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नोटबंदी से उद्योग और व्यापार दोनों बेजार

Wed, 16 Nov 2016 11:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत Updated Wed, 16 Nov 2016 11:42 PM IST
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pamipat, bussiness, helpless, industries
पानीपत - फोटो : bureau
औद्योगिक नगरी पानीपत का उद्योग और व्यापार नोट बंदी के बाद बेजार हो रहे हैं। उद्यमियों और व्यापारियों को इन दिनों में करोड़ों रुपये का फटका लग गया है। बाजार में माल की मांग न होने पर उद्योग बंद हो गए हैं। कई प्रतिष्ठानों में तो लेबर तक नहीं पहुंच पा रही।
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इससे उद्योगपति को मशीन तक चलाने में दिक्कत हो रही है। हालांकि, अधिकतर उद्यमी इसके दूरगामी बेहतर परिणाम आने का दावा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने पांच सौ और एक हजार के नोटों का चलन बंद करने की घोषणा कर दी है। इसका लोगों की घर की रसोई और जन जीवन के साथ उद्योग पर भी असर पड़ रहा है।
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अमर उजाला माई सिटी ने औद्योगिक नगरी के कई उद्यमियों और व्यापारियों से बात की। हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पानीपत चैप्टर ने नोट बंदी के बाद पानीपत का व्यापार 30 से 40 प्रतिशत कम होने का दावा किया है।
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ज्यादातर इंडस्ट्री में नहीं है लेबर

हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पानीपत चैप्टर के प्रधान प्रीतम सचदेवा ने बताया कि पानीपत के उद्योग की देश ही नहीं पूरे विश्व में पहचान है। नोट बंदी के बाद पानीपत का उद्योग 30 से 40 प्रतिशत घट गया है। लेबर काम करने की बजाय अपने नोट बदलवाने में लगी है।

वर्करों को काम से ज्यादा अपनी कमाई की चिंता है। सरकार के नोट बंद करने से दिक्कत नहीं है, लेकिन नई करेंसी बाजार में नहीं है। इससे परेशानी हो रही है। सरकार को सबसे पहले करेंसी ओपन करनी चाहिए। इससे राहत मिलेगी।

12 माह में एक माह कमाई का, वह भी ठंडा
नोट बंदी के बाद सबसे ज्यादा असर कंबल और शॉल मार्केट पर पड़ा है। पानीपत शॉल मार्केट के प्रधान अशोक नारंग ने बताया कि कंबल और शॉल मार्केट में नवंबर माह में ही काम होता है। इस माह में बाजार में पैर रखने तक के लिए जगह नहीं होती थी। इस बार नोट बंद होने के बाद बाजार में सन्नाटा है।


अबकी बार बाजार में 15 से 20 प्रतिशत ही काम रह गया है। सरकार के इस कदम का आने वाले समय में फायदा मिलेगा, लेकिन हर कोई अपने आज को देखता है।

कुछ समय की दिक्कत है, फिर सब सामान्य होगा
पानीपत हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्यूफेक्चरर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा ने बताया कि नोट बंद करने का कुछ असर पड़ा है, लेकिन यह परेशानी कुछ समय तक की है। इसके बाद मार्केट ग्रोथ करेगी और परेशानी होने की बजाय सुविधा मिलेगी। नोट बंद होने के चलते कैश का काम करने वालों को दिक्कत है। बिल पर काम करने वालों पर इतना असर नहीं है।
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