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Panipat News: टीके से वंचित बच्चों, किशोरों और युवाओं को तलाशेगा विभाग, होगा टीकाकरण
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पानीपत। स्वास्थ्य विभाग का नियमित टीकाकरण अभियान सोमवार से शुरू हो गया है। अभियान से पहले एएनएम को प्रशिक्षण भी दिया। जिलेभर में ऐसे बच्चे और किशोर तलाशे गए, जिनका टीकाकरण छूट गया था। अभियान के पहले दिन जिले में 69 सत्र आयोजित किए। यहां पर 634 बच्चों और 88 गर्भवतियों का टीकाकरण किया।
इनमें से अधिकतर बच्चे झुग्गी झाेपड़ियों और ग्रामीण क्षेत्रों में मिले। अभियान के तहत लोगों को नियमित टीकाकरण के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में नियमित टीकाकरण 90 फीसद है। बावजूद इसके पिछले दो साल में विभिन्न कारणों से जिले में 209 बच्चों की मौत हुई है। ये चिंतनीय है, इसको लेकर अधिकारियों की लगातार समीक्षा बैठक भी हुई है।
कोरोना के कारण पिछड़ा था टीकाकरण
2019 से 2022 तक कोरोना का स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव रहा। कोरोना के कारण नियमित टीकाकरण भी काफी पिछड़ गया। इसमें दौरान महज 75 प्रतिशत बच्चों का ही टीकाकरण हो पाया। जिन बच्चों का टीका रह गया उनको तलाशकर टीका लगाना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग का इस अभियान के दौरान फोकस एमआर वन और एमआर टू पर है। एमआर वन के अंतर्गत 9-11 आयु वर्ग के बच्चे और एमआर टू के अंतर्गत 16-24 आयु वर्ग के किशोर आते हैं। अभियान के दौरान पांच साल के बच्चों को डीपीटी, टीटी-10 और टीडी-16 टीकाकरण लगाया जा रहा है। पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर ने भी डॉक्टरों को निर्देश दिए है कि अस्पताल में आने वाले बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। लोगों को टीके के प्रति जागरूक किया जाए।
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वर्जन
नियमित टीकाकरण अभियान 17 जून तक चलेगा। इसके लिए जिलेभर में सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। जिन बच्चों , किशोरों व युवाओं का टीका छूट गया है उनको पहले चिह्नित किया जा चुका है।
डॉ. शशि गर्ग, डिप्टी सिविल सर्जन
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इनमें से अधिकतर बच्चे झुग्गी झाेपड़ियों और ग्रामीण क्षेत्रों में मिले। अभियान के तहत लोगों को नियमित टीकाकरण के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में नियमित टीकाकरण 90 फीसद है। बावजूद इसके पिछले दो साल में विभिन्न कारणों से जिले में 209 बच्चों की मौत हुई है। ये चिंतनीय है, इसको लेकर अधिकारियों की लगातार समीक्षा बैठक भी हुई है।
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कोरोना के कारण पिछड़ा था टीकाकरण
2019 से 2022 तक कोरोना का स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव रहा। कोरोना के कारण नियमित टीकाकरण भी काफी पिछड़ गया। इसमें दौरान महज 75 प्रतिशत बच्चों का ही टीकाकरण हो पाया। जिन बच्चों का टीका रह गया उनको तलाशकर टीका लगाना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग का इस अभियान के दौरान फोकस एमआर वन और एमआर टू पर है। एमआर वन के अंतर्गत 9-11 आयु वर्ग के बच्चे और एमआर टू के अंतर्गत 16-24 आयु वर्ग के किशोर आते हैं। अभियान के दौरान पांच साल के बच्चों को डीपीटी, टीटी-10 और टीडी-16 टीकाकरण लगाया जा रहा है। पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर ने भी डॉक्टरों को निर्देश दिए है कि अस्पताल में आने वाले बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। लोगों को टीके के प्रति जागरूक किया जाए।
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नियमित टीकाकरण अभियान 17 जून तक चलेगा। इसके लिए जिलेभर में सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। जिन बच्चों , किशोरों व युवाओं का टीका छूट गया है उनको पहले चिह्नित किया जा चुका है।
डॉ. शशि गर्ग, डिप्टी सिविल सर्जन