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दादा, ताऊ को कुश्ती खेलता देख शुरू किया खेलना, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अंकित ने जीता स्वर्ण
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Dada started playing watching Tau playing wrestling, Ankit won gold in state level competition
- फोटो : Panipat
पानीपत। दादा और ताऊ की कुश्ती से प्रेरित होकर फ्री स्टाइल रेसलिंग चैंपियनशिप में अंकित ने जीता स्वर्ण जीता है। उनका कहना है कि इस बार वह पहले से ज्यादा तैयारी के साथ नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में भाग लेंगे और हरियाणा को स्वर्ण पदक दिलाएंगे।
सोनीपत में आयोजित हरियाणा स्टेट जूनियर रेसलिंग फ्री स्टाइल और ग्रीको रोमन चैंपियनशिप में पानीपत में दो लाल पदक लेकर वापस आए हैं। फ्री स्टाइल रेसलिंग चैंपियनशिप में अंकित ने अन्य जिले के खिलाड़ियों को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता और ग्रीको रोमन चैंपियनशिप में ललित ने कांस्य पदक जीता है।
यह प्रतियोगिता 19 व 20 मार्च को आयोजित हुई थी। जिसमें 2002 से 2005 जन्मवर्ष वाले खिलाड़ी ही भाग ले पाए थे। पानीपत से कुल 23 खिलाड़ियों का चयन हुआ था जिसमें से दो खिलाड़ी ही पदक लेकर वापस आए हैं। वहीं जूनियर महिला चैंपियनशिप में जिले के किसी खिलाड़ी का पदक नहीं आया है।
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दादा ताऊ को देखकर खेलनी शुरू की कुश्ती, जीता स्वर्ण
दादा प्रेम सिंह अंतिल और ताऊ को खेलता देख पलड़ी गांव के अंकित ने भी 11 वर्ष की आयु में गांव के ग्राउंड में ही कुश्ती खेलना शुरू कर दी। अंकित ने बताया कि उनके घर में दादा ताऊ, ताऊ के लड़के सभी कुश्ती खेलते हैं। उसके दादा प्रेम सिंह अंतरराष्ट्रीय कुश्ती कोच हैं और ताऊ नेशनल मेडलिस्ट हैं। अंकित केवल 19 वर्ष की आयु में दो नेशनल पदक जीत चुका है। वहीं एक नेशनल जूनियर कुश्ती चैंपियनशिप में अंकित के हाथ पर चोट लग गई थी। इसलिए वह राष्ट्रीय मेडल से वंचित रह गए थे। अंकित का कहना है कि इस बार वह पहले से ज्यादा तैयारी के साथ नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में भाग लेंगे और हरियाणा को स्वर्ण पदक दिलाएंगे। अंकित के पिता गांव में ही खेती करते हैं। पिता का सपना है कि बेटा दूसरे देश के खिलाड़ियों को हराकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश का नाम रोशन करे। अंकित कोच सोनू की देखरेख में रोजाना पांच से छह घंटे अभ्यास करते हैं।
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सोनीपत में आयोजित हरियाणा स्टेट जूनियर रेसलिंग फ्री स्टाइल और ग्रीको रोमन चैंपियनशिप में पानीपत में दो लाल पदक लेकर वापस आए हैं। फ्री स्टाइल रेसलिंग चैंपियनशिप में अंकित ने अन्य जिले के खिलाड़ियों को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता और ग्रीको रोमन चैंपियनशिप में ललित ने कांस्य पदक जीता है।
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यह प्रतियोगिता 19 व 20 मार्च को आयोजित हुई थी। जिसमें 2002 से 2005 जन्मवर्ष वाले खिलाड़ी ही भाग ले पाए थे। पानीपत से कुल 23 खिलाड़ियों का चयन हुआ था जिसमें से दो खिलाड़ी ही पदक लेकर वापस आए हैं। वहीं जूनियर महिला चैंपियनशिप में जिले के किसी खिलाड़ी का पदक नहीं आया है।
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दादा ताऊ को देखकर खेलनी शुरू की कुश्ती, जीता स्वर्ण
दादा प्रेम सिंह अंतिल और ताऊ को खेलता देख पलड़ी गांव के अंकित ने भी 11 वर्ष की आयु में गांव के ग्राउंड में ही कुश्ती खेलना शुरू कर दी। अंकित ने बताया कि उनके घर में दादा ताऊ, ताऊ के लड़के सभी कुश्ती खेलते हैं। उसके दादा प्रेम सिंह अंतरराष्ट्रीय कुश्ती कोच हैं और ताऊ नेशनल मेडलिस्ट हैं। अंकित केवल 19 वर्ष की आयु में दो नेशनल पदक जीत चुका है। वहीं एक नेशनल जूनियर कुश्ती चैंपियनशिप में अंकित के हाथ पर चोट लग गई थी। इसलिए वह राष्ट्रीय मेडल से वंचित रह गए थे। अंकित का कहना है कि इस बार वह पहले से ज्यादा तैयारी के साथ नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में भाग लेंगे और हरियाणा को स्वर्ण पदक दिलाएंगे। अंकित के पिता गांव में ही खेती करते हैं। पिता का सपना है कि बेटा दूसरे देश के खिलाड़ियों को हराकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश का नाम रोशन करे। अंकित कोच सोनू की देखरेख में रोजाना पांच से छह घंटे अभ्यास करते हैं।