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वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ने से दो दिन पहले लगेगा पता, फिर उठाए जाएंगे कदम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Oct 2022 02:09 AM IST
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It will be known two days before air quality index rises, then steps will be taken
पानीपत। एक अक्तूबर से शहर में ग्रैप लागू होगा। इसके तहत कोयला संचालित उद्योगों को बंद रखा जाएगा। शहर के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को नियंत्रित करने के लिए इस बार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने वेदर फॉर कास्टिंग एजेंसी को हायर किया है। एजेंसी सीपीसीबी को आने वाले दिनों में किन जिलों में एक्यूआई बढ़ेगा इसलिए जानकारी देगी।
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एजेंसी की रिपोर्ट पर सीपीसीबी संबंधित जिला प्रशासन के जरिए सख्ती से ग्रैप लागू करेगा ताकि वायु को अत्यधिक दूषित होने से बचाया जा सके। एजेंसी दो या तीन दिन पहले बढ़ने वाले एक्यूआई का पूर्वानुमान लगा सकती है। इस बार सीपीसीबी ने अपने निर्देशों में यह साफ कर दिया है कि 200 अधिक एक्यूआई होते ही ग्रैप सख्ती से लागू होगा। इसलिए आने वाले दो माह टेक्सटाइल नगरी के लिए काफी कठिन साबित होने वाले हैं।
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100 केवी से अधिक क्षमता के जनरेटर सेट प्रतिबंधित
ग्रैप के तहत इस बार 100 केवी से अधिक क्षमता वाले जनरेटर सेट पर प्रतिबंध लगाया गया है। लगभग सभी उद्योगों में इससे अधिक क्षमता वाले जनरेटर सेट ही हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और फैक्टरियों का निरीक्षण करेंगी।
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इसलिए एजेंसी की पड़ी जरूरत
अक्तूबर में एक्यूआई 300 से अधिक और नवंबर में ये 400 से अधिक पहुंच जाता है। हवा के कण कोहरे के कारण ऊपर नहीं उठ पाते हैं। कोहरा और प्रदूषण मिलकर स्मॉग बना देता है, जिससे लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत होने लगती हैं। इसलिए इस बार सीपीसीबी ने 15 दिन पहले ही ग्रैप लागू कर दिया है। पहले बोर्ड को आने वाले दिनों की स्थिति पता नहीं चल पाती थी। इसलिए पहले से ठोस कदम नहीं उठाए जाते थे। इस बार पहले ही आने वाले दिनों की स्थिति का पता चलेगा और प्रदूषण कंट्रोल करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इन विभागों की ये होगी जिम्मेदारी-
पीडब्ल्यूडी : स्टेट हाईवे के किनारे पानी का छिड़काव करने की जिम्मेदारी दी गई है।
एनएचएआई : जीटी रोड पर पानी का छिड़काव करना है ताकि धूल न उड़े। गांव गांजबड़ से समालखा तक पानी का छिड़काव करेगा।
नगर निगम : नगर निगम की जिम्मेदारी शहर की सड़कों पर छिड़काव करने की होगी। इसके लिए पेड़ पौधों पर भी छिड़काव करना होगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड : प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फैक्टरियों , होटल, रेस्टोरेंट व बैंक्वेट हॉल का निरीक्षण करना है। जनरेटर सेट चलते मिलने पर कार्रवाई करनी है। फैक्टरियों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सीपीसीबी को देनी है।

कोट....
इस बार एजेंसी को हायर किया गया है। यह एजेंसी आने वाले तीन दिन में कहां एक्यूआई बढ़ेगा, इसकी अग्रिम जानकारी देगी। इसके बाद उसकी अनुसार काम होगा। एक अक्तूबर से ग्रैप लागू हो रहा है।
- कमलजीत सिंह, आरओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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