फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Jaswant Singh, resident of Panipat, became an HCS officer

Haryana: पिता के कहने पर नौकरी छोड़ की सिविल सर्विस की तैयारी, अब जसवंत सिंह बने HCS

Thu, 12 Oct 2023 01:20 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 12 Oct 2023 01:20 AM IST
सार

मास्टर डिग्री के बाद दो साल आंध्र प्रदेश में नौकरी की शांति नगर निवासी जसवंत मलिक दिनरात पढ़ाई कर एचसीएस बने हैं। पिता राजकीय सीसे स्कूल सिठाना में हिंदी प्रवक्ता और मां गृहिणी है। उनका आईएएस बनना लक्ष्य है।

विज्ञापन
Jaswant Singh, resident of Panipat, became an HCS officer
पिता सुरजीत मलिक व मां कृष्णा देवी के साथ जसवंत मलिक। - फोटो : परिजन

विस्तार

हरियाणा के पानीपत में शांति नगर निवासी जसवंत सिंह हरियाणा सिविल सर्विस की परीक्षा पास कर एचसीएस अधिकारी बन गए हैं। वे मूल रूप से जिले के सींक गांव के रहने वाले हैं। पिता सुरजीत मलिक राजकीय सीसे स्कूल सिठाना में हिंदी के प्रवक्ता हैं, जबकि मां कृष्णा देवी गृहिणी हैं। जसवंत का लक्ष्य आईएएस बनना है। उन्हें आईएएस की परीक्षा के परिणाम का इंतजार है।

विज्ञापन


इस बीच 23 नवंबर को होने वाली इंडियन फॉरेस्ट सर्विस की परीक्षा की तैयारी में भी जुटे हैं। जसवंत मलिक को इस मुकाम तक पहुंचाने में उनके पिता सुरजीत मलिक का मार्गदर्शन और मां कृष्णा देवी की मेहनत रही है।
विज्ञापन


हरियाणा सिविल सर्विस का बुधवार को परिणाम जारी किया गया। पानीपत के शांति नगर निवासी जसवंत सिंह ने मेरिट में दूसरे स्थान पर नाम आया है। उनके घर पर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। जसवंत मलिक आईएएस की तैयारी के लिए दिल्ली में होने के चलते पानीपत घर नहीं आ पाए। वह बृहस्पतिवार को घर आएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिता सुरजीत मलिक ने बताया कि जसवंत का एचसीएस में यह दूसरा प्रयास था और आईएएस में वह तीसरी बार प्रयास कर रहे हैं। एचसीएस की प्री और मेन परीक्षा में ही उन्हें उम्मीद हो गई थी। वह मंगलवार को चंडीगढ़ से सीधे दिल्ली चले गए थे। उन्होंने फोन पर बात की तो वह काफी खुश लग रहे थे।

बेटे को सफल बनाना था तो पढ़ाई के लिए दूर भेजा
सुरजीत मलिक ने बताया कि बड़ा बेटा खुशवंत मलिक जिला कोर्ट में वकील हैं और बेटी नीरज ने फिजिक्स में एमएससी की थी। वह शादीशुदा है। तीसरा बेटा जसवंत शुरू से ही पढ़ाई में होशियार रहा है। उन्होंने बेटे को बड़ा अधिकारी बनाने की सोच के साथ बसंत कुंज दिल्ली स्थित डीपीएस स्कूल में पढ़ाया।

उन्होंने 12वीं में 96 प्रतिशत अंक प्राप्त किया। दिल्ली स्थित किरोड़ीमल कॉलेज से बीएससी मैथ ऑनर्स से स्नातक की डिग्री की। टाटा इंस्टीट्यूट आफ सोशल साइंस हैदराबाद से मास्टर डिग्री की। उन्होंने आंध्र प्रदेश में दो साल नौकरी की। उन्होंने उसे घर से इतनी दूर नौकरी करने के बजाय यूपीएससी की तैयारी करने की सलाह दी।


फिर उन्होंने दिल्ली में रहकर यूपीएसपी की तैयारी की। वह यूपीएससी और एचसीएस की प्री- परीक्षा कई बार पास कर चुके हैं। जसवंत मलिक ने बताया कि वह इंडियन फॉरेस्ट सर्विस की तैयारी कर रहा है। उसे इस बार सफलता नजर आ रही है। मां कृष्णा मलिक ने बताया बेटे का एक सपना पूरा हुआ है। वह अपनी मेहनत से आईएएस भी जरूर बनेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed