{"_id":"61955e9467b50c623f272419","slug":"liquor-factory-got-permission-to-reopen-panipat-news-knl899311166","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब फैक्टरी को दोबारा खोलने की अनुमति मिली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शराब फैक्टरी को दोबारा खोलने की अनुमति मिली
विज्ञापन
समालखा। प्रदूषण की शिकायत के कारण तीन सप्ताह पहले बंद की गई चुलकाना स्थित शराब फैक्टरी को फिर से खोलने की अनुमति प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दे दी है। बुधवार को बोर्ड अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने फैक्टरी का निरीक्षण किया।
चुलकाना रोड पर 30 साल पहले शराब की फैक्टरी हरियाणा आर्गेनिक्स स्थापित हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्टरी प्रबंधन ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए उचित उपाय नहीं किए। आरोप लगाया था कि इस लापरवाही के कारण गांव चुलकाना एवं आसपास के करीब दर्जनभर गांवों का भूजल प्रदूषित हो चुका है। इतना ही नहीं फैक्टरी का गंदा पानी ड्रेन में छोड़ा जा रहा था। साथ ही फैक्टरी से निकलने वाली राख ने फसलों को बर्बाद कर दिया। करीब महीना भर पहले ग्रामीणों ने फैक्टरी के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया गया था। फैक्टरी के सामने धरना भी दिया। इसके बाद प्रशासन और फैक्टरी प्रबंधन के हाथपांव फूल गए थे। बाद में प्रशासन के आदेश पर प्रदूषण नियंत्रण करने तक फैक्टरी को बंद कर दिया गया।
बुधवार को एसडीएम अश्विनी मलिक, प्रदूषण नियंत्रण विभाग के एसडीओ प्रदीप कुमार ने ग्रामीणों के एक प्रतिनिधि मंडल के साथ फैक्टरी का निरीक्षण किया। जहां पर फैक्टरी प्रबंधन ने प्रदूषण रोकने को लेकर किए गए उपायों के बारे में बताया। इसके बाद अधिकारियों ने फैक्टरी को क्लीनचिट देते हुए फैक्टरी खोलने की अनुमति दे दी।
विज्ञापन
क्या कहते हैं एसडीओ
एसडीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि धुएं के लिए ईएसपी एवं बैग फिल्टर बेहतर किए गए हैं। फैक्टरी का गंदा पानी ड्रेन में नहीं छोड़ा जाएगा। इसके लिए मॉनीटरिंग की जाएगी। गंदे पानी को रिसाइकिल कर फैक्टरी में ही प्रयोग किया जाएगा और एमईओ का प्रयोग होगा। राख को खुले में फेंकने की बजाए लैंड फीलिंग की जाएगी।
विज्ञापन
चुलकाना रोड पर 30 साल पहले शराब की फैक्टरी हरियाणा आर्गेनिक्स स्थापित हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्टरी प्रबंधन ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए उचित उपाय नहीं किए। आरोप लगाया था कि इस लापरवाही के कारण गांव चुलकाना एवं आसपास के करीब दर्जनभर गांवों का भूजल प्रदूषित हो चुका है। इतना ही नहीं फैक्टरी का गंदा पानी ड्रेन में छोड़ा जा रहा था। साथ ही फैक्टरी से निकलने वाली राख ने फसलों को बर्बाद कर दिया। करीब महीना भर पहले ग्रामीणों ने फैक्टरी के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया गया था। फैक्टरी के सामने धरना भी दिया। इसके बाद प्रशासन और फैक्टरी प्रबंधन के हाथपांव फूल गए थे। बाद में प्रशासन के आदेश पर प्रदूषण नियंत्रण करने तक फैक्टरी को बंद कर दिया गया।
विज्ञापन
बुधवार को एसडीएम अश्विनी मलिक, प्रदूषण नियंत्रण विभाग के एसडीओ प्रदीप कुमार ने ग्रामीणों के एक प्रतिनिधि मंडल के साथ फैक्टरी का निरीक्षण किया। जहां पर फैक्टरी प्रबंधन ने प्रदूषण रोकने को लेकर किए गए उपायों के बारे में बताया। इसके बाद अधिकारियों ने फैक्टरी को क्लीनचिट देते हुए फैक्टरी खोलने की अनुमति दे दी।
विज्ञापन
क्या कहते हैं एसडीओ
एसडीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि धुएं के लिए ईएसपी एवं बैग फिल्टर बेहतर किए गए हैं। फैक्टरी का गंदा पानी ड्रेन में नहीं छोड़ा जाएगा। इसके लिए मॉनीटरिंग की जाएगी। गंदे पानी को रिसाइकिल कर फैक्टरी में ही प्रयोग किया जाएगा और एमईओ का प्रयोग होगा। राख को खुले में फेंकने की बजाए लैंड फीलिंग की जाएगी।