बढ़ा है। इसके साथ ही वे तेजी से हृदयाघात का शिकार हो रहे हैं। देश भर में 60 प्रतिशत से अधिक युवा शराब और सिगरेट की तरफ बढ़ रहे है।