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पंद्रह दिन में कैसे होगी सौ करोड़ की रिकवरी
अमर उजाला, पानीपत
Updated Fri, 18 Oct 2013 10:24 PM IST
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पानीपत में बिजली निगम पर कर्मचारियों के टोटे में सौ करोड़ रुपये की रिकवरी के टारगेट का लोड बढ़ गया है। अधिकारी और कर्मचारी इस टारगेट को पूरा करने की टेंशन में हैं।
कर्मचारी यूनियन इसे डीसी रेट के कर्मचारी हटाए जाने के चलते भारी बता रही है और इसका असर उपभोक्ताओं की दूसरी सेवाओं पर पड़ने की बात कह रही है। अधिकारी पर्याप्त कर्मचारी न होने पर भी रिकवरी को पूरा करने का दावा कर रहे हैं।
भारी गुजरेंगे अगले पंद्रह दिन
बिजली निगम को सौ करोड़ रुपये की रिकवरी 15 दिन में पूरी करनी है। वैसे निगम की ओर से इसके लिए एक माह का समय दिया था। लेकिन रिकवरी के टारगेट आते-आते 15 दिन बीत गए। निगम अधिकारियों ने रिकवरी के चलते अधिकारियों और कर्मचारियों की सभी की छुट्टियों को कैंसल कर दिया है। निगम की हर बैठक में सिर्फ रिकवरी की ही बात होती है।
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पिछले माह हुई थी 80 करोड़ की रिकवरी
पानीपत सर्कल ने गत महीने करीब 80 करोड़ रुपये की रिकवरी की थी और प्रदेशभर में अव्वल रहा था। इसी बात को ध्यान में रखते हुए निगम के सीएमडी ने पानीपत को अब सौ करोड़ रुपये की रिकवरी का लक्ष्य दिया है, रिकवरी का लक्ष्य मिलते ही अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारियों के भी हाथ पांव फूल गए हैं। अब रिकवरी को जैसे तैसे पूरा ही करना है।
कर्मचारियों की कमी बनेंगी रोड़ा
इस समय पानीपत सर्कल में 1352 पद स्वीकृत हैं। जिनमें से 846 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैैं। खाली पदों पर कोई भर्ती नहीं हो रही है। ऑल हरियाणा पावर वर्कर यूनियन के सर्कल सचिव तेजपाल सिंह ने बताया कि सरकार नई भर्तियां तो पहले ही नहीं कर रही, उल्टे 30 सितंबर को कच्चे कर्मचारियों को हटा दिया।
इससे काम का लोड बढ़ने के साथ समस्याएं बढ़ गई हैं। निगम द्वारा हर सब स्टेशन पर कम से कम 10 कर्मचारी डीसी रेट पर कार्यरत थे। अभी हाल फिलहाल नई भर्ती शुरू करने की तरफ भी कोई ध्यान नहीं है।
जनता की बढ़ेगी परेशानी
रिकवरी अभियान के चलते उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ सकती हैं। निगम के अधिकारी और कर्मचारी सिर्फ लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही चल रहे हैं। ऐेसे में कम से कम बिल वालों को भी नोटिस थमाना, दिन रात घरों, फैक्टरियों और दुकानों पर जाकर कनेक्शन चेक करना ही काम रह गया है। कहीं पर तारें टूटी हैं, ट्रांसफार्मर फुंके हैं या अन्य कोई समस्या से संबंधित बातों पर ध्यान कम ही दिया जा रहा है।
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कर्मचारी यूनियन इसे डीसी रेट के कर्मचारी हटाए जाने के चलते भारी बता रही है और इसका असर उपभोक्ताओं की दूसरी सेवाओं पर पड़ने की बात कह रही है। अधिकारी पर्याप्त कर्मचारी न होने पर भी रिकवरी को पूरा करने का दावा कर रहे हैं।
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भारी गुजरेंगे अगले पंद्रह दिन
बिजली निगम को सौ करोड़ रुपये की रिकवरी 15 दिन में पूरी करनी है। वैसे निगम की ओर से इसके लिए एक माह का समय दिया था। लेकिन रिकवरी के टारगेट आते-आते 15 दिन बीत गए। निगम अधिकारियों ने रिकवरी के चलते अधिकारियों और कर्मचारियों की सभी की छुट्टियों को कैंसल कर दिया है। निगम की हर बैठक में सिर्फ रिकवरी की ही बात होती है।
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पिछले माह हुई थी 80 करोड़ की रिकवरी
पानीपत सर्कल ने गत महीने करीब 80 करोड़ रुपये की रिकवरी की थी और प्रदेशभर में अव्वल रहा था। इसी बात को ध्यान में रखते हुए निगम के सीएमडी ने पानीपत को अब सौ करोड़ रुपये की रिकवरी का लक्ष्य दिया है, रिकवरी का लक्ष्य मिलते ही अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारियों के भी हाथ पांव फूल गए हैं। अब रिकवरी को जैसे तैसे पूरा ही करना है।
कर्मचारियों की कमी बनेंगी रोड़ा
इस समय पानीपत सर्कल में 1352 पद स्वीकृत हैं। जिनमें से 846 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैैं। खाली पदों पर कोई भर्ती नहीं हो रही है। ऑल हरियाणा पावर वर्कर यूनियन के सर्कल सचिव तेजपाल सिंह ने बताया कि सरकार नई भर्तियां तो पहले ही नहीं कर रही, उल्टे 30 सितंबर को कच्चे कर्मचारियों को हटा दिया।
इससे काम का लोड बढ़ने के साथ समस्याएं बढ़ गई हैं। निगम द्वारा हर सब स्टेशन पर कम से कम 10 कर्मचारी डीसी रेट पर कार्यरत थे। अभी हाल फिलहाल नई भर्ती शुरू करने की तरफ भी कोई ध्यान नहीं है।
जनता की बढ़ेगी परेशानी
रिकवरी अभियान के चलते उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ सकती हैं। निगम के अधिकारी और कर्मचारी सिर्फ लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही चल रहे हैं। ऐेसे में कम से कम बिल वालों को भी नोटिस थमाना, दिन रात घरों, फैक्टरियों और दुकानों पर जाकर कनेक्शन चेक करना ही काम रह गया है। कहीं पर तारें टूटी हैं, ट्रांसफार्मर फुंके हैं या अन्य कोई समस्या से संबंधित बातों पर ध्यान कम ही दिया जा रहा है।