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10 दिन धान की रखवाली बनी चुनौती

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Oct 2021 01:27 AM IST
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Paddy guarding became a challenge for 10 days
खरीद शुरू होने की तिथि आगे बढ़ जाते पर मंडी में अपने गेहूं को फैलाकर बीच में खाट बिछाकर रखवाली के ल - फोटो : Panipat
एक अक्तूबर से खरीद शुरू होने की घोषणा पर शहर की अनाजमंडियों में वीरवार को ही किसान धान लेकर पहुंच गए थे, लेकिन देर रात खरीद शुरू होने की तिथि 11 अक्तूबर तक बढ़ा दी गई। नतीजा मंडी में शुक्रवार को करीब 15 हजार क्विंटल धान के ढेर लग गए। किसानों का धान बिकने का इंतजार बढ़ गया, जिससे वे परेशान हैं।
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किसानों का धान मंडी में पड़ा है। किसी किसान को शेड मिल गया तो कुछ ने खुले में ही धान डाला हुआ है। किसानों के लिए अब 10 दिन तक धान की सुरक्षा करने की चुनौती है। पानीपत अनाज मंडी में शुक्रवार को धान को फैलाकर बीच में ही खाट लगाकर किसान रखवाली करते मिले। किसान रमेश मलिक ने कहा कि अगर सरकार को तिथि बढ़ानी ही थी तो पहले घोषणा करनी चाहिए थी। जिससे 10 दिन तक किसानों को परेशान नहीं होना पड़ता।
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दूसरी ओर सरकार की ओर से हैफेड और स्टेट वेयर हाउस को धान की खरीद के लिए नियुक्त किया गया है। हालांकि अभी तक खरीद एजेसियों को कोई मील मालिक ऐसा नहीं मिला है जो सरकार की शर्तों के अनुसार जीरी से चावल निकालकर सरकार को दे सके। स्टेट वेयर हाउस के मतलौडा इंचार्ज रणबीर सिंह ने बताया कि डीएफएससी की ओर से मीलर उपलब्ध कराए जाते हैं, लेकिन अभी तक मीलर का पता नहीं है।
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शुक्रवार को मंडियों में पहुंच गया इतना धान
समालखा मंडी: 2500 क्विंटल
मतलौडा मंडी: 3200 क्विंटल
बापौली-सनौली मंडी: 2500 क्विंटल
पानीपत मंडी: 7000 क्विंटल
धान की सुरक्षा की जिम्मेदारी आढ़तियों और किसानों पर आ गई : मलिक
पानीपत अनाजमंडी में पांच से छह हजार बोरियां धान आ चुका है। अब तिथि आगे बढ़ने से उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी आढ़ती और किसान पर आ गई है। मंडी में कोई चौकीदार तक नहीं है। समय पर खरीद शुरू न होने से हर बार किसान परेशान होता है। वहीं मीलर, बारदाना और ट्रांसपोर्ट के बारे में अभी तक न तो आढ़ती को पता है न ही किसानों को। सरकार मांग के मुताबिक धान के दाम भी नहीं बढ़ा रही है।
- धर्मवीर मलिक, आढ़ती प्रधान
हम सिर्फ खरीद करेंगे, मीलर और ट्रांसपोर्ट सरकार तय करेगी
हम 11 अक्तूबर से खरीद करेंगे। मीलर और ट्रांसपोर्ट सरकार को तय करना है। हालांकि अभी इनकी कोई जानकारी भी नहीं हैं।
- नरेश मान, मार्केट कमेटी पानीपत
धान लेकर मंडी पहुंचे किसान, सचिव को सुनाई परेशानी
समालखा। नई अनाज मंडी में शुक्रवार को धान लेकर पहुंचे किसान काफी परेशान दिखे। उन्होंने मंडी में पानी, सफाई, बिजली आदि की व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे डीएमईओ महावीर सिंह और सचिव कृष्ण कुमार के सामने अपनी परेशानी रखी। अधिकारी ने उनकी समस्या को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। किसान मनजीत गांव बली 3 एकड़, तेजबीर गांव शहर मालपुर 3 एकड़, जगबीर देहरा 2 एकड़, चेतराम देहरा 3 एकड़ की धान लेकर मंडी पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि आज का ही उनका शेड्यूल था और मंडी में भीड़ न हो जाए, इसलिए सुबह ही वो अनाज मंडी पहुंच गए, लेकिन यहां पर आकर पता चला कि सरकारी खरीद ही नहीं हो रही है। अब अपनी फसल कहां पर रखें। बारिश आने पर फसल खराब होने का डर है तो मंडी में हर समय उनको अपनी फसल की रखवाली करनी होगी।

जिला मार्केट एंर्फोसमेंट ऑफिसर महावीर सिंह ने बताया कि वह नियमित दौरे पर आए थे। मंडी में विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया है ताकि किसान को परेशानी न हो।

मंडी में आए गए गेहूं की ढेरी बनाती महिलाएं

मंडी में आए गए गेहूं की ढेरी बनाती महिलाएं- फोटो : Panipat

पानीपत अनाज मंडी में खुले में पड़ा धान

पानीपत अनाज मंडी में खुले में पड़ा धान- फोटो : Panipat

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