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आधार कार्ड में नब्बे दिन की छूट
अमर उजाला, पानीपत
Updated Sun, 29 Dec 2013 11:15 PM IST
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पानीपत में गैस उपभोक्ताओं को एजेंसी और बैंक में आधार कार्ड जमा कराने के लिए 90 दिन की छूट मिल गई है। अब वे 31 मार्च तक आधार कार्ड गैस एजेंसी और बैंक में जमा करा सकेंगे।
गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं को नए साल पर यह राहत दी है। गैस एजेंसी संचालकाें ने भी इस बात को मान लिया है। इसके बाद उपभोक्ताओं को पशोपेश से राहत मिली है। उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर लेने के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया था।
इससे पहले उपभोक्ताओं को अपने आधार कार्ड बैंक और गैस एजेंसी में जमा कराना था। उपभोक्ता सब्सिडी खत्म होने के चलते लगातार आधार कार्ड को पाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन अधिकतर लोगों के आधार कार्ड नहीं बन पाए थे। इस कारण उनको दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था।
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गैस एजेंसियों में अब तक 30 से 35 प्रतिशत आधार कार्ड ही जमा हो सके हैं। कई एजेंसी संचालक तो इस तरफ ध्यान तक नहीं दे रहे, जबकि कई एजेंसी संचालक इसको लेकर उपभोक्ताओं को लगातार संदेश भेज रहे हैं। उपभोक्ता एक-दूसरी एजेंसी को देखकर भी शांत हैं।
आधार कार्ड भेजने में डाक विभाग भी फेल साबित हो रहा है। सैकड़ों आधार कार्ड डाक विभाग में पड़े हैं। पात्र व्यक्ति भी कई बार यहां पर प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन डाक विभाग इसको लेकर कोई जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार नहीं है।
डाक विभाग अधिकारी कहते हैं कि आधार कार्ड पर पूरा पता नहीं है। किसी पर नाम है तो किसी पर टेलीफोन नंबर है। ऐसे में वे पात्र व्यक्ति तक आधार कार्ड नहीं पहुंचा रहे।
जिले में लंबे समय से आधार कार्ड बनाने का काम चल रहा है। यहां पर सबसे पहले मुख्य डाकघर में ही आधार कार्ड बनने का काम शुरू हुआ था। इसके बाद कई कंपनियों को आधार कार्ड बनाने का कांट्रेक्ट दे दिया।
इसके बाद कंपनियों ने शहर में चिंहित जगहों पर शिविर लगाकर आधार कार्ड बनाने काम शुरू किया था। शहर समेत जिले के सैकड़ों उपभोक्ताओं को कई-कई माह बाद आज तक आधार कार्ड नहीं मिल सका है।
गैस उपभोक्ताओं की सब्सिडी राशि सीधे बैंक खातों में जमा होनी है। सरकार का दावा है कि इससे सब्सिडी वाले सिलेंडरों की कालाबाजारी कम होगी। अब तक उपभोक्ता को उनके सब्सिडी वाले नौ सिलेंडर उसी रेट में मिल जाते हैं।
उपभोक्ता को नौ सिलेंडर के बाद बाजार का रेट चुकाना होगा। बैंक खातों में सब्सिडी शुरू होने के बाद उपभोक्ता को एक बार पूरी राशि एजेंसी में जमा करानी होगी। उसके बाद उपभोक्ता के बैंक खाते में सब्सिडी का पैसा वापस आ जाएगा।
जिले में एक मोटे अनुमान के तहत ढाई से तीन लाख गैस कनेक्शन हैं। इसके अलावा 50 से 70 हजार उपभोक्ता बिना कनेक्शन वाले हैं। सर्दी के मौसम में गैस की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में उपभोक्ता को सिलेंडर पाने के लिए वेटिंग में रहना पड़ता है।
कई एजेंसियों में कई-कई दिन का बैक लॉग लग जाता है। कई बार कालाबाजारी बढ़ने के चलते भी उपभोक्ताओं पर परेशानी पड़ जाती है।
गैस उपभोक्ता अपनी सब्सिडी वाले नौ सिलेंडर 31 मार्च तक ले सकेंगे। इसके लिए उनको ज्यादा जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी। गैस एजेंसी संचालकों ने भी इस बात को मान लिया है। जिसके बाद गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है।
गैस उपभोक्ताओं को इन 90 दिनों में आधार कार्ड को लेकर गंभीर होना होगा। ऐसा न होने पर मार्च के बाद उनको सब्सिडी के लाले पड़ जाएंगे। उपभोक्ता को सबसे पहले अपने आधार कार्ड बनवाने होंगे।
इसके लिए वे लघु सचिवालय के मैदानी तल पर संपर्क साध सकते हैं। यहां पर आधार कार्ड बनवाने के बाद इसको प्राप्त करने की तरफ भी ध्यान रखें। वे अपने क्षेत्र के डाककर्मी से स्थिति को जानते रहे।
गैस उपभोक्ता को एजेंसी गैस की कॉपी की फोटोकॉपी के साथ आधार कार्ड की फोटोकॉपी लगाकर जमा करानी होगी। यहीं नहीं गैस एजेंसी में दिए खाते से संबंधित बैंक में ही आधार कार्ड की एक कॉपी जमा करानी होगी। इसके बाद उपभोक्ता की सब्सिडी उसके खाते में जा सकेगी।
जिले के गैस उपभोक्ताओं को आधार कार्ड को लेकर तीन माह का एक्सटेेंशन मिल गया है। वे 31 मार्च तक अपने आधार कार्ड जमा करा सकेंगे। जिले में सब्सिडी वाले सिलेंडर फिलहाल उसी स्थिति में दिए जाएंगे।
तेजबीर जागलान, प्रधान, पानीपत गैस डिस्ट्रीब्यूटर
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गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं को नए साल पर यह राहत दी है। गैस एजेंसी संचालकाें ने भी इस बात को मान लिया है। इसके बाद उपभोक्ताओं को पशोपेश से राहत मिली है। उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर लेने के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया था।
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इससे पहले उपभोक्ताओं को अपने आधार कार्ड बैंक और गैस एजेंसी में जमा कराना था। उपभोक्ता सब्सिडी खत्म होने के चलते लगातार आधार कार्ड को पाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन अधिकतर लोगों के आधार कार्ड नहीं बन पाए थे। इस कारण उनको दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था।
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गैस एजेंसियों में अब तक 30 से 35 प्रतिशत आधार कार्ड ही जमा हो सके हैं। कई एजेंसी संचालक तो इस तरफ ध्यान तक नहीं दे रहे, जबकि कई एजेंसी संचालक इसको लेकर उपभोक्ताओं को लगातार संदेश भेज रहे हैं। उपभोक्ता एक-दूसरी एजेंसी को देखकर भी शांत हैं।
आधार कार्ड भेजने में डाक विभाग भी फेल साबित हो रहा है। सैकड़ों आधार कार्ड डाक विभाग में पड़े हैं। पात्र व्यक्ति भी कई बार यहां पर प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन डाक विभाग इसको लेकर कोई जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार नहीं है।
डाक विभाग अधिकारी कहते हैं कि आधार कार्ड पर पूरा पता नहीं है। किसी पर नाम है तो किसी पर टेलीफोन नंबर है। ऐसे में वे पात्र व्यक्ति तक आधार कार्ड नहीं पहुंचा रहे।
जिले में लंबे समय से आधार कार्ड बनाने का काम चल रहा है। यहां पर सबसे पहले मुख्य डाकघर में ही आधार कार्ड बनने का काम शुरू हुआ था। इसके बाद कई कंपनियों को आधार कार्ड बनाने का कांट्रेक्ट दे दिया।
इसके बाद कंपनियों ने शहर में चिंहित जगहों पर शिविर लगाकर आधार कार्ड बनाने काम शुरू किया था। शहर समेत जिले के सैकड़ों उपभोक्ताओं को कई-कई माह बाद आज तक आधार कार्ड नहीं मिल सका है।
गैस उपभोक्ताओं की सब्सिडी राशि सीधे बैंक खातों में जमा होनी है। सरकार का दावा है कि इससे सब्सिडी वाले सिलेंडरों की कालाबाजारी कम होगी। अब तक उपभोक्ता को उनके सब्सिडी वाले नौ सिलेंडर उसी रेट में मिल जाते हैं।
उपभोक्ता को नौ सिलेंडर के बाद बाजार का रेट चुकाना होगा। बैंक खातों में सब्सिडी शुरू होने के बाद उपभोक्ता को एक बार पूरी राशि एजेंसी में जमा करानी होगी। उसके बाद उपभोक्ता के बैंक खाते में सब्सिडी का पैसा वापस आ जाएगा।
जिले में एक मोटे अनुमान के तहत ढाई से तीन लाख गैस कनेक्शन हैं। इसके अलावा 50 से 70 हजार उपभोक्ता बिना कनेक्शन वाले हैं। सर्दी के मौसम में गैस की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में उपभोक्ता को सिलेंडर पाने के लिए वेटिंग में रहना पड़ता है।
कई एजेंसियों में कई-कई दिन का बैक लॉग लग जाता है। कई बार कालाबाजारी बढ़ने के चलते भी उपभोक्ताओं पर परेशानी पड़ जाती है।
गैस उपभोक्ता अपनी सब्सिडी वाले नौ सिलेंडर 31 मार्च तक ले सकेंगे। इसके लिए उनको ज्यादा जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी। गैस एजेंसी संचालकों ने भी इस बात को मान लिया है। जिसके बाद गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है।
गैस उपभोक्ताओं को इन 90 दिनों में आधार कार्ड को लेकर गंभीर होना होगा। ऐसा न होने पर मार्च के बाद उनको सब्सिडी के लाले पड़ जाएंगे। उपभोक्ता को सबसे पहले अपने आधार कार्ड बनवाने होंगे।
इसके लिए वे लघु सचिवालय के मैदानी तल पर संपर्क साध सकते हैं। यहां पर आधार कार्ड बनवाने के बाद इसको प्राप्त करने की तरफ भी ध्यान रखें। वे अपने क्षेत्र के डाककर्मी से स्थिति को जानते रहे।
गैस उपभोक्ता को एजेंसी गैस की कॉपी की फोटोकॉपी के साथ आधार कार्ड की फोटोकॉपी लगाकर जमा करानी होगी। यहीं नहीं गैस एजेंसी में दिए खाते से संबंधित बैंक में ही आधार कार्ड की एक कॉपी जमा करानी होगी। इसके बाद उपभोक्ता की सब्सिडी उसके खाते में जा सकेगी।
जिले के गैस उपभोक्ताओं को आधार कार्ड को लेकर तीन माह का एक्सटेेंशन मिल गया है। वे 31 मार्च तक अपने आधार कार्ड जमा करा सकेंगे। जिले में सब्सिडी वाले सिलेंडर फिलहाल उसी स्थिति में दिए जाएंगे।
तेजबीर जागलान, प्रधान, पानीपत गैस डिस्ट्रीब्यूटर