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Panipat News: जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक आज, कई मुद्दों पर निर्णय की उम्मीद
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक सोमवार को जिला सचिवालय में सुबह 11 बजे होगी। सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें इस बार पिछली बैठकों के लंबित कई मामलों की रिपोर्ट रखी जाएगी। फरियादियों को इसमें न्याय की उम्मीद है। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने सभी अधिकारियों को बैठक में समय पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
अस्पताल में बच्चा बदलने का मामला अस्पताल में बच्चा बदलने का मामला इनमें प्रमुख हैं। इसमें पुलिस की जांच रिपोर्ट के साथ पीड़ित पक्ष से एक महिला व एक युवक को गवाह के रूप में पेश किया जाएगा। परिवार पुलिस द्वारा दी गई डीएनए की रिपोर्ट पर सवाल उठा चुके हैं। राजाखेड़ी गांव निवासी बजिंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी पत्नी ने 15 अगस्त को एक अस्पताल में उसकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया। यहां डॉक्टरों ने कुछ देर बाद ही बच्चे को सांस लेने की दिक्कत बताई। इसके बाद बच्चे को मॉडल टाउन स्थित एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। दोनों डॉक्टरों ने आपस में बातचीत भी की।
दूसरे निजी अस्पताल ने कुछ देर भर्ती करने के बाद परिजनों को बताया कि बच्चे की हालत और नाजुक हो गई। उसे दिल्ली ले जाने के बारे में कहा। जहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। दिल्ली के अस्पताल में डॉक्टरों ने पानीपत के दोनों निजी अस्पतालों की रिपोर्ट देखी और फिर बच्चे के माता-पिता से रिपोर्ट के बारे में जानकारी ली। महिला ने इसे अपनी रिपोर्ट बताया तो डॉक्टरों ने पूछा कि क्या आपको पहले कोई बच्चा है। महिला ने खुद के दो बच्चे होने की बात बताई। जिस पर डॉक्टर भी चौक गए और कहा कि इस रिपोर्ट के आधार पर महिला को होने वाला बच्चा जिंदा रह ही नहीं सकता है।
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पानीपत। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक सोमवार को जिला सचिवालय में सुबह 11 बजे होगी। सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें इस बार पिछली बैठकों के लंबित कई मामलों की रिपोर्ट रखी जाएगी। फरियादियों को इसमें न्याय की उम्मीद है। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने सभी अधिकारियों को बैठक में समय पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
अस्पताल में बच्चा बदलने का मामला अस्पताल में बच्चा बदलने का मामला इनमें प्रमुख हैं। इसमें पुलिस की जांच रिपोर्ट के साथ पीड़ित पक्ष से एक महिला व एक युवक को गवाह के रूप में पेश किया जाएगा। परिवार पुलिस द्वारा दी गई डीएनए की रिपोर्ट पर सवाल उठा चुके हैं। राजाखेड़ी गांव निवासी बजिंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी पत्नी ने 15 अगस्त को एक अस्पताल में उसकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया। यहां डॉक्टरों ने कुछ देर बाद ही बच्चे को सांस लेने की दिक्कत बताई। इसके बाद बच्चे को मॉडल टाउन स्थित एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। दोनों डॉक्टरों ने आपस में बातचीत भी की।
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दूसरे निजी अस्पताल ने कुछ देर भर्ती करने के बाद परिजनों को बताया कि बच्चे की हालत और नाजुक हो गई। उसे दिल्ली ले जाने के बारे में कहा। जहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। दिल्ली के अस्पताल में डॉक्टरों ने पानीपत के दोनों निजी अस्पतालों की रिपोर्ट देखी और फिर बच्चे के माता-पिता से रिपोर्ट के बारे में जानकारी ली। महिला ने इसे अपनी रिपोर्ट बताया तो डॉक्टरों ने पूछा कि क्या आपको पहले कोई बच्चा है। महिला ने खुद के दो बच्चे होने की बात बताई। जिस पर डॉक्टर भी चौक गए और कहा कि इस रिपोर्ट के आधार पर महिला को होने वाला बच्चा जिंदा रह ही नहीं सकता है।
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