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नालियों में नहीं बहेगा डेयरियों का गोबर

Wed, 31 Jul 2019 01:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2019 01:18 AM IST
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पानीपत। वर्मी कंपोस्टिंग प्रोजेक्ट को चेक करते स्वच्छता अधिकारी । - फोटो : panipat
जिले में चल रहीं डेयरियों का गोबर अब नालियों में नहीं बहेगा। नालियां चोक नहीं होंगी और जलभराव से लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेेगा। यह संभव होगा वर्मी कंपोस्ट प्रोजेक्ट के साथ। डेयरियों से गोबर खरीदा जाएगा और इससे वर्मी कंपोस्ट के जरिये खाद बनाई जाएगी। ऑर्गेनिक खाद एेंड बॉयो प्रोडक्ट्स कंपनी को नगर निगम की ओर से हरी झंडी दे दी गई है। इसके साथ ही रसोई से निकलने वाले गीले कूड़े भी खाद में तब्दील किया जाएगा।
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ऑर्गेनिक खाद एेंड बॉयो प्रोडक्ट्स कंपनी के चेयरमैन कर्ण गुप्ता ने बताया कि जिले में गोबर की खाद का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे जमीन की शक्ति धीरे धीरे बढ़ती है। अब केचुुआ खाद बनाई जाएगी। इस खाद में अन्य खाद से तीन गुणा ज्यादा मात्रा में पोटैशियम, नाइट्रोजन आदि होते हैं। यह पौधे व खेत के लिए लाभदायक है। नगर निगम को इसका प्रपोजल दिया गया था, जिसके बाद निगम के स्वच्छता अधिकारी राजीव सोनी ने उनको हरी झंडी दे दी। खाद को कोई भी 50 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत में खरीदा जा सकेगा। इसके लिए एक नंबर जारी किया जाएगा।
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निगम के अधिकारियों ने किया था खाद के प्लांट का निरीक्षण : नगर निगम के स्वच्छता अधिकारी राजीव सोनी व एनके साहनी ने ओकेबी के प्लांट का निरीक्षण किया था। इस प्लांट से नालियों में बहने वाले गोबर पर रोक लगेगी और किसानों को उच्च मात्रा की खाद प्राप्त होगी।
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एक माह में होता है 36 टन का प्रोडक्शन : रिफाइनरी रोड स्थित ऑर्गेनिक खाद एंड बॉयोप्रोडक्ट्स कंपनी का खाद बनाने का एक माह का 36 टन का प्रोडक्शन है। 50 किलो खाद बनाने के लिए दो किलो केचुुआ छोड़ते हैं। नीम का स्प्रे करते है।
शहरवासी व स्वच्छता रैंकिंग पर पडेे़गा असर : स्वच्छता अधिकारी राजीव सोनी का कहना है कि इस खाद से घर में रखे जाने वाले पौधे व खेेत में उगने वाली सब्जियां आदि में फायदा होगा। यह कंपनी डेयरियों से गोबर लेकर उसे वर्मी कंपोस्ट में बदलेेेंगी और उच्च मात्रा की खाद में परिवर्तित करेगी। जिसका नाम केचुआ खाद है।

पानीपत टेक्सटाइल में इजीनियरिंग करने के बाद दो साल तक टेक्सटाइल में नौकरी की है। स्टेट प्लस धारावाहिक सत्यमेव जयते के स्वच्छ भारत एपीसोड से प्रेरित हो मेरी मुलाकात सी श्रीनिवासन से हुई। उन्होंने मेरा मार्गदर्शन किया। जिसके बाद पानीपत में बहने वाले गोबर पर रोक लगाने के लिए वर्मी कंपोस्ट से खाद बनाने का फैसला किया। निगम ने हरी झंडी दे दी है।
- कर्ण गुप्ता, चेयरमैन, ऑर्जेनिक खाद एंड बॉयोप्रोडक्टस
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