{"_id":"6a345e41dfdec924480041bf","slug":"harshits-boxing-skills-shine-bringing-glory-to-the-district-panipat-news-c-244-1-pnp1011-159139-2026-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: मुक्केबाजी में चमक रहा हर्षित का हुनर, जिले का बढ़ा रहे मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: मुक्केबाजी में चमक रहा हर्षित का हुनर, जिले का बढ़ा रहे मान
Fri, 19 Jun 2026 02:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 19 Jun 2026 02:38 AM IST
विज्ञापन
हर्षित।
- फोटो : अमर उजाला
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। पुलिस लाइन निवासी हर्षित मुक्केबाजी में अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर न केवल जिले, बल्कि प्रदेश का भी नाम रोशन कर रहे हैं। वह अब तक जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में दो स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।
इसके अलावा उन्होंने अक्तूबर 2025 में सोनीपत में आयोजित राज्य स्तरीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया था। हालांकि इस प्रतियोगिता में वह पदक नहीं जीत सके, लेकिन हाल ही में आयोजित डीएवी नेशनल मुक्केबाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
हर्षित बुआना लाखू स्थित पीएस स्पोर्ट्स एकेडमी में कोच सुरेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में मुक्केबाजी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। वह प्रतिदिन सुबह और शाम नियमित रूप से अभ्यास करते हैं तथा घंटों तक कोच की निगरानी में अपनी तकनीक और फिटनेस को निखारते हैं।
विज्ञापन
कोच सुरेंद्र कुमार ने बताया कि कम उम्र में जिस समर्पण और मेहनत के साथ हर्षित मुक्केबाजी में आगे बढ़ रहे हैं, वह उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने कहा कि यदि हर्षित इसी तरह निरंतर अभ्यास और अनुशासन बनाए रखते हैं, तो वह भविष्य में राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
हर्षित ने बताया कि मुक्केबाजी में उनका सफर अभी शुरुआत के दौर में है। उनका लक्ष्य इस खेल में अपना भविष्य बनाना और उच्च स्तर पर सफलता हासिल करना है। इसके लिए वह लगातार मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ने में उनके कोच और माता-पिता का पूरा सहयोग मिल रहा है, जो उन्हें हमेशा बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं।
हर्षित के पिता लीलूराम हरियाणा पुलिस में एसआई के पद पर कार्यरत हैं, और उनकी माता मुकेश भी हरियाणा पुलिस में एसआई हैं। माता-पिता का सपना है कि उनका बेटा मुक्केबाजी के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करे। इसी उद्देश्य से वे हर्षित को हर संभव सहयोग और प्रोत्साहन दे रहे हैं। उन्हें गर्व है कि उनका बेटा लगातार मेहनत के बल पर मुक्केबाजी में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
विज्ञापन
पानीपत। पुलिस लाइन निवासी हर्षित मुक्केबाजी में अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर न केवल जिले, बल्कि प्रदेश का भी नाम रोशन कर रहे हैं। वह अब तक जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में दो स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।
इसके अलावा उन्होंने अक्तूबर 2025 में सोनीपत में आयोजित राज्य स्तरीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया था। हालांकि इस प्रतियोगिता में वह पदक नहीं जीत सके, लेकिन हाल ही में आयोजित डीएवी नेशनल मुक्केबाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
हर्षित बुआना लाखू स्थित पीएस स्पोर्ट्स एकेडमी में कोच सुरेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में मुक्केबाजी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। वह प्रतिदिन सुबह और शाम नियमित रूप से अभ्यास करते हैं तथा घंटों तक कोच की निगरानी में अपनी तकनीक और फिटनेस को निखारते हैं।
विज्ञापन
कोच सुरेंद्र कुमार ने बताया कि कम उम्र में जिस समर्पण और मेहनत के साथ हर्षित मुक्केबाजी में आगे बढ़ रहे हैं, वह उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने कहा कि यदि हर्षित इसी तरह निरंतर अभ्यास और अनुशासन बनाए रखते हैं, तो वह भविष्य में राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
हर्षित ने बताया कि मुक्केबाजी में उनका सफर अभी शुरुआत के दौर में है। उनका लक्ष्य इस खेल में अपना भविष्य बनाना और उच्च स्तर पर सफलता हासिल करना है। इसके लिए वह लगातार मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ने में उनके कोच और माता-पिता का पूरा सहयोग मिल रहा है, जो उन्हें हमेशा बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं।
हर्षित के पिता लीलूराम हरियाणा पुलिस में एसआई के पद पर कार्यरत हैं, और उनकी माता मुकेश भी हरियाणा पुलिस में एसआई हैं। माता-पिता का सपना है कि उनका बेटा मुक्केबाजी के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करे। इसी उद्देश्य से वे हर्षित को हर संभव सहयोग और प्रोत्साहन दे रहे हैं। उन्हें गर्व है कि उनका बेटा लगातार मेहनत के बल पर मुक्केबाजी में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।