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पिता और दो भाइयों ने कर दी छोटे भाई की हत्या
अमर उजाला, पानीपत
Updated Sun, 22 Sep 2013 10:04 PM IST
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पानीपत के समालखा में थाना क्षेत्र के गांव आट्टा में पिता और दो बड़े भाइयों ने जमीन विवाद में छोटे भाई की हत्या कर दी। हत्या कर उसका शव तूड़ी के कमरे के बाहर फेंक दिया। उसकी गर्दन पर रस्सी और चोट के निशान मिले हैं।
सुबह के समय उसका शव पड़ा मिलने और दो भाइयों और पिता का नाम आने पर पूरे गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को पीजीआई रोहतक में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया।
पत्नी की शिकायत पर दोनों भाइयों और पिता समेत अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पिता और एक भाई हत्या के एक अन्य मामले में हाईकोर्ट से जमानत पर हैं।
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थाना समालखा के आट्टा गांव में रविवार सुबह सत्यवान (28) का शव घर में तूड़ी के कमरे के बाहर पड़ा मिला, जिसको देखकर परिवार के लोगों में हल्ला मच गया। कुछ ही देर में ग्रामीण जमा हो गए और सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।
जांच के बाद पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया। जहां पर चिकित्सकों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शव को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। पुलिस ने पत्नी नीलम के बयान पर ससुर रणजीत और दोनों जेठ कुलदीप व जोगेंद्र को नामजद कर अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
बीमार भैंस को देखने गया था
नीलम ने बताया कि शनिवार को उनकी भैंस बीमार हो गई थी। वह सत्यवान के साथ रात 10 बजे तक बैठी रही। 10 बजे सत्यवान अपने पिता के साथ बीमार भैंस को देखने को चला गया। उसी दौरान उसको नींद आ गई और वह सो गई। उसकी सुबह नींद खुली तो सत्यवान कमरे में नहीं मिला। वह कमरे से बाहर निकली तो सत्यवान तूड़ी के कमरे के बाहर पड़ा हुआ था। उसने पास आकर देखा तो वह मृत मिला और उसके गले पर चोट व रस्सी के निशान थे।
परिजन रखते थे प्रापर्टी से दूर
नीलम ने आरोप लगाया कि सत्यवान ट्रक चलाकर अपने परिवार को पालन पोषण करता था। उसका पिता रणजीत और दोनों बड़े भाई कुलदीप व जोगेंद्र हिस्सा नहीं दे रहे थे और उसको धमकी देते थे। उन्होंने उनकी धमकी के डर से गांव धर्मगढ़ में रहना शुरू कर दिया।
दो माह पहले ही आए थे आट्टा
नीलम ने बताया कि सत्यवान और वह अपनी तीन साल की बच्ची के साथ दो माह पहले ही आट्टा गांव में आकर रहने लगे थे। उसके पिता ने उनको खाली प्लाट दे रखा था। जिस पर उन्होंने अपना मकान तैयार कराया था।
रणजीत व कुलदीप हैं हाईकोर्ट से जमानती
रणजीत व कुलदीप पर हत्या का पहले भी केस चल रहा है और वे दोनों हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पांच-छह साल पहले कुलदीप की पत्नी की हत्या कर दी थी। जिसके आरोप रणजीत और कुलदीप पर लगे थे। कोर्ट से सजा होने के बाद वे हाईकोर्ट में चले गए। जहां से उन दोनों को जमानत मिल गई।
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सुबह के समय उसका शव पड़ा मिलने और दो भाइयों और पिता का नाम आने पर पूरे गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को पीजीआई रोहतक में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया।
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पत्नी की शिकायत पर दोनों भाइयों और पिता समेत अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पिता और एक भाई हत्या के एक अन्य मामले में हाईकोर्ट से जमानत पर हैं।
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थाना समालखा के आट्टा गांव में रविवार सुबह सत्यवान (28) का शव घर में तूड़ी के कमरे के बाहर पड़ा मिला, जिसको देखकर परिवार के लोगों में हल्ला मच गया। कुछ ही देर में ग्रामीण जमा हो गए और सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।
जांच के बाद पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया। जहां पर चिकित्सकों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शव को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। पुलिस ने पत्नी नीलम के बयान पर ससुर रणजीत और दोनों जेठ कुलदीप व जोगेंद्र को नामजद कर अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
बीमार भैंस को देखने गया था
नीलम ने बताया कि शनिवार को उनकी भैंस बीमार हो गई थी। वह सत्यवान के साथ रात 10 बजे तक बैठी रही। 10 बजे सत्यवान अपने पिता के साथ बीमार भैंस को देखने को चला गया। उसी दौरान उसको नींद आ गई और वह सो गई। उसकी सुबह नींद खुली तो सत्यवान कमरे में नहीं मिला। वह कमरे से बाहर निकली तो सत्यवान तूड़ी के कमरे के बाहर पड़ा हुआ था। उसने पास आकर देखा तो वह मृत मिला और उसके गले पर चोट व रस्सी के निशान थे।
परिजन रखते थे प्रापर्टी से दूर
नीलम ने आरोप लगाया कि सत्यवान ट्रक चलाकर अपने परिवार को पालन पोषण करता था। उसका पिता रणजीत और दोनों बड़े भाई कुलदीप व जोगेंद्र हिस्सा नहीं दे रहे थे और उसको धमकी देते थे। उन्होंने उनकी धमकी के डर से गांव धर्मगढ़ में रहना शुरू कर दिया।
दो माह पहले ही आए थे आट्टा
नीलम ने बताया कि सत्यवान और वह अपनी तीन साल की बच्ची के साथ दो माह पहले ही आट्टा गांव में आकर रहने लगे थे। उसके पिता ने उनको खाली प्लाट दे रखा था। जिस पर उन्होंने अपना मकान तैयार कराया था।
रणजीत व कुलदीप हैं हाईकोर्ट से जमानती
रणजीत व कुलदीप पर हत्या का पहले भी केस चल रहा है और वे दोनों हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पांच-छह साल पहले कुलदीप की पत्नी की हत्या कर दी थी। जिसके आरोप रणजीत और कुलदीप पर लगे थे। कोर्ट से सजा होने के बाद वे हाईकोर्ट में चले गए। जहां से उन दोनों को जमानत मिल गई।