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Panipat News: सम्मेलन के जरिए हिंदुओं को संगठित करने का दिया संदेश
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एंबिएंस गार्डन में विराट हिंदू सम्मेलन में उपस्थित शहर के लोग। स्रोत : समिति
पानीपत। विराट हिंदू सम्मेलन में राष्ट्र जागरण का आह्वान कर संतों और प्रबुद्धजनों ने समाज को संगठित होने और सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने का संदेश दिया। शहर समेत जिले में 13 स्थानों पर रविवार को विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया।
विराट हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति सेक्टर 25 व 29 बस्ती द्वारा सेक्टर-25 स्थित एंबिएशन गार्डन में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया, इसमें राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक अस्मिता, कुटुंब व्यवस्था और सामाजिक संगठन जैसे विषयों पर व्यापक चिंतन किया।
महामंडलेश्वर अरुणदास महाराज ने कहा कि हिंदू समाज को संगठित शक्ति कर अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत बनाए रखना होगा। जब समाज एकजुट होकर राष्ट्रहित में कार्य करता है तब हर चुनौती का डटकर सामना किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना से कार्य करने का आह्वान किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यकारी सदस्य सुभाष आहूजा ने संघ की लगभग सौ वर्ष की यात्रा, संघर्षों और उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया।
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उन्होंने पंच परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि व्यक्ति, परिवार और समाज में सकारात्मक बदलाव लाकर ही राष्ट्र को सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने अनुशासन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को वर्तमान समय की प्रमुख आवश्यकता बताया।
ब्रह्मकुमारी अंजना बहन ने राष्ट्रवाद और राष्ट्रभक्ति को सर्वोपरि बताया और कहा कि प्रत्येक नागरिक का प्रथम कर्तव्य राष्ट्रहित को प्राथमिकता देना है। उन्होंने कहा कि जब समाज में देशभक्ति की भावना सुदृढ़ होती है, तभी राष्ट्रीय एकता और अखंडता सुरक्षित रहती है।
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विराट हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति सेक्टर 25 व 29 बस्ती द्वारा सेक्टर-25 स्थित एंबिएशन गार्डन में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया, इसमें राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक अस्मिता, कुटुंब व्यवस्था और सामाजिक संगठन जैसे विषयों पर व्यापक चिंतन किया।
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महामंडलेश्वर अरुणदास महाराज ने कहा कि हिंदू समाज को संगठित शक्ति कर अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत बनाए रखना होगा। जब समाज एकजुट होकर राष्ट्रहित में कार्य करता है तब हर चुनौती का डटकर सामना किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना से कार्य करने का आह्वान किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यकारी सदस्य सुभाष आहूजा ने संघ की लगभग सौ वर्ष की यात्रा, संघर्षों और उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया।
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उन्होंने पंच परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि व्यक्ति, परिवार और समाज में सकारात्मक बदलाव लाकर ही राष्ट्र को सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने अनुशासन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को वर्तमान समय की प्रमुख आवश्यकता बताया।
ब्रह्मकुमारी अंजना बहन ने राष्ट्रवाद और राष्ट्रभक्ति को सर्वोपरि बताया और कहा कि प्रत्येक नागरिक का प्रथम कर्तव्य राष्ट्रहित को प्राथमिकता देना है। उन्होंने कहा कि जब समाज में देशभक्ति की भावना सुदृढ़ होती है, तभी राष्ट्रीय एकता और अखंडता सुरक्षित रहती है।