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Panipat News: मडी में सरसों की फसल पहुंची, नमी बताकर नहीं खरीदा
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पानीपत। किसानों द्वारा लाई गई सरसों की 75 क्विंटल फसल मंगलवार को मंडी में पहुंच गई, लेकिन नमी होने के कारण उसकी सरकारी खरीद नहीं की जा सकी। पानीपत की नई अनाज मंडी में तीन ट्रॉलियों के गेट पास दिए गए हैं। मंडी में फसल को सुखाने के लिए डाल दिया गया है जिसको एक दो दिन तक सूखने के बाद उसकी खरीद की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि सरसों की खरीद हैफेड द्वारा की जा रही है। संबंधित अधिकारी मंडी में मौके पर पहुंचे और भी खरीद प्रक्रिया की जांच भी की, जो भी मापदंड विभाग की तरफ से निर्धारित किए गए हैं, उसी हिसाब से फसल को खरीदने के संबंध में सलाह दी। मंगलवार को सरकारी खरीद शुरू होने के बाद प्राइवेट एजेंसियों के द्वारा भी रेटों में बढ़ोतरी की गई है जो कि 4900 से लेकर 5000 हजार रुपये तक हो गए हैं। लेकिन किसानों द्वारा लाई गई सरसों की फसल में नमी होने के कारण उसकी सरकारी खरीद नहीं की जा सकी। इस बार सीधा हैफेड के अधिकारी किसानों से फसल नहीं खरीदेंगे। मंडी में आने के बाद कोओपेरिटव सोसायटी किसानों से फसल लेगी, ओर उसके बाद उनसे हैफेड खरीद करेगी। इस प्रकार से किसानों को सरकारी अधिकारियों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, और सीधा को-ओपरेटिव सोसायटी के पास जाकर किसान एमएसपी पर अपनी फसल बेच सकेंगे। इसके लिए एक ही दुकान अलॉट की गई है।
अनाज मंडी में सरसों की सरकारी खरीद मंगलवार से शुरू हो चुकी है। मंडी प्रशासन और हैफेड की ओर से सरसों खरीद के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। अनाज मंडी में सरसों की फसल आनी शुरू हो चुकी है, हालांकि अभी जो फसल आई हैं, उसमें काफी नमी, जिस वजह से मंडी में सरसों की खरीद नहीं हुई है। फसल को सूखने के लिए डाला गया है। गौरतलब है कि हैफेड विभाग द्वारा सरसों की खरीद पर आठ प्रतिशत नमी निर्धारित की गई है।
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वर्जन-
मार्केट कमेटी सचिव आशा रानी का कहना है कि उन्होंने पूरे इंतजाम किए हुए हैं। मंगलवार से ही सरसों का कार्य शुरू हुआ है, जिस सरसों में नमी नहीं होगी, उससे खरीद लिया जाएगा, जिसमें नमी अधिक होगी, उसको एक या दो दिन सूखने के बाद उसको भी खरीद लिया जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि सरसों की खरीद हैफेड द्वारा की जा रही है। संबंधित अधिकारी मंडी में मौके पर पहुंचे और भी खरीद प्रक्रिया की जांच भी की, जो भी मापदंड विभाग की तरफ से निर्धारित किए गए हैं, उसी हिसाब से फसल को खरीदने के संबंध में सलाह दी। मंगलवार को सरकारी खरीद शुरू होने के बाद प्राइवेट एजेंसियों के द्वारा भी रेटों में बढ़ोतरी की गई है जो कि 4900 से लेकर 5000 हजार रुपये तक हो गए हैं। लेकिन किसानों द्वारा लाई गई सरसों की फसल में नमी होने के कारण उसकी सरकारी खरीद नहीं की जा सकी। इस बार सीधा हैफेड के अधिकारी किसानों से फसल नहीं खरीदेंगे। मंडी में आने के बाद कोओपेरिटव सोसायटी किसानों से फसल लेगी, ओर उसके बाद उनसे हैफेड खरीद करेगी। इस प्रकार से किसानों को सरकारी अधिकारियों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, और सीधा को-ओपरेटिव सोसायटी के पास जाकर किसान एमएसपी पर अपनी फसल बेच सकेंगे। इसके लिए एक ही दुकान अलॉट की गई है।
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अनाज मंडी में सरसों की सरकारी खरीद मंगलवार से शुरू हो चुकी है। मंडी प्रशासन और हैफेड की ओर से सरसों खरीद के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। अनाज मंडी में सरसों की फसल आनी शुरू हो चुकी है, हालांकि अभी जो फसल आई हैं, उसमें काफी नमी, जिस वजह से मंडी में सरसों की खरीद नहीं हुई है। फसल को सूखने के लिए डाला गया है। गौरतलब है कि हैफेड विभाग द्वारा सरसों की खरीद पर आठ प्रतिशत नमी निर्धारित की गई है।
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मार्केट कमेटी सचिव आशा रानी का कहना है कि उन्होंने पूरे इंतजाम किए हुए हैं। मंगलवार से ही सरसों का कार्य शुरू हुआ है, जिस सरसों में नमी नहीं होगी, उससे खरीद लिया जाएगा, जिसमें नमी अधिक होगी, उसको एक या दो दिन सूखने के बाद उसको भी खरीद लिया जाएगा।