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जैन के सरेंडर से परिवार में मायूसी

Sat, 21 Sep 2013 11:47 PM IST
अमर उजाला, पानीपत
अमर उजाला, पानीपत Updated Sat, 21 Sep 2013 11:47 PM IST
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Jain surrender of desolation in the family
पानीपत के विधायक ओपी जैन और उनके तत्कालीन निजी सचिव राजेंद्र शर्मा समेत असंध विधायक जिलेराम शर्मा के सरेंडर करने से उनके परिवारों और समर्थकों में मायूसी छा गई।
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तीनों कंबोपुरा के पूर्व सरपंच कर्मसिंह की आत्महत्या के मामले में आरोपी हैं, मामले की जांच सीबीआई कर रही है। परिवार को तसल्ली देने के लिए लोगों का आना-जाना लगा रहा। ओपी जैन इस मामले में फिर से जमानत याचिका दायर कर सकते हैं।
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पानीपत ग्रामीण विधायक ओपी जैन सीबीआई के गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भूमिगत थे। उनको सीबीआई की विशेष टीम मॉडल टाउन स्थित आवास पर गिरफ्तार करने भी पहुंची। लेकिन अपने निवास पर नहीं मिले थे।
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उन्होंने अग्रिम जमानत को लेकर हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उनको किसी तरह की राहत नहीं मिली। बताया जा रहा है कि ओपी जैन, उनके निजी सचिव राजेंद्र शर्मा और जिलेराम शर्मा शनिवार को सीबीआई की कोर्ट में पहुंचे और तीनों सरेंडर कर दिया।

ये है मामला
सात जून 2011 को कंबोपुरा, करनाल के पूर्व सरपंच कर्म सिंह का शव करनाल की मदर डेयरी में संदिग्ध हालात में मिला था। परिजनों ने उसकी हत्या की आशंका जताई थी और तत्कालीन परिवहन मंत्री और पानीपत ग्रामीण विधायक ओपी जैन तथा तत्कालीन सीपीएस और असंध विधायक जिलेराम शर्मा पर हत्या के आरोप लगाए थे। जिसके बाद ओपी जैन और जिलेराम शर्मा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। परिजनों ने प्रदेश पुलिस के बजाय मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी।


ऐसे चला घटनाक्रम
08 अगस्त 2013 को सीबीआई की टीम ने ओपी जैन, जिलेराम शर्मा और जैन के निजी सचिव राजेंद्र शर्मा के खिलाफ आरोप पत्र दायर किए।
13 अगस्त को ओपी जैन और अन्य कोर्ट में नहीं पहुंचे।
29 अगस्त को जैन व अन्य फिर कोर्ट में नहीं पहुंचे। जिसके बाद तीनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए।
31 अगस्त को सीबीआई की टीम ने ओपी जैन के निवास पर दबिश दी।

लॉकर कर दिए थे सील
सीबीआई की टीम ने ओपी जैन के बैंक लॉकरों को सील करने के साथ लाखों रुपये की नकदी और गहने भी जब्त किए हैं। सीबीआई की टीम ने 19 फरवरी 2013 को 26.50 लाख रुपये जब्त किए थे। इसके अलावा टीम काफी दस्तावेज भी साथ ले गई थी। छह मार्च 2013 को सीबीआई की टीम ने ओपी जैन और उसके परिवार के बैंक लॉकरों की जांच की। सीबीआई की टीम ने पौने तीन किलो सोना और डेढ़ लाख विदेशी करेंसी जब्त की।



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