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हाउस टैक्स में पेंच, हजारों को बिलों में राहत नहीं

Fri, 17 Jul 2015 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत Updated Fri, 17 Jul 2015 12:16 AM IST
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प्रदेश सरकार ने इस बार हाउस टैक्स की नई पॉलिसी के मुताबिक टैक्स की रिकवरी करने के निर्देश दिए हैं।
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सरकार की ओर से हाउस टैक्स पॉलिसी अक्तूबर 2013 के अनुसार उपभोक्ताओं को चार श्रेणियों में बांटकर हाउस टैक्स के बिल भेजे हैं।

इसमें वर्ष 2010 से पहले के टैक्स बकायादारों को डिफाल्टरों की सूची में शामिल कर निगम को ब्याज सहित बकाया टैक्स की रिकवरी करने के निर्देश दिए हैं और उसके बाद वर्ष 2011 से 2014 तक के टैक्स पर ब्याज में 30 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है।

वहीं 2015-16 के बिलों पर बिना ब्याज के मूल राशि पर 10 प्रतिशत की छूट देने योजना बनाई है। निगम ने उपभोक्ताओं को यह ऑफर 31 अगस्त 2015 तक दिया है।

सरकार की ओर से बकाया टैक्स की रिकवरी करने के लिए इस योजना की शुरुआत की है। इसमें उपभोक्ताओं को चार श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी मेें वर्ष 2010 से पहले के डिफाल्टरों को रखा है। इसे टेक्स में किसी प्रकार कोई छूट नहीं दी है।
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उन उपभोक्ताओं को ब्याज सहित बकाया टैक्स जमा करवाने के निर्देश दिए हैं और दूसरी श्रेणी में वर्ष 2011-12  के बकायादारों और तीसरी श्रेणी में वर्ष 2013-14 के डिफॉल्टरों को शामिल किया है।
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इस पर निगम ने बकाया राशि पर ब्याज में 30 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है। वहीं चौथी श्रेणी वर्ष 2015-16 के उपभोक्ताओं को बिना ब्याज के मूल राशि पर दस प्रतिशत की छूट देने की योजना बनाई है।

हाउस टेक्स की नई पॉलिसी अक्तूबर 2013 से लागू हुई है। टैक्स दरों में भी कुछ फेर बदल किया है। नई पॉलिसी के तहत निगम वर्ष 2010 से पहले के डिफॉल्टरों को टैक्स जमा करवाने पर कोई भी रियायत नहीं देगा।

उसके बाद वर्ष 2015 तक के हाउस टैक्स पर 30 प्रतिशत की छूट दी जाएगी और वर्ष 2015-16 के बिलों में बिना ब्याज के भी मूल राशि पर 10 प्रतिशत की छूट देने का प्रावधान है।

ये हैं नहीं पॉलिसी की दरें
क्षेत्रफल (गज में)    टैक्स दर
1 से  300 तक    1 रुपये प्रति गज
301-500 तक    4 रुपये प्रति गज
501 से 1000 तक    6 रुपये प्रति गज
1000 से 2 एकड़ तक    7 रुपये प्रति गज
2 एकड़ से ऊपर    10 रुपये प्रति गज

निगम ने उपभोक्ताओं को हाउस टैक्स जमा करवाने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया है। यदि उपभोक्ता निर्धारित समय तक टेक्स जमा नहीं करवाते तो निगम प्रॉपर्टी की कुर्की करने का अधिकारी होगा।

निगम ने डिफाल्टरों को अभी से ही नोटिस जारी करने भी शुरू कर दिए हैं। निगम अब तक दो सौ से अधिक उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर चुका है।


निगम की ओर से बकाया हाउस टैक्स की रिकवरी के लिए उपभोक्ताओं को टैक्स की ब्याज दर में 30 प्रतिशत तक छूट देने का निर्णय लिया है। लेकिन वर्ष 2010 से पहले डिफाल्टिंग अमाउंट पर उपभोक्ताओं को यह राहत नहीं मिलेगी।


निगम की ओर से डिफाल्टरों को नोटिस भी भेजे जा रहे हैं। यदि उपभोक्ता निर्धारित समय तक टैक्स जमा नहीं कराते हैं तो निगम उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
सुषमा, सहायक कर अधीक्षक, नगर निगम
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