{"_id":"58a748234f1c1b931ad84fad","slug":"jasiya-dharna-back-19-open-planning","type":"story","status":"publish","title_hn":"जसिया धरने में राय बनाकर लौटे जाट नेता, 19 को करेंगे खुलासा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जसिया धरने में राय बनाकर लौटे जाट नेता, 19 को करेंगे खुलासा
पानीपत अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Feb 2017 12:30 AM IST
विज्ञापन
जाट आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उग्रा खेड़ी में चल रहा जाटों का धरना तेज हो गया है। धरनारत लोगों की संख्या 1500 से ऊपर पहुंच गई है। इनमें महिलाओं की संख्या भी 500 के करीब है। रोहतक के जसिया में हुई बैठक में शामिल होकर दो जाट नेता भी पानीपत पहुंचे। उन्होंने 19 फरवरी को बलिदान दिवस मनाकर फैसलों को स्पष्ट करने की बात कही।
धरने में महिलाओं और गायककारों ने रागिनी के साथ ही गीत भी पेश किए। जाटों ने बलिदान दिवस को लेकर यातायात व दूसरी व्यवस्था को लेकर 50 युवाओं की एक टीम बनाई है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर उग्रा खेड़ी स्टेडियम में चल रहा धरने शुक्रवार को 20वां दिन रहा।
महिलाएं ट्रैक्टर-ट्रॉली चलाकर और युवा 80 मोटरसाइकिलों के काफिले के साथ गांव बबैल से निंबरी होते हुई उग्रा खेड़ी में धरनास्थल पर पहुंचे। बबैल की महिलाओं ने धरने में कीनू भी बांटे। संघर्ष समिति ने ट्रैक्टर-ट्रॉली चलाकर धरने में पहुंचने वाली महिलाओं को दो बुजुर्ग महिलाओं से स्मृति चिह्न दिलाकर सम्मानित किया।
विज्ञापन
जसिया में चली जाट संघर्ष समिति की बैठक में शामिल होने को प्रदेश महासचिव सुरेंद्र मलिक और मास्टर मामन रवाना हुए। संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव प्रताप सिंह दहिया ने कहा कि बलिदान दिवस के दिन धरनास्थल पर पैर रखने तक की जगह नहीं बचेगी। सनौली-हरिद्वार रोड पर भी लोगों की चहल-पहल रहेगी।
उन्होंने बताया कि पार्किंग और व्यवस्था बनाए रखने के लिए 50 स्वयं सेवकों को समिति ने जिम्मेदारी सौंपी है। बलिदान दिवस में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के यूपी अध्यक्ष मानवेंद्र वर्मा शामिल होंगे। जसिया बुलाए गए समिति के प्रदेश महासचिव सुरेंद्र मलिक और मास्टर मामन ने बताया कि
मांगों को लेकर लड़ाई समिति राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के नेतृत्व में ही लड़ी जाएगी। आगामी रणनीति को लेकर हुई बैठक में कई निर्णय लिए गए हैं। उनका खुलासा बलिदान दिवस के दिन किया जाएगा। मलिक ने बताया कि शनिवार को दिल्ली प्रदेश महासचिव निशा चौधरी भी धरने में शामिल होंगी।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री बिजेंद्र कादियान, डॉ. कर्ण सिंह कादियान, तेजबीर जागलान, महाबीर डिडवाड़ी, एडवोकेट जगदीप घणघस, पूर्व सरपंच बिंटू मलिक, दीपक खटखड़, सूरज मल, देवी सिंह, शीला, महाबीर, सुभाष व दिलावर मराठा मौजूद रहे।
यह मिला चंदा
समिति के जिला अध्यक्ष सतबीर सिंह देशवाल ने बताया कि शुक्रवार को बबैल ने एक लाख 11 हजार, पूठर व समालखा गांव ने 51-51 हजार, बलाना ने 39 हजार, बलाना के रोड समाज ने 11 हजार, बिजावा ने 39 हजार और भाउपुर ने 21 हजार रुपये का चंदा जमा कराया।
खुफिया विभाग के अधिकारी जाट नेता बन बैठक में पहुंचे
थर्मल प्लांट के कांफ्रेंस हाल में चल रही खापों और जाट महासभा नेताओं की वार्ता में खुफिया विभाग के अधिकारी आम आदमी और जाट नेता बनकर बीच में बैठ गए। उन्होंने इसकी जरा भी भनक नहीं लगने दी। अलग-अलग कुर्सियों पर बैठे खुफिया विभाग के अधिकारी पूरी वार्ता पर नजर रखे रहे।
विज्ञापन
धरने में महिलाओं और गायककारों ने रागिनी के साथ ही गीत भी पेश किए। जाटों ने बलिदान दिवस को लेकर यातायात व दूसरी व्यवस्था को लेकर 50 युवाओं की एक टीम बनाई है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर उग्रा खेड़ी स्टेडियम में चल रहा धरने शुक्रवार को 20वां दिन रहा।
विज्ञापन
महिलाएं ट्रैक्टर-ट्रॉली चलाकर और युवा 80 मोटरसाइकिलों के काफिले के साथ गांव बबैल से निंबरी होते हुई उग्रा खेड़ी में धरनास्थल पर पहुंचे। बबैल की महिलाओं ने धरने में कीनू भी बांटे। संघर्ष समिति ने ट्रैक्टर-ट्रॉली चलाकर धरने में पहुंचने वाली महिलाओं को दो बुजुर्ग महिलाओं से स्मृति चिह्न दिलाकर सम्मानित किया।
विज्ञापन
जसिया में चली जाट संघर्ष समिति की बैठक में शामिल होने को प्रदेश महासचिव सुरेंद्र मलिक और मास्टर मामन रवाना हुए। संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव प्रताप सिंह दहिया ने कहा कि बलिदान दिवस के दिन धरनास्थल पर पैर रखने तक की जगह नहीं बचेगी। सनौली-हरिद्वार रोड पर भी लोगों की चहल-पहल रहेगी।
उन्होंने बताया कि पार्किंग और व्यवस्था बनाए रखने के लिए 50 स्वयं सेवकों को समिति ने जिम्मेदारी सौंपी है। बलिदान दिवस में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के यूपी अध्यक्ष मानवेंद्र वर्मा शामिल होंगे। जसिया बुलाए गए समिति के प्रदेश महासचिव सुरेंद्र मलिक और मास्टर मामन ने बताया कि
मांगों को लेकर लड़ाई समिति राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के नेतृत्व में ही लड़ी जाएगी। आगामी रणनीति को लेकर हुई बैठक में कई निर्णय लिए गए हैं। उनका खुलासा बलिदान दिवस के दिन किया जाएगा। मलिक ने बताया कि शनिवार को दिल्ली प्रदेश महासचिव निशा चौधरी भी धरने में शामिल होंगी।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री बिजेंद्र कादियान, डॉ. कर्ण सिंह कादियान, तेजबीर जागलान, महाबीर डिडवाड़ी, एडवोकेट जगदीप घणघस, पूर्व सरपंच बिंटू मलिक, दीपक खटखड़, सूरज मल, देवी सिंह, शीला, महाबीर, सुभाष व दिलावर मराठा मौजूद रहे।
यह मिला चंदा
समिति के जिला अध्यक्ष सतबीर सिंह देशवाल ने बताया कि शुक्रवार को बबैल ने एक लाख 11 हजार, पूठर व समालखा गांव ने 51-51 हजार, बलाना ने 39 हजार, बलाना के रोड समाज ने 11 हजार, बिजावा ने 39 हजार और भाउपुर ने 21 हजार रुपये का चंदा जमा कराया।
खुफिया विभाग के अधिकारी जाट नेता बन बैठक में पहुंचे
थर्मल प्लांट के कांफ्रेंस हाल में चल रही खापों और जाट महासभा नेताओं की वार्ता में खुफिया विभाग के अधिकारी आम आदमी और जाट नेता बनकर बीच में बैठ गए। उन्होंने इसकी जरा भी भनक नहीं लगने दी। अलग-अलग कुर्सियों पर बैठे खुफिया विभाग के अधिकारी पूरी वार्ता पर नजर रखे रहे।