पानीपत। स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को गांव डाहर, डिडवाड़ी, भादड़, ब्राह्मण माजरा और बुड़शाम में शनिवार को 845 घरों में मच्छर जनित लार्वा की जांच की।यहां 27 लोगों में बुखार के लक्षण भी मिले। उनकी रक्तपट्टिकाएं बनाई गईं। ग्रामीणों को डेंगू-मलेरिया से बचाव के उपाय बताकर जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य निरीक्षक ओम सिंह ने बताया कि मलेरिया बुखार संक्रमित मादा एनाफिलीज के काटने से होता है जिसमे कंपन के साथ बुखार आता है। फिर गर्मी लगकर, पसीना आकर बुखार उतर जाता है। डेंगू बुखार संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से होता है और डेंगू का मच्छर दिन में काटता है। स्वास्थ्यकर्मी कमलजीत सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा एंटी लार्वा एक्टिविटी की जा रही है, इसमें एमपीएचडब्ल्यू के सदस्य डोर-टू-डोर जाकर फ्रिज की ट्रे, कूलर के पानी, छत पर खड़े पानी की जांच करते हैं और लार्वा मिलने पर उसे नष्ट करते हैं। उन्होंने बताया कि फ्रिज की ट्रे, कूलर का पानी सप्ताह में एक बार जरूर बदलना चाहिए। रात को मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। बुखार होने पर अपनी जांच सरकारी स्वास्थ्य संस्था से करानी चाहिए। इस अवसर पर राजेश कुमार, कविता देवी, जगबीर सिंह और पूनम उपस्थित रही।