फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   What kind of system is this in Haryana: Doctors refused to treat cancer patients, they kept wandering

हरियाणा में ये कैसी व्यवस्था: चिकित्सकों ने किया इलाज से इंकार, भटकते रहे कैंसर के मरीज

Wed, 03 Jul 2024 11:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, पानीपत (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, पानीपत (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 03 Jul 2024 11:30 AM IST
सार

सरकार की ओर से पिछले छह माह से निजी अस्पतालों को मरीजों के इलाज का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे निजी अस्पतालों के संचालक नाराज हैं और अब योजना के तहत मरीजों के इलाज से हाथ खड़े कर दिए हैं।

विज्ञापन
What kind of system is this in Haryana: Doctors refused to treat cancer patients, they kept wandering
लाइन में लगे मरीज - फोटो : संवाद

विस्तार

पानीपत की औद्योगिक नगरी में चिरायु योजना के पात्र लाखों लोगों को स्वास्थ्य की चिंता बढ़ गई है। जिले के निजी अस्पतालों ने पांच जुलाई तक चिरायु योजना के पात्रों को इलाज देने से इंकार कर दिया है। मंगलवार को भी चिरायु योजना के पात्र इलाज के लिए भटकते रहे। निजी अस्पतालों ने काउंटर पर चिरायु योजना के मरीजों को इलाज न देने के पर्चे लगा दिए। उन्होंने मंगलवार को कैंसर के मरीजों की कीमो भी करने से इंकार कर दिया गया।

विज्ञापन


निजी अस्पतालों ने सरकार को मरीजों का इलाज पांच जुलाई तक नहीं करने की चेतावनी दी है। वहीं दूसरी ओर सरकार ने सोमवार को पानीपत के निजी अस्पतालों को करीब 50 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है है। फिलहाल पानीपत के 54 निजी अस्पतालों में लगभग 110 मरीजों का इलाज चल रहा है और निजी अस्पतालों का करीब 40 करोड़ रुपये बकाया है।
विज्ञापन


दरअसल, सरकार की ओर से पिछले छह माह से निजी अस्पतालों को मरीजों के इलाज का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे निजी अस्पतालों के संचालक नाराज हैं और अब योजना के तहत मरीजों के इलाज से हाथ खड़े कर दिए हैं। योजना के तहत जिले के 54 अस्पतालों का सवा करोड़ रुपये सरकार की ओर बकाया है। प्रदेश में 575 अस्पताल इस योजना के तहत सरकार के पैनल पर हैं। पानीपत में अब तक 6.49 लाख लोगों के गोल्डन कार्ड बने हैं। इन पात्रों का भी योजना के तहत निजी अस्पतालों में इलाज बंद कर दिया जाएगा। पानीपत चिरायु योजना के गोल्डन कार्ड बनाने में प्रदेश में पांचवें स्थान पर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इलाज किया बंद, आठ हजार देकर कराई कीमो

सेक्टर 13-17 की न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी पंकज ने बताया कि वह कैंसर के मरीज हैं। वह निजी अस्पताल में इलाज के लिए आई यहां इलाज करने से इंकार कर दिया। बोला गया कि पांच जुलाई तक चिरायु योजना के मरीजों का इलाज न हीं होगा। अब उन्होंने आठ हजार रुपये देकर कीमो करवाई है।

इलाज जरूरी है, अब क्या करें : सतपाल
सोनीपत के गांव सनपेड़ा निवासी सतपाल ने बताया कि उसकी मां बिमला को कैंसर है। वह मां को इलाज के लिए लाया था। यहां आकर पता चला कि चिरायु योजना के मरीजों का इलाज बंद है। उसकी मां की तबीयत बहुत खराब है। अब पांच जुलाई के बाद इन्हें लाना पड़ेगा।

अब तक 52 हजार लोगों को मिला लाभ
चिरायु आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले के 52 हजार लोगों को अब तक इलाज मिला है। सरकार ने इन लोगों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों को 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इस योजना के तहत 500 से अधिक ह्दय रोगियों को इलाज मिला है। जिले के 54 अस्पताल इस योजना के तहत सरकार के पैनल पर हैं।

आयुष्मान योजना के तहत बने पात्रों को भी नहीं मिलेगा इलाज : डॉ. दलीप
सरकार पर निजी अस्पतालों का करोड़ों रुपये बकाया है। पांच जुलाई तक योजना के पात्रों का इलाज नहीं होगा। बकाया के लिए सरकार से कई बार मांग की जा चुकी है पर अब तक बकाया भुगतान नहीं हो सका है। ऐसे में आईएमए की प्रदेश बॉडी के निर्देशों पर चिरायु योजना के पात्रों का इलाज बंद करने का फैसला लिया गया है। -डॉ. दलीप जरवाल, अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन।

निजी अस्पतालों में इलाज न होने संबंधी उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने आईएमए से बैठक कर लोगों का इलाज करने का आग्रह किया है। उनका साफ कहना है कि स्टेट बॉडी के निर्देशों पर काम करेंगे। -डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन पानीपत।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed