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Panipat News: निर्जला एकादशी पर ठंडे पानी की छबील व मिट्टी के मटके दान कर कमाया पुण्य
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पानीपत। निर्जला एकादशी पर शहर समेत पूरे जिले में लोगों ने छबील और भंडारा लगाया। मुख्य सड़कों के साथ गलियों में पानी की छबील लगाकर जल सेवा की। शहर में करीब 200 स्थानों पर छबील लगाई गई। इसके साथ खरबूज का प्रसाद बांटा। लोगों ने कहीं पर मीठा तो कहीं पर जलजीरे के पानी की छबील लगाई। प्राचीन श्री देवी मंदिर में निर्जला एकादशी पर कथा की। आचार्य लालमणि पांडेय ने विष्णु भगवान की कथा का गुणगान किया। साथ ही मंदिर में
डेरा बाबा जोध सचियार में निर्जला एकादशी पर ठंडे पानी की छबील लगाई गई। डेरा बाबा जोध सचियार के कमेटी पदाधिकारियों ने बताया कि निर्जला एकादशी पर दान करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन जो व्यक्ति श्रद्धापूर्वक दान करता है। उसके जीवन में धन, सुख और समृद्धि बनी रहती है। कार्यकारिणी सदस्य भाई जसपाल ने बताया कि निर्जला एकादशी हिंदू धर्म की सबसे कठिन और पुण्यदायी एकादशियों में से एक है। इस दिन बिना जल ग्रहण किए उपवास किया जाता है। इसलिए इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। इस अवसर पर आशु सेठी, सुनील, प्रदीप, सागर चुघ, अजय व राजेंद्र आदि उपस्थित रहे।
जन सेवा दल ने जिला नागरिक अस्पताल में लगाई शरबत की छबील-
दल के प्रधान कृष्ण मनचंदा व सचिव चमन लाल गुलाटी ने बताया कि दल द्वारा निर्जला एकादशी पर शरबत की छबील लगाई गई। अस्पताल में पहुंचने वाले सभी मरीजों व व्यक्तियों को शरबत पिलाया गया और दल ने पुण्य कमाया।
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निर्जला एकादशी पर राहगीरों की बुझाई प्यास, मैंगो शैक-जलजीरा का लगाई छबील-
संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। कहीं मीठा शरबत तो कहीं पर मैंगो शैक, जलजीरा व नींबू पानी की छबील लगाई। एकादशी पर जल से भरा मटका दान करने के लिए मिट्टी के मटको की खूब बिक्री हुई। रेलवे-स्टेशन के निकट हर साल की तरह श्री राधे राधे एकादशी भंडारा मंडल व जय कृष्णा मंडल ने दुकानदारों के सहयोग से जलजीरा और मैंगो शैक राहगीरों को पिलाया। मंडल के कार्यकर्ता वाहन चालकों को रोक रोककर ठंडा मीठा शरबत पिला रहे थे। मंडल संचालकों ने बताया कि यह उनका नौवां भंडारा है। वहीं बलूजे रोड पर मिट्टी के मटके व बर्तन बेचने वाले शीश राम प्रजापति ने बताया कि हिन्दू धर्म में ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी पर जल भरे मटके का दान करना बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन जल दान करने से सभी संकट दूर होते हैं और भगवान विष्णु की विशेष कृपा होती है। वे अब तक दो दर्जन से अधिक मटके बेच चुके है। मिट्टी बर्तन बेचने वाली महिला ने बताया कि एक घडे़ की कीमत 80 से 150 रुपये तक है। एक दिन में करीब 100 मटकें बिके हैं।
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डेरा बाबा जोध सचियार में निर्जला एकादशी पर ठंडे पानी की छबील लगाई गई। डेरा बाबा जोध सचियार के कमेटी पदाधिकारियों ने बताया कि निर्जला एकादशी पर दान करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन जो व्यक्ति श्रद्धापूर्वक दान करता है। उसके जीवन में धन, सुख और समृद्धि बनी रहती है। कार्यकारिणी सदस्य भाई जसपाल ने बताया कि निर्जला एकादशी हिंदू धर्म की सबसे कठिन और पुण्यदायी एकादशियों में से एक है। इस दिन बिना जल ग्रहण किए उपवास किया जाता है। इसलिए इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। इस अवसर पर आशु सेठी, सुनील, प्रदीप, सागर चुघ, अजय व राजेंद्र आदि उपस्थित रहे।
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जन सेवा दल ने जिला नागरिक अस्पताल में लगाई शरबत की छबील-
दल के प्रधान कृष्ण मनचंदा व सचिव चमन लाल गुलाटी ने बताया कि दल द्वारा निर्जला एकादशी पर शरबत की छबील लगाई गई। अस्पताल में पहुंचने वाले सभी मरीजों व व्यक्तियों को शरबत पिलाया गया और दल ने पुण्य कमाया।
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निर्जला एकादशी पर राहगीरों की बुझाई प्यास, मैंगो शैक-जलजीरा का लगाई छबील-
संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। कहीं मीठा शरबत तो कहीं पर मैंगो शैक, जलजीरा व नींबू पानी की छबील लगाई। एकादशी पर जल से भरा मटका दान करने के लिए मिट्टी के मटको की खूब बिक्री हुई। रेलवे-स्टेशन के निकट हर साल की तरह श्री राधे राधे एकादशी भंडारा मंडल व जय कृष्णा मंडल ने दुकानदारों के सहयोग से जलजीरा और मैंगो शैक राहगीरों को पिलाया। मंडल के कार्यकर्ता वाहन चालकों को रोक रोककर ठंडा मीठा शरबत पिला रहे थे। मंडल संचालकों ने बताया कि यह उनका नौवां भंडारा है। वहीं बलूजे रोड पर मिट्टी के मटके व बर्तन बेचने वाले शीश राम प्रजापति ने बताया कि हिन्दू धर्म में ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी पर जल भरे मटके का दान करना बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन जल दान करने से सभी संकट दूर होते हैं और भगवान विष्णु की विशेष कृपा होती है। वे अब तक दो दर्जन से अधिक मटके बेच चुके है। मिट्टी बर्तन बेचने वाली महिला ने बताया कि एक घडे़ की कीमत 80 से 150 रुपये तक है। एक दिन में करीब 100 मटकें बिके हैं।