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मांगें नहीं मानीं तो 26 से बंद रहेगी मंडी
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
Updated Fri, 23 Sep 2016 12:26 AM IST
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- फोटो : demo pic
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सरकार ने मंडियों में एक नवंबर से धान की ऑनलाइन खरीद की घोषणा की है। इसके विरोध में प्रदेश के आढ़ती एकजुट हो गए हैं। वीरवार को कुरुक्षेत्र नई अनाज मंडी में हुई मीटिंग में जिलेभर से करीब 400 आढ़तियों ने भाग लिया। इसमें निर्णय लिया गया कि यदि आढ़तियों की मांगें नहीं मानी गईं तो 26 सितंबर से मंडी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएगी। मीटिंग के बाद आढ़तियों का एक दल सीएम मनोहर लाल से मिलने के लिए रवाना हो गया।
पानीपत नई अनाज मंडी के प्रधान धर्मबीर मलिक ने बताया कि सरकार के ऑनलाइन धान की खरीद के विरोध में कुरुक्षेत्र में बुलाई गई मीटिंग में जिलेभर की मंडियों से सैकड़ों आढ़तियों ने भाग लिया। आढ़तियों की मांग है कि सरकार ऑनलाइन धान की खरीद करें, लेकिन इसका बोझ आढ़तियों पर न डालें। सरकार आढ़तियों पर कंप्यूटर और अन्य खर्च न डाले। धान का भुगतान सीधे आढ़तियों के खाते में ट्रांसफर करने से किसान भी खुश नहीं है।
क्योंकि, किसान के खाते में भुगतान आते ही बैंक उस रकम से लोन को चुकता कर लेगा। किसान आढ़ती दोनों खाली हाथ रह जाएंगे। प्रदेश के आढ़तियों का निजी मिलों पर करीब 750 करोड़ रुपये बकाया है।
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इसमें जिले के आढ़तियों के करीब 100 करोड़ रुपये बकाया है। मांग की गई कि सरकार एक्सपोर्टरों पर केस दर्ज करें और आढ़तियों को भुगतान दिलवा। इस मौके पर दिलावर मलिक, मनोज, गुलाब, राजू, बलवान शर्मा, संजय कादियान, सुमेर सिंह, तेजेंद्र, बलबीर मास्टर, विनोद छौक्कर, चक्रवर्ती शर्मा, दुलीचंद आदि मौजूद रहे।
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पानीपत नई अनाज मंडी के प्रधान धर्मबीर मलिक ने बताया कि सरकार के ऑनलाइन धान की खरीद के विरोध में कुरुक्षेत्र में बुलाई गई मीटिंग में जिलेभर की मंडियों से सैकड़ों आढ़तियों ने भाग लिया। आढ़तियों की मांग है कि सरकार ऑनलाइन धान की खरीद करें, लेकिन इसका बोझ आढ़तियों पर न डालें। सरकार आढ़तियों पर कंप्यूटर और अन्य खर्च न डाले। धान का भुगतान सीधे आढ़तियों के खाते में ट्रांसफर करने से किसान भी खुश नहीं है।
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क्योंकि, किसान के खाते में भुगतान आते ही बैंक उस रकम से लोन को चुकता कर लेगा। किसान आढ़ती दोनों खाली हाथ रह जाएंगे। प्रदेश के आढ़तियों का निजी मिलों पर करीब 750 करोड़ रुपये बकाया है।
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इसमें जिले के आढ़तियों के करीब 100 करोड़ रुपये बकाया है। मांग की गई कि सरकार एक्सपोर्टरों पर केस दर्ज करें और आढ़तियों को भुगतान दिलवा। इस मौके पर दिलावर मलिक, मनोज, गुलाब, राजू, बलवान शर्मा, संजय कादियान, सुमेर सिंह, तेजेंद्र, बलबीर मास्टर, विनोद छौक्कर, चक्रवर्ती शर्मा, दुलीचंद आदि मौजूद रहे।