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Panipat News: उद्यमियों ने एमएस कनेक्शन 49 से बढ़ाकर 150 किलोवाट करने की मांग उठाई

Sat, 13 Jun 2026 02:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Updated Sat, 13 Jun 2026 02:54 AM IST
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Entrepreneurs have demanded an increase in the MS connection load from 49 kW to 150 kW.
​शिक्षा मंत्री के साथ बैठक में चर्चा करते उद्यमी। स्रोत : संगठन - फोटो : samvad
माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। शहर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के उद्यमियों ने शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मूलभूत सुविधाओं, सड़क, बिजली और श्रम से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उद्यमियों ने पानीपत में एमएस बिजली कनेक्शन की क्षमता 49 किलोवाट से बढ़ाकर 150 किलोवाट करने की मांग की। यह मांग दिल्ली और गुजरात की तर्ज पर की गई है।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने शुक्रवार को पानीपत के चार प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के उद्यमियों के साथ बैठक की। ये बैठकें सेक्टर-29-1, सेक्टर-29-2, सेक्टर-25-1 और सेक्टर-25-2 में आयोजित की गईं। इन बैठकों में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं रखीं। सेक्टर-29-1 के प्रधान भगवान अग्रवाल ने बिजली से संबंधित मांग को उठाया।
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उन्होंने कहा कि पानीपत के उद्यमियों की बिजली से संबंधित मांग लंबे समय से विचाराधीन है। पड़ोसी प्रदेश दिल्ली व गुजरात में उद्यमियों को 150 किलोवाट के कनेक्शन एमएस में दिए जाते हैं जबकि पानीपत समेत पूरे प्रदेश में एमएस कनेक्शन 49 किलोवाट तक दिया जाता है। यहां भी 150 किलोवाट किया जाए। इससे उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी। मंत्री ने उद्यमियों को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया।
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प्रदूषण और डाइंग उद्योग की चुनौतियां
सेक्टर-29-2 के प्रधान नितिन अरोड़ा ने डाइंग उद्योग से जुड़ी समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने एक मांगपत्र भी सौंपा। अरोड़ा ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सख्त नियमों के कारण डाइंग इकाइयों को चलाना मुश्किल हो गया है। बोर्ड द्वारा उपकरण लगाने के लिए तय की गई कंपनियां महंगे उपकरण बेचती हैं। इन महंगे उपकरणों का प्रयोग करने के बाद भी उद्यमियों को इकाइयां चलाने में दिक्कत आ रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड थोड़ी सी कमी मिलने पर भी क्लोजर नोटिस जारी कर रहा है।

कुशल श्रमिकों की कमी और तकनीकी शिक्षा
उद्यमी हरचरण सिंह धम्मू और विभू पालीवाल ने कुशल श्रमिकों की उपलब्धता को एक बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि कई इकाइयों में पर्याप्त वेतन के बावजूद श्रमिक नहीं मिल रहे हैं। तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवाओं की भी कमी है। उद्यमियों ने विद्यालय स्तर से ही तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में टेक्सटाइल और अन्य उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की भी मांग की।


सरकार का आश्वासन और निवेश पर जोर
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने उद्योगपतियों को समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए कार्य कर रही है। सरकार निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर भी ध्यान दे रही है। मंत्री ने बताया कि सरकार उद्योगों के विकास, रोजगार सृजन और बेहतर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह प्रयास प्रदेश में औद्योगिक वृद्धि को बढ़ावा देगा।
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