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जाट आरक्षण की आग पहुंची पानीपत, एनएच 71-ए पर जमाया कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Thu, 18 Feb 2016 12:09 AM IST
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जाट आरक्षण को लेकर सुलग रही चिंगारी बुधवार को पानीपत के इसराना तक पहुंच गई। ग्रामीणों ने पानीपत-रोहतक नेशनल हाईवे नंबर 71 एक पांच जगह जाम लगाकर कब्जा कर लिया।
तीन अन्य संपर्क मार्गों पर भी जाम लगा दिया। पानीपत से रोहतक का संपर्क पूरी तरह टूटने लोगों को खासी परेशानी हुई। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद भी लोग हाईवे से नहीं हटे।
रोहतक, सोनीपत, हिसार और भिवानी के बाद जाट आरक्षण की आग ने बुधवार सुबह पानीपत को भी चपेट में ले लिया।
जाटों ने बुधवार सुबह एनएच-71-ए पर शाहपुर गांव में जाम लगा दिया। इसके कुछ आगे गोहाना की तरफ कैत गांव के ग्रामीण एनएच-71 ए पर उतर गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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तहसीलदार राजकुमार भौरिया, डीएसपी मुख्यालय जोगिंद्र राठी व थाना इसराना प्रभारी सुमित सरोहा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर डटे रहे।
इसके कुछ देर बाद ही कुछ ग्रामीण एनएच-71 ए पर पानीपत से इसराना में दाखिल होते फ्लाईओवर से पहले जाम लगाकर बैठ गए।
इससे आगे इसराना बाजार में कट पर ग्रामीण बैठ गए। दोपहर के समय नौल्था गांव में ग्रामीण डिडवाड़ी मोड़ पर एनएच-71 ए पर बैठ गए।
वहीं शाहपुर से निकलने वाले लिंक मार्गों पर भी पेड़ काट कर गिरा दिए और रास्ता बंद कर दिया। वहीं इसराना-सींक मार्ग की आवाजाही रोकने के लिए ग्रामीणों ने परढ़ाना गांव व सींक-नौल्था मार्ग पर कारद गांव के पास जाम लगा दिया।
जिसके चलते पानीपत-रोहतक का पूरी तरह से संपर्क कट गया। ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर डटे रहे और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की एक भी नहीं सुनी।
युवाओं ने संभाला मोर्चा, पुलिसकर्मी तमाशबीन
एनएच-71-ए पर जाम लगाने वालों में युवा सबसे ज्यादा थे। उनको बुजुर्गों का पूरी तरह से साथ मिला हुआ था। ग्रामीणों ने सरकार विरोधी नारेबाजी की।
उन्होंने कहा कि आरक्षण जाटों का अधिकार है और वे अपना अधिकार पाकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि गत दिनों दबाव पड़ने पर सरकार द्वारा जाटों को आरक्षण दे दिया था, लेकिन सरकार बदलते ही आरक्षण वापस ले लिया।
आरक्षण के चलते कुछ लोग योग्यता न होने के बाद भी अच्छे पदों पर आसीन है, जबकि जाट योग्यता होने के बाद भी नौकरी नहीं पा रहे। सरकार को जाटों को भी आरक्षण देना चाहिए। हाईवे कई जगह पर जाम होने से अधिकारी व कर्मी भी मायूस होकर बैठ गए और एक बार समझाने के बाद कुछ नहीं कहा।
शाहपुर की महिलाओं ने ट्रांसफार्मर व पेंशन का उठाया मुद्दा
शाहपुर गांव में एनएच-71-ए पर जाम में बैठी महिलाओं और बुजुर्गों ने सरकार की दूसरे क्षेत्रों में अनदेखी का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि गांव में बीस दिन से ट्रांसफार्मर फुंका हुआ है और वे बिजली निगम को सूचित कर चुके हैं। बावजूद इसके ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा सका है।
गांव के बुजुर्गों को पेंशन तक नहीं मिल पा रही है। इसराना तहसीलदार डॉ. राजकुमार भौरिया ने महिलाओं व ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
वाहन चालकों को उठानी पड़ी परेशानी
एनएच-71 ए पर जाम लगने के चलते पानीपत-रोहतक के बीच में कोई भी वाहन नहीं दौड़ सका। लोकल गांवों के लोग ही अपने निजी वाहनों से मुश्किल से आ जा सके। सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए। दिल्ली में भारी वाहनों की पाबंदी के बाद एनएच-71-ए पर जाम लगाने पर ट्रकों को रास्ता नहीं मिल सका।
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तीन अन्य संपर्क मार्गों पर भी जाम लगा दिया। पानीपत से रोहतक का संपर्क पूरी तरह टूटने लोगों को खासी परेशानी हुई। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद भी लोग हाईवे से नहीं हटे।
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रोहतक, सोनीपत, हिसार और भिवानी के बाद जाट आरक्षण की आग ने बुधवार सुबह पानीपत को भी चपेट में ले लिया।
जाटों ने बुधवार सुबह एनएच-71-ए पर शाहपुर गांव में जाम लगा दिया। इसके कुछ आगे गोहाना की तरफ कैत गांव के ग्रामीण एनएच-71 ए पर उतर गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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तहसीलदार राजकुमार भौरिया, डीएसपी मुख्यालय जोगिंद्र राठी व थाना इसराना प्रभारी सुमित सरोहा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर डटे रहे।
इसके कुछ देर बाद ही कुछ ग्रामीण एनएच-71 ए पर पानीपत से इसराना में दाखिल होते फ्लाईओवर से पहले जाम लगाकर बैठ गए।
इससे आगे इसराना बाजार में कट पर ग्रामीण बैठ गए। दोपहर के समय नौल्था गांव में ग्रामीण डिडवाड़ी मोड़ पर एनएच-71 ए पर बैठ गए।
वहीं शाहपुर से निकलने वाले लिंक मार्गों पर भी पेड़ काट कर गिरा दिए और रास्ता बंद कर दिया। वहीं इसराना-सींक मार्ग की आवाजाही रोकने के लिए ग्रामीणों ने परढ़ाना गांव व सींक-नौल्था मार्ग पर कारद गांव के पास जाम लगा दिया।
जिसके चलते पानीपत-रोहतक का पूरी तरह से संपर्क कट गया। ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर डटे रहे और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की एक भी नहीं सुनी।
युवाओं ने संभाला मोर्चा, पुलिसकर्मी तमाशबीन
एनएच-71-ए पर जाम लगाने वालों में युवा सबसे ज्यादा थे। उनको बुजुर्गों का पूरी तरह से साथ मिला हुआ था। ग्रामीणों ने सरकार विरोधी नारेबाजी की।
उन्होंने कहा कि आरक्षण जाटों का अधिकार है और वे अपना अधिकार पाकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि गत दिनों दबाव पड़ने पर सरकार द्वारा जाटों को आरक्षण दे दिया था, लेकिन सरकार बदलते ही आरक्षण वापस ले लिया।
आरक्षण के चलते कुछ लोग योग्यता न होने के बाद भी अच्छे पदों पर आसीन है, जबकि जाट योग्यता होने के बाद भी नौकरी नहीं पा रहे। सरकार को जाटों को भी आरक्षण देना चाहिए। हाईवे कई जगह पर जाम होने से अधिकारी व कर्मी भी मायूस होकर बैठ गए और एक बार समझाने के बाद कुछ नहीं कहा।
शाहपुर की महिलाओं ने ट्रांसफार्मर व पेंशन का उठाया मुद्दा
शाहपुर गांव में एनएच-71-ए पर जाम में बैठी महिलाओं और बुजुर्गों ने सरकार की दूसरे क्षेत्रों में अनदेखी का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि गांव में बीस दिन से ट्रांसफार्मर फुंका हुआ है और वे बिजली निगम को सूचित कर चुके हैं। बावजूद इसके ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा सका है।
गांव के बुजुर्गों को पेंशन तक नहीं मिल पा रही है। इसराना तहसीलदार डॉ. राजकुमार भौरिया ने महिलाओं व ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
वाहन चालकों को उठानी पड़ी परेशानी
एनएच-71 ए पर जाम लगने के चलते पानीपत-रोहतक के बीच में कोई भी वाहन नहीं दौड़ सका। लोकल गांवों के लोग ही अपने निजी वाहनों से मुश्किल से आ जा सके। सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए। दिल्ली में भारी वाहनों की पाबंदी के बाद एनएच-71-ए पर जाम लगाने पर ट्रकों को रास्ता नहीं मिल सका।