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Panipat News: पिता को बचाने के लिए नदी में कूदी बेटी, दोनों की मौत
Sun, 17 May 2026 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sun, 17 May 2026 01:10 AM IST
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पिता-पुत्री की नदी में तलाश करते गोताखोर। संवाद
सनौली (पानीपत)। थाना बापौली क्षेत्र में यमुना नदी के जलमाना घाट पर शनि अमावस्या पर यमुना नदी में नहाने गए पिता मनोज (45) और उनकी बेटी चांदनी (13) की मौत हो गई। नहाते समय छोटी बेटी के पानी में डूबने के कारण मनोज नदी में उतरे थे। बेटी को बचाने के बाद वह संतुलन खो बैठे और गहरे पानी में डूब गए। बाहर खड़ी 13 साल की बेटी ने पिता को डूबते हुए देखा तो उसने भी नदी में छलांग लगा दी। करीब एक घंटे बाद गोताखोरों की मदद से दोनों को बाहर निकाला लेकिन जब तब उनकी मौत हो चुकी थी।
मूल रूप से बिहार के पटना जिले के रहने वाले दयानंद ने बताया कि वह अधमी गांव में ईंट भट्टे पर काम करते हैं। उनके भाई मनोज भी वहां पर काम करते थे। शनिवार को छुट्टी और अमावस्या होने के कारण वह अपने 30-35 साथियों के साथ यमुना नदी में नहाने के लिए आए थे। मनोज के साथ उनकी बेटी चांदनी और दूसरी बेटी भी थी। दोपहर में करीब एक बजे नहाते समय मनोज की छोटी बेटी यमुना नदी के गहरे पानी में डूबने लगी। मनोज ने यह देखा तो उसने तुरंत ही नदी में कूदकर बेटी को बचा लिया और बाहर किनारे पर खड़े साथियों को पकड़ा दिया लेकिन इसी बीच मनोज का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में डूबने लगा।
मनोज को डूबता देख बाहर किनारे पर खड़ी उनकी बेटी चांदनी ने भी पिता को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। दोनों ने बाहर निकलने का काफी प्रयास किया लेकिन वह गहरे पानी में डूब गए। इसके बाद पुलिस और गोताखोरों को इसकी सूचना दी गई। गोताखोरों ने सर्च ऑपरेशन चलाया और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाल लिया लेकिन तब तक दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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मनोज ईंट भट्टे पर करते थे काम
दयानंद ने बताया कि मनोज के पास पांच बच्चे हैं। वह पूरे परिवार के साथ ईंट भट्टे पर ही काम करते थे। शनिवार को भट्टे के 30-35 साथियों के साथ नहाने और पकड़े धोने के लिए नदी पर आए थे। इसी दौरान उनकी डूबने से मौत हो गई।
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मूल रूप से बिहार के पटना जिले के रहने वाले दयानंद ने बताया कि वह अधमी गांव में ईंट भट्टे पर काम करते हैं। उनके भाई मनोज भी वहां पर काम करते थे। शनिवार को छुट्टी और अमावस्या होने के कारण वह अपने 30-35 साथियों के साथ यमुना नदी में नहाने के लिए आए थे। मनोज के साथ उनकी बेटी चांदनी और दूसरी बेटी भी थी। दोपहर में करीब एक बजे नहाते समय मनोज की छोटी बेटी यमुना नदी के गहरे पानी में डूबने लगी। मनोज ने यह देखा तो उसने तुरंत ही नदी में कूदकर बेटी को बचा लिया और बाहर किनारे पर खड़े साथियों को पकड़ा दिया लेकिन इसी बीच मनोज का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में डूबने लगा।
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मनोज को डूबता देख बाहर किनारे पर खड़ी उनकी बेटी चांदनी ने भी पिता को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। दोनों ने बाहर निकलने का काफी प्रयास किया लेकिन वह गहरे पानी में डूब गए। इसके बाद पुलिस और गोताखोरों को इसकी सूचना दी गई। गोताखोरों ने सर्च ऑपरेशन चलाया और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाल लिया लेकिन तब तक दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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मनोज ईंट भट्टे पर करते थे काम
दयानंद ने बताया कि मनोज के पास पांच बच्चे हैं। वह पूरे परिवार के साथ ईंट भट्टे पर ही काम करते थे। शनिवार को भट्टे के 30-35 साथियों के साथ नहाने और पकड़े धोने के लिए नदी पर आए थे। इसी दौरान उनकी डूबने से मौत हो गई।

पिता-पुत्री की नदी में तलाश करते गोताखोर। संवाद

पिता-पुत्री की नदी में तलाश करते गोताखोर। संवाद