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ऐसे में कैसे होगी अच्छी पढ़ाई
कैथ्ाल
Updated Sun, 06 Oct 2013 12:11 AM IST
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हरियाणा के जिले कैथल में शिक्षा विभाग की ओर से करोड़ों रुपये की परियोजनाओं को लागू कर शिक्षा में सुधार के दावे किए जा रहे हैं जबकि हकीकत यह है कि बीते एक दशक में जिले में मात्र दो ही सरकारी स्कूल खोले गए हैं।
इस दौरान जिले की आबादी में एक लाख से भी ज्यादा का इजाफा हो गया है। शहर तो शहर गांवों का भी विस्तार हो गया है। लेकिन स्कूलों की संख्या नहीं बढ़ रही। हालांकि प्राइवेट स्कूलों की संख्या इस दौरान 400 के आस-पास पहुंच गई है।
जिले में दस वर्षों में मात्र दो ही नए सरकारी स्कूल खुले हैं। इसमें पूर्व विधायक एवं अखिल भारतीय खेत मजदूर कांग्रेस के अध्यक्ष शमशेर सिंह सुरजेवाला के प्रयासों से जाखौली अड्डा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खोला गया है।
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इससे करीब दर्जनों बस्तियों की छात्राओं को लाभ हुआ है। इसके अलावा गांव सिसला-सिसमौर में प्राथमिक स्कूल को मंजूरी मिली है। लेकिन अभी यह खुला नहीं है।
जिले भर में इस समय कुल 632 सरकारी स्कूल चल रहे हैं। इस अवधि में निजी स्कूलों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। यह संख्या जहां करीब दस साल पहले लगभग 200 के आस-पास थी। वहीं अब यह 400 से भी ज्यादा हो गई है।
कई स्कूलों में बच्चों की संख्या हजारों में पहुंची शहर में ही स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, राजकीय उच्च विद्यालय गली नंबर 4 में बच्चों की संख्या इतनी ज्यादा है कि यहां कई कक्षाओं में तो बच्चों की संख्या 100 से भी ज्यादा है। इस कारण अध्यापकों को भी पढ़ाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
हरियाणा अध्यापक संघ के एक सर्वे के अनुसार इस समय कई बड़े गांवों के साथ-साथ शहरों में नए स्कूलों की आवश्यकता है। इनमें शामिल है।
1 रेलवे फाटक पार हरि नगर, बैंक कालोनी, रजनी कालोनी एरिया में
2 प्यौदा रोड अंदर व बाहर के एरिया में
3 प्रताप गेट, डोगरा गेट के बाहरी एरिया में
4 महादेव कालोनी-सिरटा रोड एरिया में
5 अंबाला रोड-चीका बाइपास-राधा स्वामी कालोनी-चिरंजीव कालोनी-सेठ कालोनी
6 नए बस स्टैंड के साथ भगत सिंह कालोनी, डिफेंस कालोनी एरिया में
7 खुराना रोड -डीएवी कालोनी एरिया में
इसके अलावा कई बड़े गांवों में भी नए स्कूल खोले जाने की आवश्यकता है।
‘शिक्षा मंत्री से इस संबंध में ज्ञापन भेजकर मांग की जा चुकी है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। विभाग करोड़ों रुपये की राशि ऐसी परियोजनाओं पर खर्च कर रहा है। जिसका कोई परिणाम नहीं निकल रहा है। लेकिन नए स्कूलों अथवा स्कूलों में अध्यापकों की संख्या बढ़ाए जाने की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस कारण बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकारी दूर होने के कारण अभिभावकों को निजि स्कूलों की ओर मजबूरन रूख करना पड़ता है। जहां उनसे हर प्रकार से भारी-भरकम वसूली की जाती है।
- सतबीर गोयत, सचिव, हरियाणा अध्यापक संघ
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इस दौरान जिले की आबादी में एक लाख से भी ज्यादा का इजाफा हो गया है। शहर तो शहर गांवों का भी विस्तार हो गया है। लेकिन स्कूलों की संख्या नहीं बढ़ रही। हालांकि प्राइवेट स्कूलों की संख्या इस दौरान 400 के आस-पास पहुंच गई है।
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जिले में दस वर्षों में मात्र दो ही नए सरकारी स्कूल खुले हैं। इसमें पूर्व विधायक एवं अखिल भारतीय खेत मजदूर कांग्रेस के अध्यक्ष शमशेर सिंह सुरजेवाला के प्रयासों से जाखौली अड्डा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खोला गया है।
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इससे करीब दर्जनों बस्तियों की छात्राओं को लाभ हुआ है। इसके अलावा गांव सिसला-सिसमौर में प्राथमिक स्कूल को मंजूरी मिली है। लेकिन अभी यह खुला नहीं है।
जिले भर में इस समय कुल 632 सरकारी स्कूल चल रहे हैं। इस अवधि में निजी स्कूलों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। यह संख्या जहां करीब दस साल पहले लगभग 200 के आस-पास थी। वहीं अब यह 400 से भी ज्यादा हो गई है।
कई स्कूलों में बच्चों की संख्या हजारों में पहुंची शहर में ही स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, राजकीय उच्च विद्यालय गली नंबर 4 में बच्चों की संख्या इतनी ज्यादा है कि यहां कई कक्षाओं में तो बच्चों की संख्या 100 से भी ज्यादा है। इस कारण अध्यापकों को भी पढ़ाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
हरियाणा अध्यापक संघ के एक सर्वे के अनुसार इस समय कई बड़े गांवों के साथ-साथ शहरों में नए स्कूलों की आवश्यकता है। इनमें शामिल है।
1 रेलवे फाटक पार हरि नगर, बैंक कालोनी, रजनी कालोनी एरिया में
2 प्यौदा रोड अंदर व बाहर के एरिया में
3 प्रताप गेट, डोगरा गेट के बाहरी एरिया में
4 महादेव कालोनी-सिरटा रोड एरिया में
5 अंबाला रोड-चीका बाइपास-राधा स्वामी कालोनी-चिरंजीव कालोनी-सेठ कालोनी
6 नए बस स्टैंड के साथ भगत सिंह कालोनी, डिफेंस कालोनी एरिया में
7 खुराना रोड -डीएवी कालोनी एरिया में
इसके अलावा कई बड़े गांवों में भी नए स्कूल खोले जाने की आवश्यकता है।
‘शिक्षा मंत्री से इस संबंध में ज्ञापन भेजकर मांग की जा चुकी है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। विभाग करोड़ों रुपये की राशि ऐसी परियोजनाओं पर खर्च कर रहा है। जिसका कोई परिणाम नहीं निकल रहा है। लेकिन नए स्कूलों अथवा स्कूलों में अध्यापकों की संख्या बढ़ाए जाने की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस कारण बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकारी दूर होने के कारण अभिभावकों को निजि स्कूलों की ओर मजबूरन रूख करना पड़ता है। जहां उनसे हर प्रकार से भारी-भरकम वसूली की जाती है।
- सतबीर गोयत, सचिव, हरियाणा अध्यापक संघ