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Panipat News: डॉक्टरों की हड़ताल से तीसरे दिन भी परेशान रहे मरीज, अल्ट्रासाउंड ठप
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पानीपत। सरकारी चिकित्सक एचसीएमएस एसोसिएशन के आह्वान पर दो दिन के सामूहिक अवकाश के बाद बुधवार को बेमियादी हड़ताल पर चले गए। ऐसे में जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड लगातार तीसरे दिन ठप रहा। गर्भवती व दूसरे मरीजों को वापस लौटना पड़ा। तीन दिन में करीब 75 मरीज लौटे। वहीं सिजेरियन डिलीवरी प्रभावित रही। बुधवार शाम को दो डिलीवरी सिजेरियन से कराई। हड़ताल के चलते अस्पताल में कम ही मरजी पहुंचे। यूनियन ने करीब 500 ओपीडी होने का दावा किया है। सीएमओ ने 14 चिकित्सकों के ड्यूटी पर वापस आने और 1500 ओपीडी करने का दावा किया है।
सीएचसी और पीएचसी से लेकर जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सक बुधवार को बेमियादी हड़ताल पर चले गए। इन सबके बीच 114 में 100 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। करीब 14 चिकित्सक बुधवार को अस्पताल में ड्यूटी पर वापस आ गए। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों इसराना के एनसी मेडिकल कॉलेज, ईएसआई और आयुष्मान अस्पताल से 35 चिकित्सकों की मदद से ओपीडी से लेकर एमरजैंसी तक संभाली। ऐसे में पूरा दिन मरीजों को रेफर करने का सिलसिला चलता रहा। इसके लिए अतिरिक्त एंबुलेंस भी लगाई। आपातकाल में मरीजों के आते ही उनको रेफर कर दिया गया।
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प्रसूताओं को पीजीआई खानपुर भेजा गया
जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड केंद्र बुधवार को लगातार तीसरे दिन बंद रहा। केंद्र पर एक दिन में लगभग 25 अल्ट्रासाउंड होते हैं। तीन दिन करीब 75 मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाए। रमेश नगर के विकास ने बताया कि वह अपने पेट का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आया था। उसे काफी इंतजार के बाद वापस जाना पड़ा। यही स्थित लेबर वार्ड की रही। प्रसूताओं की सिजेरियन नहीं की जा सकी। ऐसे में प्रसूताओं को पीजीआई खानपुर भेजा गया। चिकित्सकों ने बुधवार देर शाम को दो सिजेरियन डिलीवरी की।
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परेशानी मरीजों की जुबानी
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मरीजों को देखने नहीं पहुंचे चिकित्सक
सुनीता वासी भैंसवाल गांव ने बताया कि उनके पति पिछले कई दिनों से बीमार हैं। वह बुधवार को उनको लेकर अस्पताल में पहुंची लेकिन करीब एक घंटे कमरे के बाहर खड़े रहने के बाद भी चिकित्सक अपने कमरे में मरीजों को देखने के लिए नहीं पहुंचे। जिससे उन्हें निराश होकर वापस अपने घर लौटना पड़ा।
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बुखार पीड़ित होने के बाद घंटों इंतजार कर लौटा
डाहर गांव राजेंद्र ने बताया कि वह एक पैर से अशक्त है। साथ ही वह पिछले कई दिनों से बुखार से ग्रस्त है। वह सुबह ही लाइन में खड़े होकर पंजीकरण लेने के बाद चिकित्सक के कमरे के बाहर पहुंचे लेकिन कई घंटे बाद भी चिकित्सक इलाज करने के लिए नहीं पहुंचे। उन्होंने चिकित्सक सहायक को उन्हें बुलाने की गुहार लगाई लेकिन इलाज के लिए वहां कोई चिकित्सक नहीं पहुंचे। जिस कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
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चिकित्सक अपनी मांगों पर टिके
यूनियन के जिला प्रधान डॉ. रिंकू सांगवान ने बताया कि चिकित्सक एसएमओ की सीधी भर्ती के विरोध में है। सरकार ने 2024 में यूनियन की मांगों को मान लिया था लेकिन लागू नहीं किया था। अब फिर एसएमओ की सीधी भर्ती करने का सिलसिला शुरू कर दिया। सरकार से मांगों को लागू करने के लिए लगातार बातचीत चल रही हैं। वे मांगों को लागू होने तक हड़ताल जारी रखेंगे।
वर्जन :
जिला नागरिक अस्पताल में 14 चिकित्सक बुधवार को ड्यूटी पर आ गए हैं। दूसरे अस्पतालों के 35 चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। मरीजों की लगातार जांच की जा रही है। ओपीडी भी 1500 तक हुई हैं। लेबर वार्ड में दो सिजेरियन डिलीवरी कराई हैं। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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सीएचसी और पीएचसी से लेकर जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सक बुधवार को बेमियादी हड़ताल पर चले गए। इन सबके बीच 114 में 100 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। करीब 14 चिकित्सक बुधवार को अस्पताल में ड्यूटी पर वापस आ गए। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों इसराना के एनसी मेडिकल कॉलेज, ईएसआई और आयुष्मान अस्पताल से 35 चिकित्सकों की मदद से ओपीडी से लेकर एमरजैंसी तक संभाली। ऐसे में पूरा दिन मरीजों को रेफर करने का सिलसिला चलता रहा। इसके लिए अतिरिक्त एंबुलेंस भी लगाई। आपातकाल में मरीजों के आते ही उनको रेफर कर दिया गया।
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प्रसूताओं को पीजीआई खानपुर भेजा गया
जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड केंद्र बुधवार को लगातार तीसरे दिन बंद रहा। केंद्र पर एक दिन में लगभग 25 अल्ट्रासाउंड होते हैं। तीन दिन करीब 75 मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाए। रमेश नगर के विकास ने बताया कि वह अपने पेट का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आया था। उसे काफी इंतजार के बाद वापस जाना पड़ा। यही स्थित लेबर वार्ड की रही। प्रसूताओं की सिजेरियन नहीं की जा सकी। ऐसे में प्रसूताओं को पीजीआई खानपुर भेजा गया। चिकित्सकों ने बुधवार देर शाम को दो सिजेरियन डिलीवरी की।
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परेशानी मरीजों की जुबानी
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मरीजों को देखने नहीं पहुंचे चिकित्सक
सुनीता वासी भैंसवाल गांव ने बताया कि उनके पति पिछले कई दिनों से बीमार हैं। वह बुधवार को उनको लेकर अस्पताल में पहुंची लेकिन करीब एक घंटे कमरे के बाहर खड़े रहने के बाद भी चिकित्सक अपने कमरे में मरीजों को देखने के लिए नहीं पहुंचे। जिससे उन्हें निराश होकर वापस अपने घर लौटना पड़ा।
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बुखार पीड़ित होने के बाद घंटों इंतजार कर लौटा
डाहर गांव राजेंद्र ने बताया कि वह एक पैर से अशक्त है। साथ ही वह पिछले कई दिनों से बुखार से ग्रस्त है। वह सुबह ही लाइन में खड़े होकर पंजीकरण लेने के बाद चिकित्सक के कमरे के बाहर पहुंचे लेकिन कई घंटे बाद भी चिकित्सक इलाज करने के लिए नहीं पहुंचे। उन्होंने चिकित्सक सहायक को उन्हें बुलाने की गुहार लगाई लेकिन इलाज के लिए वहां कोई चिकित्सक नहीं पहुंचे। जिस कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
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चिकित्सक अपनी मांगों पर टिके
यूनियन के जिला प्रधान डॉ. रिंकू सांगवान ने बताया कि चिकित्सक एसएमओ की सीधी भर्ती के विरोध में है। सरकार ने 2024 में यूनियन की मांगों को मान लिया था लेकिन लागू नहीं किया था। अब फिर एसएमओ की सीधी भर्ती करने का सिलसिला शुरू कर दिया। सरकार से मांगों को लागू करने के लिए लगातार बातचीत चल रही हैं। वे मांगों को लागू होने तक हड़ताल जारी रखेंगे।
वर्जन :
जिला नागरिक अस्पताल में 14 चिकित्सक बुधवार को ड्यूटी पर आ गए हैं। दूसरे अस्पतालों के 35 चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। मरीजों की लगातार जांच की जा रही है। ओपीडी भी 1500 तक हुई हैं। लेबर वार्ड में दो सिजेरियन डिलीवरी कराई हैं। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।