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नेताओं के आने से पहले ही हटाए बैनर
पानीपत
Updated Wed, 05 Feb 2014 12:34 AM IST
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किसान नेताओं ने किसान भवन के अंदर और बाहर लगाए कुछ कांग्रेसी नेताओं के
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बैनर को तोड़कर गिरा दिया। कांग्रेसी नेताओं को यहां पहुंचने पर सब साफ
मिला। इन नेताओं के व्यवहार के चलते नेताआें में रोष है।
किसान भवन में मंगलवार को किसान मसीहा सर छोटूराम की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया और रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा मुख्य अतिथि रहे। मंगलवार सुबह ही कुछ नेताओं ने सांसद की नजरों में आने के लिए अपने बैनर बनवा लिए और किसान भवन के बाहर लगा दिए।
इसके कुछ देर बाद किसान भवन में आयोजन स्थल के आसपास बैनर लगाने शुरू कर दिए। इस पर किसान भवन में उपस्थित बुजुर्ग व कुछ किसान नेता बिफर गए। उन्होंने बैनर लगाने वालों को बाहर कर दिया। कुछ बुजुर्ग व किसान नेता उनको निकालते हुए बाहर तक आ गए।
उन्हें भवन की बिल्डिंग के बाहर भी बैनर लगे हुए मिले। बुजुर्ग नेताओं पर भड़क गए और लकड़ी के डोगे (सहारा लेकर चलने वाली छड़ी) व डंडों से किसान भवन पर लगे बैनरों को तोड़ गिराया। इन बुजुर्गों का कहना था कि यह कार्यक्रम किसान नेताओं का है न की राजनीतिज्ञ। ऐसे में यहां पर किसी पार्टी के नेताओं का बैनर व पोस्टर नहीं लगना चाहिए। कांग्रेस के इनमें से कुछ नेता मुख्य अतिथि दीपेंद्र हुड्डा के साथ पहुंचे।
यहां पर उन्होंने अपने बैनर की ओर देखा तो कहीं पर भी बैनर नजर नहीं आया। जिस पर नेता काफी देर तक गंभीर रहे और एक नेता ने बैनर लगाने वालों से संपर्क भी साधा। उन्होंने किसान नेताआें के गुस्से का हवाला देते हुए सब कुछ बता दिया। यह सुनकर नेता चुप रह गया।
किसान भवन में मंगलवार को किसान मसीहा सर छोटूराम की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया और रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा मुख्य अतिथि रहे। मंगलवार सुबह ही कुछ नेताओं ने सांसद की नजरों में आने के लिए अपने बैनर बनवा लिए और किसान भवन के बाहर लगा दिए।
इसके कुछ देर बाद किसान भवन में आयोजन स्थल के आसपास बैनर लगाने शुरू कर दिए। इस पर किसान भवन में उपस्थित बुजुर्ग व कुछ किसान नेता बिफर गए। उन्होंने बैनर लगाने वालों को बाहर कर दिया। कुछ बुजुर्ग व किसान नेता उनको निकालते हुए बाहर तक आ गए।
उन्हें भवन की बिल्डिंग के बाहर भी बैनर लगे हुए मिले। बुजुर्ग नेताओं पर भड़क गए और लकड़ी के डोगे (सहारा लेकर चलने वाली छड़ी) व डंडों से किसान भवन पर लगे बैनरों को तोड़ गिराया। इन बुजुर्गों का कहना था कि यह कार्यक्रम किसान नेताओं का है न की राजनीतिज्ञ। ऐसे में यहां पर किसी पार्टी के नेताओं का बैनर व पोस्टर नहीं लगना चाहिए। कांग्रेस के इनमें से कुछ नेता मुख्य अतिथि दीपेंद्र हुड्डा के साथ पहुंचे।
यहां पर उन्होंने अपने बैनर की ओर देखा तो कहीं पर भी बैनर नजर नहीं आया। जिस पर नेता काफी देर तक गंभीर रहे और एक नेता ने बैनर लगाने वालों से संपर्क भी साधा। उन्होंने किसान नेताआें के गुस्से का हवाला देते हुए सब कुछ बता दिया। यह सुनकर नेता चुप रह गया।