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Panipat News: कर्मचारियों ने मुंडन कराकर जताया विरोध
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पानीपत। नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी 18 दिन से हड़ताल पर हैं। फिलहाल एनएचएम संघ ने 16 अगस्त तक हड़ताल पर रहने की एलान किया है।
सोमवार को एनएचएम के पांच कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप अपना मुंडन कराया। हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। स्वास्थ्य केंद्रों से रेफरल बढ़ गया है। एसएनसीयू से 18 दिनों में 21 नवजात रेफर किए गए हैं। इस तरह सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेफरल सेंटर बन गए हैं।
एसएनसीयू वार्ड में कार्यरत तीन बाल रोग विशेषज्ञ व 12 नर्सिंग ऑफिसर एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत हैं। ये सब हड़ताल में शामिल हैं। पिछले 18 दिन में यहां से 21 नवजातों को रेफर किया जा चुका है। फिलहाल यहां 12 नवजात दाखिल हैं। जिला नागरिक अस्पताल, पीएचसी व सीएचसी से 400 से अधिक मरीज रेफर हो चुके हैं। डिलीवरी की दर भी 20 प्रतिशत तक कम हुई है।
उधर सोमवार को भी एनएचएम कर्मचारियों ने जिला नागरिक अस्पताल के ओपीडी गेट पर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन व नारेबाजी की। एनएचएम संघ के जिलाध्यक्ष अमित मलिक ने कहा कि सरकार का उनके प्रति रुख सही नहीं है। हड़ताल से लोगों को परेशानी की जिम्मेदार सरकार है। सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। उनकी मांग है कि उन्हें सातवां पे स्केल दिया जाए। उनको पक्का किया जाए, ईएल , चिकित्सा सुविधा, सेवानिवृति पर ग्रेज्युटी व नौकरी की सुरक्षा जाए
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एसएनसीयू वार्ड में एक डॉक्टर
जिला नागरिक अस्पताल में अब सीनियर कंसल्टेंट डॉ. आलोक जैन व डॉ. निहारिका दो बाल रोष विशेषज्ञ हैं। डॉ. निहारिका पर ओपीडी के साथ साथ एसएनसीयू वार्ड में ऑन कॉल ड्यूटी पर आने के निर्देश हैं। एसएनसीयू वार्ड की वह नर्सिंग ऑफिसर हड़ताल में है जिनको एसएनसीयू वार्ड संचालित करने का प्रशिक्षण है। इसलिए यहां से नवजातों को रेफर करना पड़ रहा है।
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यह सेवाएं भी प्रभावित-
- एंटी लार्वा एक्टिविटी ।
- नियमित टीकाकरण कार्यक्रम ।
- एंबुलेंस सेवाएं।
- पोषण संबंधी जागरूकता कार्यक्रम।
- निरोगी हरियाणा कार्यक्रम।
- डिलीवरी। ।
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सोमवार को एनएचएम के पांच कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप अपना मुंडन कराया। हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। स्वास्थ्य केंद्रों से रेफरल बढ़ गया है। एसएनसीयू से 18 दिनों में 21 नवजात रेफर किए गए हैं। इस तरह सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेफरल सेंटर बन गए हैं।
एसएनसीयू वार्ड में कार्यरत तीन बाल रोग विशेषज्ञ व 12 नर्सिंग ऑफिसर एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत हैं। ये सब हड़ताल में शामिल हैं। पिछले 18 दिन में यहां से 21 नवजातों को रेफर किया जा चुका है। फिलहाल यहां 12 नवजात दाखिल हैं। जिला नागरिक अस्पताल, पीएचसी व सीएचसी से 400 से अधिक मरीज रेफर हो चुके हैं। डिलीवरी की दर भी 20 प्रतिशत तक कम हुई है।
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उधर सोमवार को भी एनएचएम कर्मचारियों ने जिला नागरिक अस्पताल के ओपीडी गेट पर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन व नारेबाजी की। एनएचएम संघ के जिलाध्यक्ष अमित मलिक ने कहा कि सरकार का उनके प्रति रुख सही नहीं है। हड़ताल से लोगों को परेशानी की जिम्मेदार सरकार है। सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। उनकी मांग है कि उन्हें सातवां पे स्केल दिया जाए। उनको पक्का किया जाए, ईएल , चिकित्सा सुविधा, सेवानिवृति पर ग्रेज्युटी व नौकरी की सुरक्षा जाए
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एसएनसीयू वार्ड में एक डॉक्टर
जिला नागरिक अस्पताल में अब सीनियर कंसल्टेंट डॉ. आलोक जैन व डॉ. निहारिका दो बाल रोष विशेषज्ञ हैं। डॉ. निहारिका पर ओपीडी के साथ साथ एसएनसीयू वार्ड में ऑन कॉल ड्यूटी पर आने के निर्देश हैं। एसएनसीयू वार्ड की वह नर्सिंग ऑफिसर हड़ताल में है जिनको एसएनसीयू वार्ड संचालित करने का प्रशिक्षण है। इसलिए यहां से नवजातों को रेफर करना पड़ रहा है।
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यह सेवाएं भी प्रभावित-
- एंटी लार्वा एक्टिविटी ।
- नियमित टीकाकरण कार्यक्रम ।
- एंबुलेंस सेवाएं।
- पोषण संबंधी जागरूकता कार्यक्रम।
- निरोगी हरियाणा कार्यक्रम।
- डिलीवरी। ।