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Panipat News: कथा में शिव-पार्वती विवाह में भजनों पर झूमीं महिलाएं
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पट्टीकल्याणा गांव के लक्ष्मी नारायण मंदिर में शिव महापुराण कथा आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। पट्टीकल्याणा गांव के लक्ष्मी नारायण मंदिर में शिव महापुराण कथा में बुधवार को भगवान शिव व माता पार्वती के शुभ विवाह की कथा सुनाई गई। कथा के तीसरे दिन जब शिव पार्वती के विवाह की झांकी आई तो पांडाल में बैठीं महिलाएं झूमने लगीं। भगवान शिव व माता पार्वती का रूप धारण कर बाल कलाकारों ने एक दूसरे को वर माला पहनाई जिससे पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। भगवान शिव की बरात में आए भूत प्रेतों के साथ महिलाओं ने भी ब्यास गद्दी के सामने आकर नृत्य किया।
वृंदावन धाम निवासी गोपाल कृष्ण महाराज ने बताया कि भगवान भोले शंकर का स्वरूप अमंगल होने के बावजूद उनके दर्शन करने से सब का मंगल ही होता है। इसलिए उनका नाम शिव है। उन्होंने कहा कि कोई भी जीव जब भगवान शिव से जुड़कर उनकी भक्ति करता है तो वह शिव बन जाता है लेकिन जब जीव भगवान की भक्ति से दूर चला जाता है तो वह शव बन जाता है इसलिए वैराग्य जीवन जीने के बाद भी भगवान शिव विवाह करके जीव को यही संदेश देते हैं कि इंसान को गृहस्थ जीवन के बाद भी भगवान से जुड़े रहने के लिए उनकी भक्ति करनी चाहिए।
मौके पर गांव के सरपंच मुकेश चौहान व लक्ष्मीनारायण मंदिर के प्रधान ब्रह्म सिंह ने बताया कि आट्टा गांव में निर्माणाधीन मंदिर के लिए कथा का आयोजन किया गया है। उन्होंने गांव वासियों से मंदिर के सहयोग के लिए दिल खोलकर सहयोग करने का आश्वासन दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। पट्टीकल्याणा गांव के लक्ष्मी नारायण मंदिर में शिव महापुराण कथा में बुधवार को भगवान शिव व माता पार्वती के शुभ विवाह की कथा सुनाई गई। कथा के तीसरे दिन जब शिव पार्वती के विवाह की झांकी आई तो पांडाल में बैठीं महिलाएं झूमने लगीं। भगवान शिव व माता पार्वती का रूप धारण कर बाल कलाकारों ने एक दूसरे को वर माला पहनाई जिससे पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। भगवान शिव की बरात में आए भूत प्रेतों के साथ महिलाओं ने भी ब्यास गद्दी के सामने आकर नृत्य किया।
वृंदावन धाम निवासी गोपाल कृष्ण महाराज ने बताया कि भगवान भोले शंकर का स्वरूप अमंगल होने के बावजूद उनके दर्शन करने से सब का मंगल ही होता है। इसलिए उनका नाम शिव है। उन्होंने कहा कि कोई भी जीव जब भगवान शिव से जुड़कर उनकी भक्ति करता है तो वह शिव बन जाता है लेकिन जब जीव भगवान की भक्ति से दूर चला जाता है तो वह शव बन जाता है इसलिए वैराग्य जीवन जीने के बाद भी भगवान शिव विवाह करके जीव को यही संदेश देते हैं कि इंसान को गृहस्थ जीवन के बाद भी भगवान से जुड़े रहने के लिए उनकी भक्ति करनी चाहिए।
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मौके पर गांव के सरपंच मुकेश चौहान व लक्ष्मीनारायण मंदिर के प्रधान ब्रह्म सिंह ने बताया कि आट्टा गांव में निर्माणाधीन मंदिर के लिए कथा का आयोजन किया गया है। उन्होंने गांव वासियों से मंदिर के सहयोग के लिए दिल खोलकर सहयोग करने का आश्वासन दिया।
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