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रांची में स्वर्ण जीतने के बाद अब बहरीन में तिरंगा लहराने की तैयारी में कोमल
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पानीपत। रांची में स्वर्ण पदक जीतने के बाद गांव पट्टीकल्याणा निवासी कोमल पांचाल अब खाड़ी देश बहरीन में तिरंगा लहराने की तैयारी में हैं। 18 वर्षीय कोमल ने झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित पहली नेशनल ओपन रैकिंग चैंपियनशिप में 50 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर हरियाणा का नाम रोशन किया।
इस चैंपियनशिप में कोई भी खिलाड़ी समान भार वर्ग वाले खिलाड़ी से भिड़ सकता था। कोमल ने यूपी, बिहार, पंजाब एवं छत्तीसगढ़ की खिलाड़ियों को चित कर स्वर्ण पदक जीता है। बहरीन में दो जून को एशियन रेसलिंग ट्रायल का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए कोमल दिन में छह घंटे अभ्यास कर रही हैं। क्षमता बढ़ाने के साथ ही अपनी तकनीक पर विशेष ध्यान दे रही हैं। कोमल के कोच विनोद कुमार उनकी तकनीक पर गांव पट्टीकल्याणा में ही काम कर रहे हैं। कोच का कहना है कि कोमल जुझारू खिलाड़ी हैं और अपने अच्छे प्रदर्शन से भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होती हैं। इसी का नतीजा है कि जिस चैंपियनशिप में भी जाती हैं, वहां पदक जीतती हैं।
दो बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी हैं कोमल, हर नेशनल में स्वर्ण पदक
गांव की बहू कमलेश पहलवान को देखकर खेल शुरू करने वाली कोमल दो बार जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेकर चैंपियन बन चुकी हैं। पहली बार 40 किलोग्राम और दूसरी बार 46 किलोग्राम भार वर्ग में वह वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती थीं। अब वह एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए 50 किलोग्राम भार वर्ग में तैयारी कर रही हैं। एक साथ वह तीन चैंपियनशिप की तैयारी कर रही हैं। खेलो इंडिया की तैयारी भी साथ चल रही है। इसके लिए वह खेलो इंडिया के कैंप में नहीं बल्कि गांव के ही ग्राउंड में अभ्यास कर रही हैं।
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इस चैंपियनशिप में कोई भी खिलाड़ी समान भार वर्ग वाले खिलाड़ी से भिड़ सकता था। कोमल ने यूपी, बिहार, पंजाब एवं छत्तीसगढ़ की खिलाड़ियों को चित कर स्वर्ण पदक जीता है। बहरीन में दो जून को एशियन रेसलिंग ट्रायल का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए कोमल दिन में छह घंटे अभ्यास कर रही हैं। क्षमता बढ़ाने के साथ ही अपनी तकनीक पर विशेष ध्यान दे रही हैं। कोमल के कोच विनोद कुमार उनकी तकनीक पर गांव पट्टीकल्याणा में ही काम कर रहे हैं। कोच का कहना है कि कोमल जुझारू खिलाड़ी हैं और अपने अच्छे प्रदर्शन से भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं होती हैं। इसी का नतीजा है कि जिस चैंपियनशिप में भी जाती हैं, वहां पदक जीतती हैं।
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दो बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी हैं कोमल, हर नेशनल में स्वर्ण पदक
गांव की बहू कमलेश पहलवान को देखकर खेल शुरू करने वाली कोमल दो बार जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेकर चैंपियन बन चुकी हैं। पहली बार 40 किलोग्राम और दूसरी बार 46 किलोग्राम भार वर्ग में वह वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती थीं। अब वह एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए 50 किलोग्राम भार वर्ग में तैयारी कर रही हैं। एक साथ वह तीन चैंपियनशिप की तैयारी कर रही हैं। खेलो इंडिया की तैयारी भी साथ चल रही है। इसके लिए वह खेलो इंडिया के कैंप में नहीं बल्कि गांव के ही ग्राउंड में अभ्यास कर रही हैं।
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