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Panipat News: पधारे गजानन, गणपति बप्पा मोरया के जयकारे
Tue, 15 Sep 2026 02:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 15 Sep 2026 02:28 AM IST
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मंदिर में दूर्वा अर्पण करते हरीश बंसल व अन्य। स्रोत : सभा
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। गणेश चतुर्थी पर सोमवार को औद्योगिक नगरी पानीपत गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंज उठी। शहर के विभिन्न गणेश मंदिरों में विधि-विधान से भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। किला मैदान में शोभायात्रा के साथ पुणे से लाई गई पांच फीट ऊंची मिट्टी की गणेश प्रतिमा स्थापित की गई। शोभायात्रा में महाराष्ट्र के ढोल आकर्षण का केंद्र रहे। प्रतिमा का 24 सितंबर को यमुना नदी में विसर्जन किया जाएगा।
किला मैदान में ढोल-नगाड़ों के साथ निकली शोभायात्रा लालबत्ती चौक से शुरू होकर इंसार बाजार और सराफा बाजार होते हुए किला मैदान पहुंची। यहां विधि-विधान से पूजन के बाद प्रतिमा स्थापित की गई। शाम को महिला मंडली ने संकीर्तन किया और भंडारे का आयोजन हुआ।
भाटिया कॉलोनी स्थित गणेश मंदिर में भी श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ विशेष पूजन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। पंडित विवेक शास्त्री के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश को तिलक, पुष्प और दूर्वा अर्पित कर आरती की। मंदिर सभा के सदस्य हरीश बंसल ने बताया कि इस दौरान मंदिर परिसर गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि, शांति व खुशहाली की कामना की तथा विघ्नहर्ता से कष्ट और बाधाएं दूर करने की प्रार्थना की।
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पंडित विवेक शास्त्री ने कहा कि भगवान गणेश प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता हैं। किसी भी शुभ कार्य का शुभारंभ उनके स्मरण और पूजन से किया जाता है। गणेश चतुर्थी जीवन से अहंकार, नकारात्मकता और बुराइयों को दूर कर धर्म, संस्कार, सेवा और सद्भावना के मार्ग पर चलने का संदेश देती है।
कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर दीपक अरोड़ा, बलदेव गांधी, सुभाष, नरेश डावर, सुदेश बंसल और आशु गांधी सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
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पानीपत। गणेश चतुर्थी पर सोमवार को औद्योगिक नगरी पानीपत गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंज उठी। शहर के विभिन्न गणेश मंदिरों में विधि-विधान से भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। किला मैदान में शोभायात्रा के साथ पुणे से लाई गई पांच फीट ऊंची मिट्टी की गणेश प्रतिमा स्थापित की गई। शोभायात्रा में महाराष्ट्र के ढोल आकर्षण का केंद्र रहे। प्रतिमा का 24 सितंबर को यमुना नदी में विसर्जन किया जाएगा।
किला मैदान में ढोल-नगाड़ों के साथ निकली शोभायात्रा लालबत्ती चौक से शुरू होकर इंसार बाजार और सराफा बाजार होते हुए किला मैदान पहुंची। यहां विधि-विधान से पूजन के बाद प्रतिमा स्थापित की गई। शाम को महिला मंडली ने संकीर्तन किया और भंडारे का आयोजन हुआ।
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भाटिया कॉलोनी स्थित गणेश मंदिर में भी श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ विशेष पूजन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। पंडित विवेक शास्त्री के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश को तिलक, पुष्प और दूर्वा अर्पित कर आरती की। मंदिर सभा के सदस्य हरीश बंसल ने बताया कि इस दौरान मंदिर परिसर गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि, शांति व खुशहाली की कामना की तथा विघ्नहर्ता से कष्ट और बाधाएं दूर करने की प्रार्थना की।
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पंडित विवेक शास्त्री ने कहा कि भगवान गणेश प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता हैं। किसी भी शुभ कार्य का शुभारंभ उनके स्मरण और पूजन से किया जाता है। गणेश चतुर्थी जीवन से अहंकार, नकारात्मकता और बुराइयों को दूर कर धर्म, संस्कार, सेवा और सद्भावना के मार्ग पर चलने का संदेश देती है।
कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर दीपक अरोड़ा, बलदेव गांधी, सुभाष, नरेश डावर, सुदेश बंसल और आशु गांधी सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।

मंदिर में दूर्वा अर्पण करते हरीश बंसल व अन्य। स्रोत : सभा

मंदिर में दूर्वा अर्पण करते हरीश बंसल व अन्य। स्रोत : सभा