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पानीपत: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला व राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने किया वेद विद्यालय और ज्ञानेश्वर मंदिर का लोकार्पण
Fri, 22 Oct 2021 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 02:03 AM IST
सार
पानीपत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला व राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने वीरवार को वेदों के संरक्षण पर जोर दिया। मौका था वेद विद्यालय और ज्ञानेश्वर मंदिर के लोकार्पण का। इस दौरान योग गुरु बाबा रामदेव और ज्ञानानंद महाराज ने भी भारतीय संस्कृति पर बात रखी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल एवं उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया।
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ज्ञानेश्वर मंदिर के लोकार्पण मौके पर मौजूद राज्यपाल, लोकसभा अध्यक्ष व अन्य।
- फोटो : पानीपत
विस्तार
पानीपत की अंसल सिटी में वेद विद्यालय भवन एवं ज्ञानेश्वर मंदिर का वीरवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने लोकार्पण किया। उनके साथ योग गुरु बाबा रामदेव एवं ज्ञानानंद महाराज भी मौजूद रहे। सभी ने वेदों को बढ़ावा देने और वैदिक ज्ञान को संरक्षित करने पर जोर दिया। वहीं, मुख्यमंत्री मनोहर लाल एवं उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो संदेश भेजा। दोनों ने वैदिक ज्ञान को बढ़ाने पर बल दिया। सीएम मनोहर लाल ने वीडियो संदेश में वैदिक ज्ञान के लिए विद्यालय की शुरुआत को ऐतिहासिक कदम बताया।
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वैदिक ज्ञान को संरक्षित करने की जरूरत
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि विदेशी शासन में ज्ञानशालाओं एवं आध्यात्मिक ग्रंथों को नष्ट किया गया है। ऐसे में वैदिक ज्ञान को संरक्षित करने की अधिक आवश्यकता है। वैदिक ज्ञान और संस्कृत शिक्षण के अभियान को आम जनता से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। भारतवासियों में आध्यात्मिकता, आस्था और श्रद्धा कूट-कूटकर भरी है। हमें स्वयं से पहचान कराने का श्रेय अगर किसी को जाता है, तो वह भारत के संतों-मनीषियों को ही जाता है, जो त्याग की साक्षात प्रतिमूर्ति हैं।
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वेदों की रक्षा करना हमारा फर्ज
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि वैदिक शिक्षा का हमारे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जीवन के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन में भी महत्वपूर्ण स्थान रहा है। वेद वह दिव्य शब्द है, जो सृष्टि के आरंभ से ही हमारे ऋषियों को प्राप्त है। हमारे वेद ज्ञान और विज्ञान के अक्षय भंडार हैं, जो आदि काल से ही हमारा आध्यात्मिक, वैचारिक और सांस्कृतिक मार्गदर्शन करते आए हैं। बाबा रामदेव ने कहा कि वेदों की रक्षा करना हमारा कर्त्तव्य है। हमें वेदों का गौरव बढ़ाना है। वेदों को बढ़ावा देना हमारा दायित्व है। उन्होंने कहा कि हमें अपने धर्म की वृद्धि के लिए आय का 10 प्रतिशत दान देना चाहिए। देशभर में खोले गए वेद विद्यालयों का काम ऐतिहासिक है।