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आईजी की मां की चेन झपटी, सिपाही के घर चोरी
अमर उजाला, पानीपत
Updated Tue, 26 Nov 2013 12:12 AM IST
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पानीपत। शहर में आए दिन अपराध बढ़ रहे हैं और पुलिस चालान काटने में व्यस्त है। अपराधी आम लोगों को ही अपना शिकार नहीं बना रहे बल्कि पुलिस के कर्मचारी और अधिकारी भी उनकी चपेट में आ रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण सोमवार को देखने को मिला।
सोमवार को बदमाशों ने जहां सेक्टर-12 में बीएसएफ के आईजी की मां की चेन झपट ली वहीं तहसील कैंप की भगत सिंह कॉलोनी में रह रहे सिपाही के घर से लाखों रुपये की चोरी को अंजाम दिया।
बीएसएफ के आईजी अशोक कुमार गर्ग के सेक्टर 12 स्थित घर में दिन के समय झपटमार घुस गए। वह दिल्ली में तैनात हैं और उसकी मां सावित्री और पिता रामभज यहीं पर रहता है। उसकी मां सावित्री दिन के समय पड़ोस की एक महिला के साथ घर में कुर्सी पर बैठी थी। एक युवक मकान में आया और रामकुमार नाम के व्यक्ति का पता पूछने लगा।
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सावित्री उक्त व्यक्ति का पता सोचने लगी, इसी समय युवक ने उसके गले में पड़ी सोने की चेन झपट ली। वह कुछ दूरी पर खड़े दूसरे झपटमार के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर फरार हो गया।
उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आईजी की मां के बयान दर्ज किए और जांच शुरू कर दी। सावित्री देवी ने बताया कि उसकी चेन चार तोले सोने की थी। जिसकी कीमत करीब सवा लाख रुपये की आंकी गई है।
वहीं दूसरी ओर चोरों ने भगत नगर तहसील कैंप में रहने वाले एक सिपाही के घर का ताला तोड़कर लाखों की नकदी और गहनों पर हाथ साफ कर दिया। सिपाही उस रात परिवार समेत अपने मूल गांव शादी समारोह में गया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और एफएसएल की टीम ने भी नमूने जुटा लिए हैं।
तहसील कैंप के भगत नगर में रहने वाले सिपाही सुमन जागलान के घर बीती रात को चोर ताला तोड़कर लाखों की नकदी और गहने चोरी कर ले गए। सोमवार सुबह पास पड़ोस के लोगों ने उसके घर के ताले टूटे देखकर उसको सूचना दी।
वह सूचना पाकर घर पहुंचा तो मकान के मेन गेट का ताला टूटा था और अंदर के दरवाजे पर बाहर लगा ताला और इंटरलॉक भी टूट मिला। उसने मकान का सारा सामान बिखरा था। उसने बताया कि चोर मकान से ढाई लाख रुपये नकद, सोने और चांदी के गहने समेत करीब तीन लाख रुपये का सामान चोरी कर ले गए। सूचना मिलने पर पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और जांच की।
सुमन जागलान ने बताया कि वह मूल रूप से इसराना थाना के अंतर्गत जौंधन खुर्द का रहने वाला है और वह जीआरपी दिल्ली में सिपाही के पद पर है। उसके परिवार में लड़की की शादी थी और वह परिवार समेत गांव गया था। उसने ढाई लाख रुपये उसी शादी में जरूरत पड़ने पर ले जाने के लिए रखे थे। थाना पुलिस ने शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा छोड़ पुलिस ने थामी चालान बुक
पानीपत। आप जाम में फंसे हैं तो फंसे रहिए, कहीं गिर कर घायल हो गए हैं तो पुलिस का इंतजार मत कीजिए। सेवा, सुरक्षा और सहयोग का नारा देने वाली पुलिस इन सबको छोड़कर चालान काटने में जुट गई है। बात पुलिसकर्मियों की तरफ से कहें तो वे मजबूरी बताते हैं और लोगों की तरफ से कहें तो वे इसे पुलिस की लूट बता रहे हैं।
अमर उजाला माई सिटी ने शहर के कई हिस्सों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को देखा। पुलिसकर्मी का ध्यान अपनी ड्यूटी पर काम करने की तरफ कम और चालान काटने की तरफ अधिक था।
यह शहर की व्यवस्था
अमर उजाला टीम सोमवार सुबह करीब साढ़े बजे असंध रोड से लालबत्ती चौक पर पहुंची। यहां पर एक यातायात पुलिसकर्मी युवक की गाड़ी का चालान कर रहा था। एक अन्य पुलिसकर्मी साथ खड़ी गाड़ी के चालक से बात कर रहा था। उसके आसपास कई वाहन मनमाने ढंग से खड़े थे। इनसे यातायात बाधित हो रहा था। दोनों का इस ओर कोई ध्यान नहीं था।
वाहन चालक मनमाने ढंग से चल रहे थे और पुलिसकर्मी चालान काटने में व्यस्त थे। इससे आगे जीटी रोड पर भी मनमाने ढंग से खड़े वाहनों का यही हाल था। हम थाना शहर के सामने पहुंचे तो जीटी रोड पर दोनों तरफ चालक बसों को बीच में ही रोकर सवारी उतार और चढ़ा रहे थे। यहां पर भी एक एएसआई मोटरसाइकिल के चालान काटने में लगा था।
वह उस मोटरसाइकिल को छोड़कर दूसरी मोटरसाइकिल को पकड़ लाया। उसके हाथ में दूसरे वाली मोटरसाइकिल की चाबी थी और मोटरसाइकिल लेकर पैदल ही उसके साथ था। यहां से संजय चौक की तरफ टर्न किया। लालबत्ती चौक को पार करने के लिए लोग वाहनों के बीच से गुजर रहे थे। लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। इसके आगे यातायात पुलिसकर्मी किसी वाहन से लिफ्ट मांग रहा था।
उसके हाथ में चालान बुक थी। उससे ही आगे एक पीसीआर थी, लेकिन उस तैनात कर्मी अपनी ही व्यस्तता में मगन थे। संजय चौक पर साढ़े 12 बजे वाहनों का यही हाल था। तीन पुलिसकर्मी अपनी मस्ती में बैठे थे। उनको वाहनों के फंसने और निकालने की कोई चिंता नहीं। बीच में बैठा पुलिसकर्मी चालान बुक का हिसाब लगा रहा था और बाकी दोनों साथ दे रहे थे।
सदर थाने के बाहर भी चालान
सदर थाने के बाहर भी चालान काटने वालों का नया स्टैंड बन गया है। यहां पर पुलिसकर्मी सुबह ही कुर्सी डालकर बैठ जाते हैं। एक पुलिसकर्मी बिश्नस्वरूप कॉलोनी से आने वाले और एक पुलिसकर्मी कॉलोनी में जाने वाले या फिर सर्विस लेन पर चलने वाले वाहनों पर नजर रखता है।
यहां नहीं दिखे सुरक्षा के इंतजाम
शहर के कई हिस्सों में सुरक्षा के नाम पर कोई भी पुलिसकर्मी नहीं दिखाई दिया। लघु सचिवालय के दोनों में से किसी भी गेट के सामने पुलिसकर्मी नहीं दिखाई दिया। इसके अलावा इंसार बाजार और अन्य मार्गों का भी यही हाल रहा। वहीं, दिल्ली लेन पर वेस्ट होटल के बाहर फुटपाथ पर एक साधु अचेत पड़ा था।
अमर उजाला टीम यहां पर करीब 10 मिनट रुकी। लेकिन तब तक कोई सुध लेने नहीं पहुंचा। वहीं, संजय चौक से लालबत्ती के बीच दोपहर को जाम लगा था, मगर खुलवाने वाला कोई नहीं। वाहन चालक जाम से निकलने के लिए जूझ रहे थे।
दूर से ही भर देते हैं नंबर
लोगों की शिकायत है कि पुलिसकर्मी किसी की मजबूरी या कारण भी नहीं जानते। वे दूर से ही मोटरसाइकिल को देखकर उसका नंबर चालान बुक में भर देते हैं। एक बार नंबर भरने के बाद पुलिसकर्मी किसी की नहीं सुनते। वे नंबर भरने के बाद किसी की मजबूरी सुन लेते हैं तो अपनी मजबूरी को गिनवाना शुरू कर देते हैं।
लोगों में है रोष
पुलिस के अंधाधुंध चालान करने से लोगों में रोष है और कई बार बीच सड़क पर भी इसका विरोध हो चुका है। सनौली रोड निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि वह गत दो दिन पहले अपनी नई मोटरसाइकिल पर संजय चौक की तरफ आया था।
यहां पर पुलिसकर्मी ने उसके मोटरसाइकिल का चालान कर दिया। उसको मोटरसाइकिल के नंबर भी नहीं मिले थे। लेकिन पुलिसकर्मी ने उसकी एक नहीं सुनी। घरौंडा निवासी एक युवक ने आरोप लगाया कि वह जीटी रोड से पानीपत की तरफ आ रहा था। उसके पास मोटरसाइकिल के सभी डाक्युमेंट थे। टोल प्लाजा पर खड़े पुलिसकर्मी ने उसका चालान कर दिया।
वर्जन
पुलिसकर्मी व्यवस्था बनाने का प्रयास करते हैं। वे यातायात नियमों को तोड़ने वालों के ही चालान करते हैं। कई बार उनकी मजबूरी को सुनकर छोड़ भी देते हैं। लोगों को भी यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।
कृष्ण कुमार, प्रभारी, यातायात पुलिस शहर
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सोमवार को बदमाशों ने जहां सेक्टर-12 में बीएसएफ के आईजी की मां की चेन झपट ली वहीं तहसील कैंप की भगत सिंह कॉलोनी में रह रहे सिपाही के घर से लाखों रुपये की चोरी को अंजाम दिया।
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बीएसएफ के आईजी अशोक कुमार गर्ग के सेक्टर 12 स्थित घर में दिन के समय झपटमार घुस गए। वह दिल्ली में तैनात हैं और उसकी मां सावित्री और पिता रामभज यहीं पर रहता है। उसकी मां सावित्री दिन के समय पड़ोस की एक महिला के साथ घर में कुर्सी पर बैठी थी। एक युवक मकान में आया और रामकुमार नाम के व्यक्ति का पता पूछने लगा।
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सावित्री उक्त व्यक्ति का पता सोचने लगी, इसी समय युवक ने उसके गले में पड़ी सोने की चेन झपट ली। वह कुछ दूरी पर खड़े दूसरे झपटमार के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर फरार हो गया।
उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आईजी की मां के बयान दर्ज किए और जांच शुरू कर दी। सावित्री देवी ने बताया कि उसकी चेन चार तोले सोने की थी। जिसकी कीमत करीब सवा लाख रुपये की आंकी गई है।
वहीं दूसरी ओर चोरों ने भगत नगर तहसील कैंप में रहने वाले एक सिपाही के घर का ताला तोड़कर लाखों की नकदी और गहनों पर हाथ साफ कर दिया। सिपाही उस रात परिवार समेत अपने मूल गांव शादी समारोह में गया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और एफएसएल की टीम ने भी नमूने जुटा लिए हैं।
तहसील कैंप के भगत नगर में रहने वाले सिपाही सुमन जागलान के घर बीती रात को चोर ताला तोड़कर लाखों की नकदी और गहने चोरी कर ले गए। सोमवार सुबह पास पड़ोस के लोगों ने उसके घर के ताले टूटे देखकर उसको सूचना दी।
वह सूचना पाकर घर पहुंचा तो मकान के मेन गेट का ताला टूटा था और अंदर के दरवाजे पर बाहर लगा ताला और इंटरलॉक भी टूट मिला। उसने मकान का सारा सामान बिखरा था। उसने बताया कि चोर मकान से ढाई लाख रुपये नकद, सोने और चांदी के गहने समेत करीब तीन लाख रुपये का सामान चोरी कर ले गए। सूचना मिलने पर पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और जांच की।
सुमन जागलान ने बताया कि वह मूल रूप से इसराना थाना के अंतर्गत जौंधन खुर्द का रहने वाला है और वह जीआरपी दिल्ली में सिपाही के पद पर है। उसके परिवार में लड़की की शादी थी और वह परिवार समेत गांव गया था। उसने ढाई लाख रुपये उसी शादी में जरूरत पड़ने पर ले जाने के लिए रखे थे। थाना पुलिस ने शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा छोड़ पुलिस ने थामी चालान बुक
पानीपत। आप जाम में फंसे हैं तो फंसे रहिए, कहीं गिर कर घायल हो गए हैं तो पुलिस का इंतजार मत कीजिए। सेवा, सुरक्षा और सहयोग का नारा देने वाली पुलिस इन सबको छोड़कर चालान काटने में जुट गई है। बात पुलिसकर्मियों की तरफ से कहें तो वे मजबूरी बताते हैं और लोगों की तरफ से कहें तो वे इसे पुलिस की लूट बता रहे हैं।
अमर उजाला माई सिटी ने शहर के कई हिस्सों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को देखा। पुलिसकर्मी का ध्यान अपनी ड्यूटी पर काम करने की तरफ कम और चालान काटने की तरफ अधिक था।
यह शहर की व्यवस्था
अमर उजाला टीम सोमवार सुबह करीब साढ़े बजे असंध रोड से लालबत्ती चौक पर पहुंची। यहां पर एक यातायात पुलिसकर्मी युवक की गाड़ी का चालान कर रहा था। एक अन्य पुलिसकर्मी साथ खड़ी गाड़ी के चालक से बात कर रहा था। उसके आसपास कई वाहन मनमाने ढंग से खड़े थे। इनसे यातायात बाधित हो रहा था। दोनों का इस ओर कोई ध्यान नहीं था।
वाहन चालक मनमाने ढंग से चल रहे थे और पुलिसकर्मी चालान काटने में व्यस्त थे। इससे आगे जीटी रोड पर भी मनमाने ढंग से खड़े वाहनों का यही हाल था। हम थाना शहर के सामने पहुंचे तो जीटी रोड पर दोनों तरफ चालक बसों को बीच में ही रोकर सवारी उतार और चढ़ा रहे थे। यहां पर भी एक एएसआई मोटरसाइकिल के चालान काटने में लगा था।
वह उस मोटरसाइकिल को छोड़कर दूसरी मोटरसाइकिल को पकड़ लाया। उसके हाथ में दूसरे वाली मोटरसाइकिल की चाबी थी और मोटरसाइकिल लेकर पैदल ही उसके साथ था। यहां से संजय चौक की तरफ टर्न किया। लालबत्ती चौक को पार करने के लिए लोग वाहनों के बीच से गुजर रहे थे। लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। इसके आगे यातायात पुलिसकर्मी किसी वाहन से लिफ्ट मांग रहा था।
उसके हाथ में चालान बुक थी। उससे ही आगे एक पीसीआर थी, लेकिन उस तैनात कर्मी अपनी ही व्यस्तता में मगन थे। संजय चौक पर साढ़े 12 बजे वाहनों का यही हाल था। तीन पुलिसकर्मी अपनी मस्ती में बैठे थे। उनको वाहनों के फंसने और निकालने की कोई चिंता नहीं। बीच में बैठा पुलिसकर्मी चालान बुक का हिसाब लगा रहा था और बाकी दोनों साथ दे रहे थे।
सदर थाने के बाहर भी चालान
सदर थाने के बाहर भी चालान काटने वालों का नया स्टैंड बन गया है। यहां पर पुलिसकर्मी सुबह ही कुर्सी डालकर बैठ जाते हैं। एक पुलिसकर्मी बिश्नस्वरूप कॉलोनी से आने वाले और एक पुलिसकर्मी कॉलोनी में जाने वाले या फिर सर्विस लेन पर चलने वाले वाहनों पर नजर रखता है।
यहां नहीं दिखे सुरक्षा के इंतजाम
शहर के कई हिस्सों में सुरक्षा के नाम पर कोई भी पुलिसकर्मी नहीं दिखाई दिया। लघु सचिवालय के दोनों में से किसी भी गेट के सामने पुलिसकर्मी नहीं दिखाई दिया। इसके अलावा इंसार बाजार और अन्य मार्गों का भी यही हाल रहा। वहीं, दिल्ली लेन पर वेस्ट होटल के बाहर फुटपाथ पर एक साधु अचेत पड़ा था।
अमर उजाला टीम यहां पर करीब 10 मिनट रुकी। लेकिन तब तक कोई सुध लेने नहीं पहुंचा। वहीं, संजय चौक से लालबत्ती के बीच दोपहर को जाम लगा था, मगर खुलवाने वाला कोई नहीं। वाहन चालक जाम से निकलने के लिए जूझ रहे थे।
दूर से ही भर देते हैं नंबर
लोगों की शिकायत है कि पुलिसकर्मी किसी की मजबूरी या कारण भी नहीं जानते। वे दूर से ही मोटरसाइकिल को देखकर उसका नंबर चालान बुक में भर देते हैं। एक बार नंबर भरने के बाद पुलिसकर्मी किसी की नहीं सुनते। वे नंबर भरने के बाद किसी की मजबूरी सुन लेते हैं तो अपनी मजबूरी को गिनवाना शुरू कर देते हैं।
लोगों में है रोष
पुलिस के अंधाधुंध चालान करने से लोगों में रोष है और कई बार बीच सड़क पर भी इसका विरोध हो चुका है। सनौली रोड निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि वह गत दो दिन पहले अपनी नई मोटरसाइकिल पर संजय चौक की तरफ आया था।
यहां पर पुलिसकर्मी ने उसके मोटरसाइकिल का चालान कर दिया। उसको मोटरसाइकिल के नंबर भी नहीं मिले थे। लेकिन पुलिसकर्मी ने उसकी एक नहीं सुनी। घरौंडा निवासी एक युवक ने आरोप लगाया कि वह जीटी रोड से पानीपत की तरफ आ रहा था। उसके पास मोटरसाइकिल के सभी डाक्युमेंट थे। टोल प्लाजा पर खड़े पुलिसकर्मी ने उसका चालान कर दिया।
वर्जन
पुलिसकर्मी व्यवस्था बनाने का प्रयास करते हैं। वे यातायात नियमों को तोड़ने वालों के ही चालान करते हैं। कई बार उनकी मजबूरी को सुनकर छोड़ भी देते हैं। लोगों को भी यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।
कृष्ण कुमार, प्रभारी, यातायात पुलिस शहर