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पांच हजार रुपये की रिश्वत लेने पर कृषि विभाग के जेई को चार वर्ष की सजा
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पानीपत। कृषि विभाग के जूनियर इंजीनियर को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेने पर एएसजे गगनदीप मित्तल की अदालत ने चार वर्ष की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जिसे अदा नहीं करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इसी मामले में आरोपी कृषि विभाग के एईई को अदालत ने आरोपों से बरी कर दिया।
जिला न्यायवादी राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि ट्रैक्टर इंप्लीमेंट कमेटी के प्रधान गांव डोढ़पुर निवासी भोजराज ने डीएसपी विजिलेंस को शिकायत दी थी। वर्ष 2018 की 22 मार्च को दी गई शिकायत में भोजराज ने बताया था कि उसने एक ट्रैक्टर इंप्लीमेंट कमेटी बनाई थी। सरकार की योजना के अनुसार ट्रैक्टर और इंप्लीमेंट खरीदने पर 40 फीसदी की सब्सिडी दी जा रही थी। सब्सिडी लेने के लिए कृषि विभाग में फरवरी 2018 में 12 लाख रुपये के बिल जमा कराए थे, लेकिन इसे देने में सहायक कृषि अभियंता के कार्यालय में कार्यरत सोनीपत में गोहाना के गांव कासंडी निवासी जेई विश्वपाल और मॉडल टाउन निवासी एईई विनीत कुमार टाल रहे थे। दोनों 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की और बाद में पांच हजार रुपये में बात तय हुई।
इस मामले में भोजराज ने डीपीएसी विजिलेंस की शिकायत दी। जिसके बाद टीम गठित की गई और शिकायतकर्ता भोजराज को लेकर टीम कृषि विभाग के कार्यालय पहुंचीं। जेई विश्वपाल ने शिकायतकर्ता भोजराज से पांच हजार रुपये ले लिए और विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इस मामले में एएसजे गगनदीप मित्तल की अदालत ने सजा सुनाई। पीसी एक्ट के तहत दोषी पाए जाने पर अलग-अलग धाराओं में चार-चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई और दोनों ही धाराओं में 10-10 रुपये के साथ कुल 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी और अब तक जेल में रहने की अवधि इस चार वर्ष की सजा में समायोजित होगी। इसके साथ ही एईई विनीत कुमार को बरी कर दिया गया।
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जिला न्यायवादी राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि ट्रैक्टर इंप्लीमेंट कमेटी के प्रधान गांव डोढ़पुर निवासी भोजराज ने डीएसपी विजिलेंस को शिकायत दी थी। वर्ष 2018 की 22 मार्च को दी गई शिकायत में भोजराज ने बताया था कि उसने एक ट्रैक्टर इंप्लीमेंट कमेटी बनाई थी। सरकार की योजना के अनुसार ट्रैक्टर और इंप्लीमेंट खरीदने पर 40 फीसदी की सब्सिडी दी जा रही थी। सब्सिडी लेने के लिए कृषि विभाग में फरवरी 2018 में 12 लाख रुपये के बिल जमा कराए थे, लेकिन इसे देने में सहायक कृषि अभियंता के कार्यालय में कार्यरत सोनीपत में गोहाना के गांव कासंडी निवासी जेई विश्वपाल और मॉडल टाउन निवासी एईई विनीत कुमार टाल रहे थे। दोनों 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की और बाद में पांच हजार रुपये में बात तय हुई।
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इस मामले में भोजराज ने डीपीएसी विजिलेंस की शिकायत दी। जिसके बाद टीम गठित की गई और शिकायतकर्ता भोजराज को लेकर टीम कृषि विभाग के कार्यालय पहुंचीं। जेई विश्वपाल ने शिकायतकर्ता भोजराज से पांच हजार रुपये ले लिए और विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इस मामले में एएसजे गगनदीप मित्तल की अदालत ने सजा सुनाई। पीसी एक्ट के तहत दोषी पाए जाने पर अलग-अलग धाराओं में चार-चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई और दोनों ही धाराओं में 10-10 रुपये के साथ कुल 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी और अब तक जेल में रहने की अवधि इस चार वर्ष की सजा में समायोजित होगी। इसके साथ ही एईई विनीत कुमार को बरी कर दिया गया।
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